मीडिया

(इलस्ट्रेशन: द वायर)

केंद्र सरकार ने विवादित डिजिटल मीडिया नियमों से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने से इनकार किया

विशेष रिपोर्ट: केंद्र द्वारा लाए गए डिजिटल मीडिया के नए नियमों को लेकर हो रहे विरोध में एक मुद्दा इस बारे में हितधारकों के साथ समुचित चर्चा न होने का है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इन्हें बनाने से पहले हुए विचार-विमर्श के नाम पर दो सेमिनार और एक मीटिंग का हवाला दिया है, हालांकि इसमें से किसी के भी मिनट्स तैयार नहीं किए गए हैं.

यूट्यूब द्वारा डिलीट किए गए वीडियो का स्क्रीनग्रैब और जिसे मिल्लत टाइम्स ने फेसबुक पर पब्लिश किया था.

लॉकडाउन के ख़िलाफ़ मज़दूरों के प्रदर्शन के वीडियो पर यूट्यूब ने ‘मिल्लत टाइम्स’ को ब्लॉक किया

समाचार वेबसाइट ‘मिल्लत टाइम्स’ की 9 अप्रैल की महाराष्ट्र में कोविड-19 लॉकडाउन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन पर एक वीडियो रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इसके चीफ एडिटर ने बताया कि अधिकतर प्रदर्शनकारी दिहाड़ी मज़दूर थे. वे मुख्यमंत्री निवास के पास विरोध कर रहे थे और उन मुद्दों के बारे में बोल रहे थे, जिनका सामना वे लॉकडाउन के कारण करेंगे.

राजेश कुंडु. (फोटो: फेसबुक/RajeshRudraKundu)

हरियाणा: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पत्रकार के ख़िलाफ़ ‘साइबर-आतंकवाद’ का मामला दर्ज

एक समाचार पोर्टल चलाने वाले हिसार के पत्रकार राजेश कुंडू को ज़िले में हिंसा होने की आशंका संबंधी पोस्ट करने पर हरियाणा पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पत्रकारों समेत विपक्षी दलों ने इसका विरोध करते हुए मामले को तुरंत वापस लेने की मांग की है.

पत्नी एमी बरूआ के साथ भाजपा नेता और मंत्री पीयूष हजारिका. (फोटो साभार: फेसबुक)

असम के मंत्री ने पत्रकार को ‘गायब’ करने की धमकी दी, कांग्रेस ने उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की

असमी समाचार चैनल प्रतिदिन टाइम्स ने एक ऑडियो क्लिप प्रसारित किया था, जिसमें कथित तौर पर मंत्री और भाजपा नेता पीयूष हज़ारिका को पत्रकार नजरूल इस्लाम से बातचीत करते सुना जा सकता है. इस बातचीत के दौरान मंत्री ने नजरूल और एक अन्य पत्रकार तुलसी को उनके घरों से घसीट कर बाहर निकालने और ‘गायब’ करने की धमकी दी.

असम के अखबारों में भाजपा की ओर से दिया गया विज्ञापन. (फोटो साभार: ट्विटर)

असम: भाजपा के विज्ञापन को लेकर मुख्यमंत्री, भाजपा अध्यक्ष और आठ अख़बारों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

कांग्रेस का आरोप है कि समाचार की शक्ल में छपे इस विज्ञापन के ज़रिये भाजपा ने ऊपरी असम की उन सभी सीटों पर अपनी जीत का दावा किया है, जहां 27 मार्च को पहले चरण में मतदान हुआ था. कांग्रेस की शिकायत के आधार पर निर्वाचन आयोग ने असम के अख़बारों को नोटिस जारी किया है.

सुनील कुमार दत्ता.

उत्तर प्रदेश: आज़मगढ़ में फोटो पत्रकार का कार्यालय प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर ढहाया

आज़मगढ़ शहर के वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट सुनील कुमार दत्ता का कहना है कि नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2000 में उन्हें यह ज़मीन किराये पर आवंटित की थी, जहां उन्होंने कार्यालय बनाया था. उनका आरोप है कि कार्यालय ख़ाली करने के तय समय से पहले ही इसे प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया.

Patricia mukhim facebook

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार पैट्रिशिया मुखीम के ख़िलाफ़ फेसबुक पोस्ट को लेकर दर्ज केस रद्द किया

ये मामला तीन जुलाई 2020 को किए गए एक फेसबुक पोस्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक पैट्रिशिया मुखीम ने ग़ैर-आदिवासी युवाओं पर हुए हमले को लेकर सवाल उठाया था. राज्य सरकार का कहना था कि ऐसा करके मुखीम ने मामले को सांप्रदायिक रंग दिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

एडिटर्स गिल्ड ने प्रधानमंत्री से नए डिजिटल मीडिया नियमों को स्थगित करने की अपील की

सोशल मीडिया मंचों के दुरुपयोग रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए नियमों को लेकर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि ये नियम दमनकारी और प्रेस की आज़ादी के प्रतिकूल हैं.

(फोटो साभार: nominalize/Pixabay)

संसदीय समिति सदस्यों ने ओटीटी, सोशल मीडिया मंचों के लिए नए नियमों पर सवाल खड़े किए

संसदीय समिति के सदस्यों ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछा कि क्या नियम कानूनी ढांचे के अनुरूप हैं? नियामक व्यवस्था में केवल नौकरशाह ही क्यों हैं और नागरिक समाज, न्यायपालिका तथा पेशेवर लोगों का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं है?

AKI 8 March 2021.00_24_14_01.Still008

मीडिया बोल: सच लिखने-बोलने का छोटा कोना भी नहीं छोड़ना चाहती सरकार!

वीडियो: मंत्रियो के एक समूह और ‘सत्ता से सहमत’ कुछ मीडियाकर्मियों की बैठकों की एक रिपोर्ट पर बीते दिनों काफी चर्चा हुई. इस बीच सरकार डिजिटल मीडिया मंचों के नियमन के नाम पर कुछ कड़े नियम ले आई. इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार आलोक जोशी और द वायर के अजय आशीर्वाद से विस्तृत चर्चा कर रहे हैं उर्मिलेश.

venu-dhanya-the-wire

डिजिटल मीडिया नियमों को चुनौती देने वाली द वायर की याचिका पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया

केंद्र के नए सोशल मीडिया नियमों के दायरे में ऑनलाइन समाचार प्रकाशक भी हैं. द वायर और द न्यूज़ मिनट की संस्थापक धन्या राजेंद्रन द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि ये नियम डिजिटल मीडिया को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, जो इसके मूल सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 के विपरीत है.

journalists-Modi-PTI

जीओएम रिपोर्ट: मीडिया ‘मैनेज’ करने की मोदी सरकार की टूलकिट

पिछले दिनों सामने आई मंत्रियों के समूह की रिपोर्ट में मोदी सरकार को जवाबदेह ठहराने वाले मीडिया को चुप कराने और सरकार की नकारात्मक छवि सुधारने की रणनीति की बात की गई है. इसमें तीन बार द वायर का ज़िक्र करते हुए कहा गया है कि यह जनता के बीच सरकार की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है.

Bengaluru: BJP leader B S Yeddyurappa during his swearing in ceremony as Karnataka Chief Minister, at Raj Bhavan in Bengaluru, Friday, July 26, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI7_26_2019_000212B)

कर्नाटक: 68 मीडिया हाउसों को छह मंत्रियों के ख़िलाफ़ अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने पर रोक लगाई

कर्नाटक की बीएस येदियुरप्पा सरकार में मंत्री रमेश जारकिहोली ने एक आपत्तिजनक सीडी बरामद होने और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद भाजपा सरकार के छह अन्य मंत्रियों ने अदालत का रुखकर मीडिया को उनके ख़िलाफ़ कोई भी अपमानजनक सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकने का अनुरोध किया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नए डिजिटल मीडिया नियमों से प्रेस की आज़ादी को धक्का लगेगा, सरकार वापस ले: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि ‘बेलगाम’ सोशल मीडिया को नियंत्रित करने के नाम पर सरकार मीडिया को मिली संवैधानिक सुरक्षा को छीन नहीं सकती है. गिल्ड ने इस बात को लेकर भी चिंता ज़ाहिर की है कि इन नियमों के तहत सरकार को असीमित शक्तियां दे दी गई हैं.

विभिन्न मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित राजीव गांधी फाउंडेशन के डोनेशन संबंधी ख़बर. (फोटो साभार: संबंधित चैनल/अख़बार/वेबसाइट)

जीओएम रिपोर्ट: मंत्रियों को मिले सुझाव के बाद राष्ट्रीय ख़बर बना कांग्रेस विरोधी दावा

जीओएम रिपोर्ट के अनुसार सरकार समर्थक टिप्पणीकार कंचन गुप्ता ने जून 2020 में मंत्रियों को ‘चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा राजीव गांधी फाउंडेशन को दिए डोनेशन’ को लेकर ख़बर फैलाने का सुझाव दिया था. कई मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित ख़बरें दिखाती हैं कि भाजपा ने इस सुझाव को गंभीरता से लिया.