भारत

उत्तर प्रदेश के बरेली में घर वापस लौटे मजदूरों को सैनिटाइजर से नहलाया जा रहा है. (फोटो: ट्विटर/वीडियो ग्रैब)

कोरोना: वापस उत्तर प्रदेश लौटे मजदूरों को सैनिटाइजर से नहलाया गया, विपक्ष ने बताया ‘अमानवीय’

मामला उत्तर प्रदेश बरेली शहर का है. जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने कहा कि बरेली नगर निगम एवं फायर ब्रिगेड की टीम को बसों को सैनेटाइज करने के निर्देश थे, पर अतिसक्रियता के चलते उन्होंने ऐसा कर दिया. संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

**EDS: VIDEO GRAB** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi gestures during his address to the nation on coronavirus pandemic in New Delhi, Thursday, March 19, 2020. (PTI Photo)(PTI19-03-2020_000207B)

10 सालों में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से तक़रीबन 50 फ़ीसदी राशि ही ख़र्च की गई

कोरोना वायरस से निपटने में आर्थिक मदद देने के लिए केंद्र ने ‘पीएम केयर्स फंड’ की घोषणा की है. हालांकि इसके जैसा ही पहले से मौजूद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में प्राप्त राशि का काफ़ी कम हिस्सा ख़र्च किया जा रहा है और 2019 के आख़िर तक में इसमें 3800 करोड़ रुपये का फंड बचा था.

(फोटोः वीडियोग्रैब)

राजस्थान: कोटा में चलते ट्रक से आटे की लूट, 10 गिरफ़्तार

ट्रक के मालिक का कहना है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है, जहां भुखमरी है, वहां लोग मजबूर हैं? सरकार को देखना चाहिए कि लॉकडाउन की वजह से कहीं आटे वगैरह की कमी न हो.

Poultry Farming PTI

कोरोना लॉकडाउन: पहले से बदहाल पूर्वांचल के अंडा उत्पादकों और मुर्गी पालकों पर दोहरी मार

बीते एक साल से ज़्यादा समय से मुश्किल में चल रहे पूर्वांचल के अंडा उत्पादकों और मुर्गी पालकों के लिए कोरोना के मद्देनज़र हुआ लॉकडाउन संकट बनकर उभरा है. कोरोना संक्रमण के डर से जहां मुर्गों की मांग घटी, वहीं लॉकडाउन के चलते अंडा उत्पादकों को ख़रीददार नहीं मिल रहे हैं.

Kolkata: A migrant labourer carries his daughter on a trolley bag after he could not find any transport to return to his native place during the nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, in Kolkata, Friday, March 27, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI27-03-2020 000111B)

लॉकडाउन: वेतन में कटौती न करने, मज़दूरों और छात्रों से किराया न लेने का आदेश

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी नियोक्ता, चाहे वह उद्योग में हों या दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में, लॉकडाउन की अवधि में अपने श्रमिकों के वेतन का भुगतान बिना किसी कटौती के करेंगे.

फोटो: रॉयटर्स

कोरोना से निपटने के सरकार के कदम ग़रीब-विरोधी हैं

सरकार द्वारा ग़रीबों की मदद के नाम पर स्वास्थ्य संबंधी मामूली घोषणाएं की गई हैं. हमें नहीं पता अगर कोई ग़रीब कोरोना से संक्रमित हुआ तो उसे उचित स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. अगर अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आई तो बेड और वेंटिलिटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी?

Hyderabad: A medic looks on at a patient who has shown positive symptoms for coronavirus (COVID -19) at an isolation ward in Hyderabad, Tuesday, March 10, 2020. (Credit: PTI)

कोरोना: देश में अब तक 29 लोगों की मौत, संक्रमित लोगों की संख्या 1,000 के पार

कोरोना वायरस से दुनियाभर में संक्रमित लोगों की संख्या सात लाख का आंकड़ा पार कर गई है और 33,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से पलायन करते प्रवासी मजदूर
(फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: लापरवाही के चलते दिल्ली सरकार के दो अधिकारी निलंबित, दो को कारण बताओ नोटिस

गृह मंत्रालय ने बताया कि ये अधिकारी लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य व सुरक्षा को सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं. ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने की वजह से अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई.

(फोटो साभार: ईपीएफओ)

कोरोना लॉकडाउन: कर्मचारी भविष्य निधि से पैसा निकालने की अनुमति

कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ की वजह से लोगों को राहत देने के लिए श्रम मंत्रालय ने यह कदम उठाया है.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना संकट: आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत गृह मंत्रालय ने 11 उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया

इन समितियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे कोरोना महामारी से विभिन्न क्षेत्रों में खड़ी हुई समस्याओं की पहचान कर उसका प्रभावी समाधान निकालेंगे.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: पैदल हरियाणा से यूपी जा रहे युवक की बस से कुचलकर मौत

21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद होने के बाद अपने भाई के साथ हरियाणा के सोनीपत से उत्तर प्रदेश के रामपुर जा रहे 26 वर्षीय नितिन कुमार 177 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुके थे और यह दुर्घटना उनके घर से मात्र 39 किलोमीटर की दूरी पर हुई.

(फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन में मज़दूरों का पलायन: न तो काम है और न ही पैसा

वीडियो: कोरोना वायरस फैलने के ख़तरे को देखते हुए 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर सैकड़ों-हज़ारों किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अपने घरों के लिए निकल पड़े हैं.

Migrants wait to board a bus to their native villages, during a nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, at Kaushambi in Ghaziabad, Saturday, March 28, 2020.
(Photo: PTI)

पलायन कर रहे मज़दूरों ने कहा, बीमारी से भी मरना है और भूख से भी

वीडियो: कोरोना वायरस के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले दिहाड़ी मज़दूर अपने-अपने घर जाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गईं बसों में जगह पाने के लिए देर रात भटकते रहे. गाजियाबाद के कौशाम्बी बस अड्डे पर मज़दूरों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

शुक्रवार 22 दिसंबर को गुवाहाटी में मीडिया को संबोधित करते केंद्रीय गृह सचिन राजीव गाबा (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन की समयसीमा बढ़ाने की कोई योजना नहीं: कैबिनेट सचिव

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन को 21 दिन के बाद भी बढ़ाए जाने की खबरों पर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने यह टिप्पणी की.

A sign is seen down a London street regarding self isolation as the spread of the coronavirus disease (COVID-19) continues. London, Britain March 21, 2020 REUTERS/Hannah Mckay

कोरोना: महामारी के दौर में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी ज़रूरी है

संक्रामक रोगों का सभी पर एक गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है, उन पर भी जो वायरस से प्रभावित नहीं हैं. इन बीमारियों को लेकर हमारी प्रतिक्रिया मेडिकल ज्ञान पर आधारित न होकर हमारी सामाजिक समझ से भी संचालित होती है.

गाजियाबाद के एक बस अड्डे पर घर जाने के लिए जुटी प्रवासी मजदूरों की भीड़. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: केंद्र ने कहा- प्रवासी मजदूरों का पलायन रोकने के लिए सीमाएं सील करें राज्य

राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने उनसे सुनिश्चित करने को कहा कि शहरों में या राजमार्गों पर आवाजाही नहीं हो क्योंकि लॉकडाउन जारी है.

Aligarh: Medical workers escort a suspected coronavirus patient to get in an ambulance as he is shifted to a hospital for treatment during nation-wide lockdown, in Aligarh, Wednesday, March 25, 2020. (PTI Photo)(PTI25-03-2020_000259B)

बिहारः अस्पताल ने एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई, परिवार को कंधों पर शव ले जाना पड़ा

पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने शव ले जाने के लिए पीड़िता के परिवार से कथित तौर पर 3,000 रुपये मांगें, जिसके बाद परिवार को चार किलोमीटर तक शव को कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: केरल में शराब न मिलने पर पांच लोगों ने की आत्महत्या

केरल में पहले भी कई मौकों पर शराब पर पाबंदी लगती रही है लेकिन यह पहली बार है जब देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राज्य में शराब पर पूरी तरह से पाबंदी लग गई है.

Muzaffarpur: Children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) being treated at a hospital in Muzaffarpur, Saturday, June 15, 2019. Four more children died Friday in Bihar's Muzaffarpur district reeling under an outbreak of brain fever, taking the toll to 57 this month (PTI Photo)(PTI6_15_2019_000044B)

बिहार: भूख के चलते बच्चे की मौत का आरोप, मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के दो मामले सामने आए

बीते शुक्रवार को आरा कस्बे के जवाहर टोला में रहने वाले राहुल की मौत हो गई थी. उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते वे पिछले कई दिनों से बेरोजगार बैठे हैं.

Ghaziabad: Migrant workers walk to their villages amid the nationwide complete lockdown, during a 21-day nationwide lockdown to limit the spread of coronavirus, in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)

कोरोना वायरस लॉकडाउन: पैदल यात्रा को मजबूर दिहाड़ी मज़दूर

वीडियो: कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते निर्माण कार्य में लगे मज़दूर, रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वाले, खोमचे वाले, रिक्शा चलाने वाले समेत श्रमिकों एक बड़ा वर्ग बेरोज़गार हो गया है. ​ये पैदल ही विभिन्न राज्यों में स्थित अपने घरों को लौटने के लिए मजबूर हैं.

Ghaziabad: A group of migrant workers walk to their villages amid the nationwide complete lockdown, on the NH24 near Delhi-UP Border in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. The migrants, reportedly, started their journey to their villages in Uttar Pradesh on foot after they were left with no other option following the announcement of a 21-day lockdown across the country to contain the Covid-19, caused by the novel coronavirus. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI26-03-2020 000135B)

कोरोना लॉकडाउन के चलते मज़दूरों का पलायन: सरकार नाकाम, सहारा बने आमजन

वीडियो: देश में 21 दिनों के लॉकडाउन के वजह मज़दूरों के सामने रोज़ीरोटी का संकट पैदा होने के बाद ये पैदल ही अपने घरों की ओर पलायन कर रहे हैं. यमुना एक्सप्रेस वे पर इनसे अविचल दुबे ने बातचीत की.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ट्वीट करने पर आप विधायक राघव चड्ढा पर केस दर्ज

एक ट्वीट करके आम आदमी पार्टी विधायक राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर पिटाई की गई. हालांकि, चड्ढा ने बाद अपना यह ट्वीट डिलीट कर दिया.

Thousands of migrant workers from Delhi, Haryana and even Punjab reached Anand Vihar Bus Terminus in national capital during CoronaVirus Lockdown on March 28, 2020. (Photo: PTI)

दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे का हाल, जहां लॉकडाउन में भी मज़दूरों की भीड़ लग गई

वीडियो: कोरोना वायरस की वजह से देश में लागू लॉकडाउन की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार से दिल्ली आए दिहाड़ी मज़दूरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. बीते शनिवार को लॉकडाउन के दौरान हज़ारों की संख्या में मज़दूर घर जाने के लिए दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर जमा हो गए थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

आईसीएमआर की कोरोना टेस्टिंग रणनीति त्रुटिपूर्ण, एयरपोर्ट स्क्रीनिंग अपर्याप्त: रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस महामारी के रोकने का एक ही समाधान ये है कि अगर भारत बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की टेस्टिंग करता है जिन्होंने विदेश में यात्रा नहीं की है और उनमें लक्षण दिख रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोनाः देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हुई, 979 लोग संक्रमित

स्पेन की राजुकमारी मारिया टेरेसा की कोरोना वायरस से मौत हो गई है. वह 81 साल की थीं. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो की पत्नी कोरोना से जूझने के बाद अब ठीक हो गई हैं.

In locked down India, poor migrants are on a long march back home March 27, 2020. (Photo: REUTERS/DANISH SIDDIQUI)

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से पैदल पलायन कर रहे दिहाड़ी मज़दूरों की कहानियां

वीडियो: कोरोना वायरस से सुरक्षा को लेकर देश में लागू लॉकडाउन के दौरान राजधानी दिल्ली से विभिन्न राज्यों में स्थित अपने घरों को पैदल लौट रहे दिहाड़ी मज़दूरों से इस्मत आरा और शेखर तिवारी की बातचीत.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: घर लौट रहे कर्नाटक के सात मजदूरों की तेलंगाना में सड़क दुर्घटना में मौत

दिल्ली में एक निजी रेस्टोरेंट के लिए काम करने वाले तीन बच्चों के पिता और 39 वर्षीय फूड डिलीवरी बॉय रणवीर सिंह की पैदल दिल्ली से मध्य प्रदेश जाते हुए रास्ते में मौत हो गई. सिंह की मौत 200 किलोमीटर पैदल चलने के बाद आगरा में हुई.

Patna: Medics take samples from a patient in the isolation ward of novel coronavirus (COVID-19) at Patna Medical College and Hospital (PMCH) in Patna, Saturday, March 14, 2020. (PTI Photo)(PTI14-03-2020_000040B)

बिहार: तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच नीतीश सरकार की लचर तैयारी

बिहार में दिनोंदिन बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच संक्रमित मरीज़ों के इलाज में लगे डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त आइसोलेशन बेड व सुरक्षा उपाय तो दूर, उन्हें सबसे बुनियादी चीज़ें मास्क और सैनिटाइज़र तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.

Justice Ranjan-gogoi PTI

‘जस्टिस गोगोई के राज्यसभा पहुंचने के बाद हर जज और उनके दिए फ़ैसले पर सवाल उठेंगे’

पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा सदस्य के तौर पर मनोनीत करने की पूर्व न्यायाधीशों और विपक्षी दलों ने आलोचना की है. ऐसा भी कहा गया कि उन्हें सरकार को फायदा पहुंचाने के एवज में यह पद मिला है. इस बारे में पटना हाईकोर्ट की पूर्व जज अंजना प्रकाश से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

Ghaziabad: Migrant labourers made to sit under a flyover on the Hapur Road at a safe social distance by the district administration, during complete lockdown in the view coronavirus pandemic, in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)

कोरोना लॉकडाउन: ग़रीब और कमज़ोर तबके की मदद के लिए क्या उपाय किया जा सकते हैं

देशभर में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन से उत्पन्न आर्थिक स्थितियां उन लोगों को बुरी तरह प्रभावित करेंगी, जो इस महामारी से तो शायद बच जाएंगे, लेकिन रोज़मर्रा की आवश्यक ज़रूरतों का पूरा न होना उनके लिए अलग मुश्किलें खड़ी करेगा.