विज्ञान

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

उपग्रह से निगरानी के बावजूद जंगल में आग लगने की घटनाओं में तीन गुना की बढ़ोतरी: सरकार

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन साल के दौरान जंगल में आग लगने की घटनाओं में सर्वाधिक बढ़ोतरी ओडिशा और आंध्र प्रदेश में हुई है. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और मणिपुर में भी जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं.

North East Master.00_17_38_26.Still003

नॉर्थ ईस्ट डायरी: मणिपुर में नगा समझौते को लेकर प्रदर्शनों के बीच उग्रवादी नेता की वापसी

वीडियो: इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में पूर्वोत्तर के विभिन्न मुद्दों पर द वायर की डिप्टी एडिटर संगीता बरुआ पिशारोती से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

फोटो: रॉयटर्स

क्यों अभिजीत बनर्जी, एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर को ही मिला अर्थशास्त्र का नोबेल

अर्थशास्त्र के लिए नोबेल जीतने वाले तीनों अर्थशात्रियों- अभिजीत बनर्जी, एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर का विचार है कि क्रमहीन नियंत्रित परीक्षण या रैंडमाइज़्ड कंट्रोल ट्रायल्स (आरसीटी) गरीबी कम करने के बेहतर उपायों की राह खोल सकते हैं. आरसीटी का इस्तेमाल मुख्य तौर पर चिकित्सा के क्षेत्र में दवाइयों के असर का परीक्षण करने के लिए किया जाता था.

एलेक्सी लियोनोव. (फोटो साभार: Roscosmos)

अंतरिक्ष में चहलक़दमी करने वाले पहले व्यक्ति एलेक्सी लियोनोव का निधन

18 मार्च 1965 को एलेक्सी लियोनोव ने वोस्कोड-2 मिशन के दौरान यान से बाहर निकलकर 12 मिनट नौ सेंकेंड तक अंतरिक्ष में चहलकदमी कर इतिहास रचा था.

(फोटो साभार: NobelPrize.org)

लीथियम आयन बैटरी पर काम करने के लिए तीन वैज्ञानिकों को रसायनशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

तीनों वैज्ञानिकों जॉन गुडइनफ, एम. स्टेनली व्हिटिंघम और असाही कासेई को लीथियम आयन बैटरी का विकास करके स्मार्टफोन और पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन मुक्त समाज का रास्ता साफ करने के लिए साल 2019 का रसायनशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान किया गया.

Nobel Prize 2019 physics

तीन ब्रह्मांड वैज्ञानिकों ने भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता

जेम्स पीबल्स, माइकल मेयर और डीडियर क्वेलोज को ब्रह्मांड के फैलाव और इसमें पृथ्वी के स्थान को समझने में योगदान के लिए साल 2019 के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है.

medicine nobel prize 2019

कोशिका अनुसंधान के लिए तीन वैज्ञानिकों को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार

तीन वैज्ञानिकों विलियम जी. केलिन, पीटर जे. रेटक्लिफ और ग्रेग एल. सेमेंजा ने खोज कर बताया कि किस तरह से शरीर की कोशिकाएं ऑक्सीजन को महसूस करती हैं.

इसरो चेयरमैन के. सिवन (फोटो: पीटीआई)

भारत 2021 तक अंतरिक्ष में मानव को भेजेगा: इसरो प्रमुख

इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 के ‘लैंडर’ विक्रम को चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने की इसरो की योजना बेशक पूरी नहीं हो सकी हो लेकिन इसका ‘गगनयान’ मिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

बंगलुरु स्थित नियंत्रण केंद्र. (फोटो साभार: इसरो)

चंद्रयान-2: चंद्रमा की सतह पर उतरते समय विक्रम लैंडर से संपर्क टूटा

स्वदेशी तकनीक से निर्मित चंद्रयान-2 को ‘विक्रम’ लैंडर और ‘प्रज्ञान’ रोवर के साथ बीते 22 जुलाई को रवाना किया गया था. ‘विक्रम’ लैंडर का नाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम ए. साराभाई के नाम पर रखा गया है.

22 जुलाई, 2019 को चंद्रयान-2 को जीएसएलवी एमके III रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया. (फोटो: पीटीआई)

चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हुआ चंद्रयान-2: इसरो

चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था. इसरो ने कहा कि लैंडर ‘विक्रम’ 2 सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और 7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा.

Chandrayaan ISRO Facebook

चांद के लिए चंद्रयान-2 रवाना, पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित

स्वदेशी तकनीक से निर्मित 3,850 किलोग्राम वज़नी चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा. इसरो के अनुसार यहां अब तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है. सितंबर के पहले सप्ताह में चंद्रयान-2 के चांद पर उतरने की उम्मीद है.

Chandrayaan ISRO Facebook

चंद्रयान-2 को अब 22 जुलाई को किया जाएगा प्रक्षेपित: इसरो

जीएसएलवी मार्क-III के ज़रिये होने वाला चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 14 जुलाई देर रात 2:51 बजे होना था, लेकिन तकनीकी ख़राबी के कारण इसे रोक दिया गया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

पीएम जन औषधि योजना के तहत दी जाने वाली 18 कंपनियों की दवाएं जांच में खरी नहीं उतरीं

ब्यूरो ऑफ फार्मा पीएसयू ऑफ इंडिया ने जांच में पाया है कि प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत बांटी जाने वाली देश की 18 फार्मा कंपनियों की दवाओं के 25 बैच गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं. इन कंपनियों में 17 निजी क्षेत्र और एक सार्वजनिक क्षेत्र की है.

पृथ्वी की रचना से लेकर अब तक का समय दोबारा तय किया जाए, तो परिणाम क्या होगा?

पृथ्वी का जन्म लगभग 460 करोड़ साल पहले हुआ था और पृथ्वी पर जीवन का जन्म कम से कम 375 करोड़ साल पहले. अगर 460 करोड़ साल का यह प्रयोग दोहराया जाए, तो क्या हम मनुष्यों जैसे जीव धरती पर पाए जाएंगे या फिर जीवन की रचना की कहानी बिल्कुल अलग होगी?

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

राष्ट्रीय डायनासोर जीवाश्म उद्यान से 6.5 करोड़ साल पुराने डायनासोर के अंडे चोरी: आरटीआई

मध्य प्रदेश के धार ज़िले में स्थित राष्ट्रीय डायनासोर जीवाश्म उद्यान से पिछले साल 16 सितंबर को अज्ञात नाबालिगों ने अंडे चुनाए थे. इससे पहले साल 2014 में राज्य के मांडू शहर स्थित डायनासोर जीवाश्म संग्रहालय से भी तीन जीवाश्मीकृत अंडे चोरी हो चुके हैं.

प्रतीकात्मक फोटो पीटीआई

भारत में वायु प्रदूषण की वजह से 2017 में 12 लाख लोगों की असमय मौत: रिपोर्ट

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर, 2019 रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में विश्व के 3.6 अरब लोग घर में होने वाले प्रदूषण से प्रभावित हुए. भारत में अभी भी 60 फीसदी, बांग्लादेश में 79 फीसदी और चीन में 32 फीसदी लोग ठोस ईंधन से खाना बना रहे हैं. इसकी वजह से घर के भीतर प्रदूषण बढ़ रहा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत के मिशन शक्ति परीक्षण से अंतरिक्ष में फैला मलबा, अंतरिक्ष स्टेशन को ख़तरा बढ़ा: नासा

नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडेंस्टाइन ने कहा कि भारत द्वारा मार गिराए गए उपग्रह से अंतरिक्ष में 400 टुकड़ों का मलबा फैल गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर ख़तरा 44 फीसदी तक बढ़ गया है.

FILE PHOTO: A patient receives chemotherapy treatment for breast cancer at the Antoine-Lacassagne Cancer Center in Nice July 26, 2012. REUTERS/Eric Gaillard

एडवांस स्टेज के कैंसर मरीज़ों पर कीमोथेरेपी का ज़्यादा असर नहीं होता: विशेषज्ञ

मेडिकल जर्नल द लैंसेट ने ऐसे कुछ तौर-तरीकों की सूची तैयार की है, जिनसे कैंसर के इलाज के दौरान बचा जाना चाहिए.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi waves at the crowd after attending the 70th Republic Day celebrations at Rajpath, in New Delhi, Saturday, Jan. 26, 2019. (PTI Photo/ Kamal Kishore)(PTI1_26_2019_000021B)

आज़ादी से 2014 तक जितने अंतरिक्ष अभियान हुए, लगभग उतने ही बीते चार वर्षों में शुरू हुए: मोदी

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे चक्रवात हो, या फिर रेल और सड़क सुरक्षा, देश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग जानमाल की रक्षा में बख़ूबी कर रहा है.

ग्रेगर जॉन मेंडल. (फोटो साभार: www.tes.com)

क्या आप ग्रेगर मेंडल और उनके मटर के पौधों की कहानी जानते हैं?

विशेष: मेंडल ने हमें बताया है कि एक नवजात में कोई भी विशेषता इससे निर्धारित होती है कि उसे अपने मां-बाप से कौन से गुण मिले हैं. हालांकि उनकी इस महत्वपूर्ण खोज का अर्थ लोग 35 साल बाद समझ सके.

A bottle of Johnson and Johnson Baby Powder is seen in a photo illustration taken in New York, February 24, 2016. Consumers expressed concern on social media about a talc-based baby powder made by Johnson & Johnson on Wednesday after a Missouri jury ordered the company to pay $72 million in damages to the family of a woman who said her death from cancer was linked to use of the product.  REUTERS/Shannon Stapleton/Illustration/File Photo

जॉनसन एंड जॉनसन को पहले से थी बेबी पाउडर में हानिकारक केमिकल होने की जानकारी

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में सामने आया है कि 1971 से 2000 तक कंपनी के बेबी पाउडर की जांच में कई बार कैंसर फैलाने वाला हानिकारक केमिकल एसबेस्टस पाया गया था.

Ralph Steinman Reuters

क्या आप उस इकलौते चिकित्सक की कहानी जानते हैं जिसे मृत्यु के बाद नोबेल पुरस्कार दिया गया?

विशेष रिपोर्ट: नोबेल पुरस्कार के 100 से भी अधिक साल के इतिहास में केवल एक बार हुआ है जब एक व्यक्ति को मरने के बाद पुरस्कार मिला है. यह सम्मान 2011 के चिकित्सा क्षेत्र के पुरस्कार के लिए राल्फ स्टीनमैन को हासिल है.

S-Nambi-Narayanan-You tube

इसरो जासूसी कांड में वैज्ञानिक की गिरफ़्तारी अनावश्यक थी: सुप्रीम कोर्ट

1994 में हुए इसरो जासूसी कांड में वैज्ञानिक नंबी नारायणन की ग़ैर-क़ानूनी गिरफ़्तारी के लिए सीबीआई ने केरल पुलिस के अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. शीर्ष अदालत ने इन अधिकारियों के ख़िलाफ़ जांच आदेश देते हुए केरल सरकार से नारायणन को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा है.

Clinical Trial Reuters

फार्मा कंपनियों द्वारा ड्रग ट्रायल नियंत्रित करने के लिए नियम बनाएं केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

फार्मा कंपनियों द्वारा मनुष्यों पर ड्रग ट्रायल के ख़िलाफ़ दायर याचिका में याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि देश में अनेक राज्यों में दवा कंपनियां मनमाने तरीके से दवाओं के परीक्षण कर रही हैं, जिनमें अनेक मौतें हो चुकी हैं.

फोटो साभार: wakingtimes.com

क्या आप चार्ल्स डार्विन और उनके प्राकृतिक चयन के सिद्धांत की ये कहानी जानते हैं?

विशेष रिपोर्ट: 150 साल से भी ज्यादा पुरानी यह कहानी चार्ल्स डार्विन, अल्फ्रेड वालेस और विलियम बेटसन की है. तीनों इंग्लैंड से हैं और 19वीं सदी के हीरो हैं.

Photo: ESA/Hubble, NASA, M. Kornmesser

150 साल पहले आज ही भारत बना था हीलियम की ऐतिहासिक खोज का गवाह

हीलियम से भरे गुब्बारे आज भले ही आम हो गए हैं, लेकिन डेढ़ सौ साल पहले इस गैस की मौजूदगी से जुड़े संकेत किसी रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला के बजाय सूर्य ग्रहण के दौरान सूरज की बाहरी परत को देखने के दौरान मिले थे.

Tapan Mishra ISRO

इसरो ने अहमदाबाद केंद्र के वैज्ञानिक को निदेशक पद से हटाया

आरोप है कि वैज्ञानिक डॉ. तपन मिश्रा ने इसरो के उपक्रमों के निजीकरण का विरोध किया जिसकी वजह से उन्हें अहमदाबाद में अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के निदेशक से वरिष्ठ सलाहकार बना दिया गया.

भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी. (फोटो: पीटीआई)

परजीवी की तरह है प्रौद्योगिकी, मानवता के लिए ख़तरा: मुरली मनोहर जोशी

दिवंगत पत्रकार प्रभाष जोशी की जयंती पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी कहा कि आधार नई तकनीक है जो आपसे जुड़ी सारी जानकारी ले लेती है. किसी व्यक्ति की पहचान अब सिर्फ एक नंबर हो गया है.

VOVERAN

दर्दनिवारक इंजेक्शन वोवेरान पर लगा प्रतिबंध, किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व पाए गए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की समिति की सिफारिश पर भारतीय दवा नियंत्रक ने प्रतिबंध लगाया है. दवा में ट्रांसक्योटोल तत्व पाया गया जो कि पूरी दुनिया में प्रतिबंधित है.

कहलगांव रेलवे स्टेशन. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

क्या एनटीपीसी कहलगांव बिहार का ‘स्टरलाइट’ बनता जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्ट: नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन के कहलगांव स्थित थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली राख से आसपास के गांवों में रहने वाले लोग पिछले कई सालों से दमा, टीबी और फेफड़ों के संक्रमण जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं.

Ali Raza, 21, a scrap worker breaks a computer apart in order to retrieve metal to be used for soldering wires at a makeshift workshop in Karachi April 20, 2011.  REUTERS/Athar Hussain (PAKISTAN - Tags: SOCIETY BUSINESS)

ई-कचरा पैदा करने वाले दुनिया के पांच शीर्ष देशों में भारत: रिपोर्ट

ई-कचरे की वैश्विक मात्रा साल 2016 में 4.47 करोड़ टन थी जो 2021 तक 5.52 करोड़ टन तक पहुंचने की संभावना है. भारत में करीब 20 लाख टन सालाना ई-कचरा पैदा होता है.

(फोटो साभार: coub.com)

माइकल जैक्सन के ‘स्मूथ क्रिमिनल’ डांस की नकल से डांसरों की रीढ़ को पहुंच रहा नुकसान

चं​डीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने एक अध्ययन में दावा किया है माइकल जैक्सन के डांस की नकल की वजह से डांसरों में मांसपेशियों का फटना और डिस्क संबंधी समस्याएं हो रही हैं.

प्रतीकात्मक फोटो पीटीआई

उत्तर प्रदेश में प्रदूषण के चलते बढ़ रही हैं असमय मौतें, लखनऊ में सालाना 4 हज़ार लोगों की मौत

एक अध्ययन के अनुसार कानपुर में प्रदूषण के चलते सालाना करीब 4 हज़ार से अधिक मौतें हो जाती हैं. वहीं लखनऊ में हर दिन औसतन 11 लोग प्रदूषण के चलते जान गंवा रहे हैं.

(फोटो साभार: पीटीआई)

बोतलबंद पानी से ख़ास लाभ नहीं, हमारे मरने के डर ने बढ़ाई इसकी बिक्री: अध्ययन

अध्ययन के अनुसार, जब हमें नल का अच्छी गुणवत्ता का पानी उपलब्ध है तब भी हम बोतलबंद पानी की तरफ़ आकर्षित होते हैं तो सिर्फ़ इसलिए कि विज्ञापन के ज़रिये यह स्थापित कर दिया गया है कि बोतलबंद पानी ही शुद्ध है.

इसरो के पूर्व प्रमुख एएस किरण कुमार. (फोटो: पीटीआई)

संसाधनों का अभाव मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में बाधक: इसरो के पूर्व प्रमुख

इसरो के अध्यक्ष पद से इस महीने रिटायर हुए एएस किरण कुमार ने कहा कि प्रस्ताव पर एक दशक पहले विचार किया गया था, लेकिन इस पर बहुत प्र​गति नहीं हो सकी.

(फोटो: पीटीआई)

अतार्किकता और अवैज्ञानिकता के मामले में क्या हम पाकिस्तान बनने की ओर अग्रसर हैं?

भारत में बंददिमागी एवं अतार्किकता को जिस किस्म की शह मिल रही है और असहमति की आवाज़ों को सुनियोजित ढंग से कुचला जा रहा है, उसे रोकने की ज़रूरत है ताकि संविधान को बचाया जा सके.

केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह और जैव विज्ञानी चार्ल्स डार्विन. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

मंत्री जी ने डार्विन को चुनौती देकर बंदरों पर लगे कलंक को मिटाने की तरफ़ बड़ा क़दम उठाया है

बंदरों ने केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह की बात का स्वागत किया है कि डार्विन के सिद्धांत को स्कूल-कॉलेजों की किताबों से निकाल देना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह और जैव विज्ञानी चार्ल्स डार्विन. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

मोदी के मंत्री ने कहा, ‘इंसानों के विकास संबंधी डार्विन का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से ग़लत’

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि स्कूल और कॉलेज पाठ्यक्रम में बदलाव की ज़रूरत. इंसान जब से पृथ्वी पर देखा गया है, हमेशा इंसान ही रहा है.