राजनीति

New Delhi: Congress spokesperson Randeep Singh Surjewala addresses a press conference, at AICC Headquarters in New Delhi, Thursday, Aug 22, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI8 22 2019 000017B)

भाजपा सरकार ने सीबीआई और ईडी को व्यक्तिगत बदला लेने का विभाग बना दिया है: कांग्रेस

आईएनएक्स मामले में पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम की गिरफ़्तारी के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में सबको ‘चुप कराने’ के लिए प्रतिद्वंद्वियों पर ‘झूठे आरोप’ लगाए जा रहे हैं. एक अनुभवी नेता को उस महिला के बयान पर गिरफ़्तार किया गया जो खुद इस मामले में आरोपी है और उस पर अपनी ही बेटी की हत्या का आरोप भी है.

डीएमके के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर के नेताओं की गिरफ़्तारी के विरोध में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करती विपक्षी पार्टियां. (फोटो:  एएनआई)

कश्मीर में नेताओं की गिरफ़्तारी पर डीएमके व अन्य विपक्षी पार्टियों ने जंतर मंतर पर किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली के जंतर मंतर पर गुरुवार को डीएमके के नेतृत्व में कांग्रेस, टीएमसी, राजद, सीपीआई और सीपीएम सहित कई अन्य पार्टियों ने एक साथ आकर जम्मू कश्मीर में हालात को सामान्य करने, घाटी में संचार सेवाओं को दुरुस्त करने और हिरासत में लिए गए सभी राजनीतिक नेताओं की रिहाई की मांग की.

बुधवार देर रात पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को उनके घर से गिरफ़्तार कर ले जाती सीबीआई. (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम को उनके घर से गिरफ़्तार किया

आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को सीबीआई ने बुधवार देर रात उनके घर से गिरफ़्तार किया. इससे पहले कांग्रेस मुख्यालय पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चिदंबरम ने दावा किया कि वह कानून से भाग नहीं रहे हैं एवं उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं.

Srinagar Police Reuters

कश्मीर में जो हुआ उसका मक़सद कश्मीरियों पर नियंत्रण ही नहीं, उन्हें अपमानित करना भी है

संचार के सारे साधनों को काटकर, उन्हें काबू में रखने के लिए सुरक्षा बलों के इस्तेमाल का मक़सद कश्मीरियों को यह याद दिलाना है कि उनका अपना कोई वजूद नहीं है- उनका अस्तित्व सत्ता के हाथ में है, वो सत्ता जिसका प्रतिनिधित्व वहां हर जगह मौजूद सेना कर रही है.

AKI 20 August.00_13_40_06.Still002

आरफ़ा का इंडिया: कश्मीर पर ट्रम्प का दख़ल क्यों?

कश्मीर मसले के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से फोन पर बात की. कश्मीर को लेकर ट्रम्प की भूमिका पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम. (फोटो: रॉयटर्स)

चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार, लुकआउट नोटिस जारी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार चिदंबरम का चरित्रहनन करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और ‘बिना रीढ़ वाले मीडिया’ का इस्तेमाल कर रही है.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल गौर. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर का निधन

भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर 23 अगस्त, 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और अपनी परंपरागत गोविंदपुरा विधानसभा सीट से 10 बार चुनाव जीत थे.

दिल्ली विश्वविद्यालय में सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह के साथ लगी वीर सावरकर की मूर्ति. (फोटो: एएनआई)

दिल्ली विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने बोस और भगत सिंह के साथ लगाई सावरकर की मूर्ति, विवाद

दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य छात्र संगठन एनएसयूआई और आइसा ने विरोध करते हुए कहा है कि सावरकर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह के समकक्ष नहीं रखा जा सकता. उन्होंने 24 घंटों के भीतर मूर्तियां नहीं हटाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की धमकी दी.

पी. चिदंबरम. (फोटो: रॉयटर्स)

चिदंबरम ने सीबीआई से की अपील, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तक कोई बलपूर्वक कार्रवाई न करें

आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीबीआई अधिकारी पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के दिल्ली स्थित आवास पहुंचे, लेकिन वहां उनसे मुलाकात नहीं होने पर अधिकारियों ने नोटिस जारी कर उन्हें दो घंटे में पेश होने का निर्देश दिया है.

नवंबर 2018 में घोषणापत्र जारी करती मध्य प्रदेश कांग्रेस. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्या कांग्रेस के लिए उसका ‘वचन-पत्र’ अब गले की हड्डी बन गया है?

एक ओर कमलनाथ सरकार विधानसभा चुनावों से पहले जारी किए अपने ‘वचन-पत्र’ को ही सरकार चलाने का रोडमैप और वचनों के पूरे होने के दावे कर रही है, तो दूसरी ओर उन वचनों से सरोकार रखने वाले वर्ग अब सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने लगे हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

असहिष्णुता और हिंसा की घटनाओं से राजनीतिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंती के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में असिहष्णुता, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, कुछ समूहों द्वारा पैदा की गई घृणा तथा भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने से जुड़ी हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.

Ahmedabad: Former prime minister Manmohan Singh with Congress leader Ashok Gehlot during an interactive session with traders and businessmen, in Ahmedabad on Tuesday. PTI Photo by Santosh Hirlekar (PTI11 7 2017 000094A)

राजस्थान: राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए मनमोहन सिंह

असम से पांच बार राज्यसभा सदस्य रह चुके पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का कार्यकाल 14 जून को ही समाप्त हुआ था. भाजपा के राज्यसभा सदस्य मदनलाल सैनी के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान. (फोटो: पीटीआई)

मोदी के शासन में परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर गंभीरता से विचार करे दुनिया: इमरान खान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की यह टिप्पणी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत परमाणु हथियारों के ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ करने के सिद्धांत पर ‘पूरी तरह प्रतिबद्ध’ है लेकिन भविष्य में क्या होगा यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.

1908 Media Bol Master.00_32_52_02.Still005

मीडिया बोल: कश्मीर मुद्दे के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठने के क्या मायने हैं?

मीडिया बोल की इस कड़ी में उर्मिलेश जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने को पाकिस्तान द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाने पर वरिष्ठ पत्रकार मनोज जोशी, पूर्व भारतीय राजदूत मीरा शंकर और हिंदुस्तान टाइम्स के पॉलिटिकल एडिटर विनोद शर्मा से चर्चा कर रहे हैं.

Srinagar-Lal-Chowk-PTI

जम्मू कश्मीर: अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को सेवानिवृत्त नौकरशाहों, सैन्य अधिकारियों ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

यह याचिका राधा कुमार, हिंदल हैदर तैयबजी, कपिल काक, अशोक कुमार मेहता, अमिताभ पांडे और गोपाल पिल्लई ने दायर की है, जिसमें कहा गया है कि बिना लोगों की इच्छाओं का पता लगाए अनुच्छेद 370 को हटाने का कदम लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों, संघवाद और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.