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Sonipat: A migrant waits for a means of transport to travel to his native place during the fourth phase of the ongoing COVID-19 nationwide lockdown, at Kundali Industrial Area in Sonipat, Monday, May 18, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI18-05-2020_000211B)

क्या दिल्ली से लेकर गुजरात तक हाईकोर्ट की पीठ में बदलाव का उद्देश्य सरकारों को बचाना है?

कोरोना महामारी को लेकर अस्पतालों की दयनीय हालत और राज्य की स्वास्थ्य अव्यस्थताओं पर गुजरात सरकार को फटकार लगाने वाली हाईकोर्ट की पीठ में अचानक बदलाव किए जाने से एक बार फिर ‘मास्टर ऑफ रोस्टर’ की भूमिका सवालों के घेरे में है.

हाल ही में टिड्डियों का झुंड राजस्थान की राजधानी जयपुर के रिहायशी इलाकों में घुस गया था. (फोटो: पीटीआई)

राजस्थान में टिड्डियों के हमले से 20 ज़िलों में 90,000 हेक्टेयर इलाका प्रभावित

महाराष्ट्र के भंडारा ज़िले में फसल नष्ट करने के बाद गोंदिया की तरफ बढ़ा टिड्डी दल. हरियाणा में हाई अलर्ट. दिल्ली सरकार ने संभावित टिड्डी हमले के मद्देनजर परामर्श जारी किया. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने टिड्डी नियंत्रण अभियान की समीक्षा की.

New Delhi: Security personnel stand guard on the Chand Bagh - Bhajan Pura road in northeast Delhi, Tuesday, Feb. 25, 2020. At least 7 people have been killed in clashes over the new citizenship law. (PTI Photo)   (PTI2_25_2020_000068B)

जामिया गिरफ़्तारी: दिल्ली की अदालत ने कहा कि जांच एक ही पक्ष को निशाना बनाती दिख रही है

दिल्ली हिंसा से जुड़े मामले में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किए गए जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को स्थानीय अदालत में पेश किए जाने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस हिंसा में शामिल दूसरे पक्ष के बारे में अब तक हुई जांच को लेकर कुछ नहीं बता सकी है. तन्हा को गुरुवार को ज़मानत दे दी गई.

(फोटोः पीटीआई)

कोरोना वायरस: बीते 24 घंटे में नए मामलों में सर्वाधिक वृद्धि, पहली बार आंकड़ा सात हज़ार के पार

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या अब चीन से ज़्यादा हो गई है. अब तक कुल 4,706 मौतें होने के बाद इस महामारी से अत्यधिक प्रभावित 10 देशों की सूची में भारत तुर्की को पीछे छोड़ नौंवे स्थान पर आ गया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन: त्रिपुरा सरकार ने चार लाख से ज़्यादा बच्चों को मिड-डे मील का खाद्यान्न तक नहीं दिया

कोरोना वायरस महामारी के कारण स्कूल बंद होने की अवधि में त्रिपुरा की भाजपा सरकार ने मिड-डे मील के एवज में छात्रों के खाते में कुछ राशि ट्रांसफर करने का आदेश दिया था, जो कि सिर्फ़ खाना पकाने के लिए निर्धारित राशि से भी कम है.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: संक्रमण के मामले 1.58 लाख से अधिक, लगातार सातवें दिन छह हजार से अधिक केस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि देश में कोरोना वायरस के कारण अब तक 4,531 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 158,333 हो गए हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे. (फोटो: ट्विटर)

महाराष्ट्र: मुंबई पुलिस ने सरकार की आलोचना को अपराध घोषित किया

25 मई से आठ जून तक प्रभावी मुंबई पुलिस आदेश में कोविड-19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकारी अधिकारियों और उनके कार्यों के प्रति अविश्वास के लिए उकसाने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधित किया गया है, जिससे मानव स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा होता है या सार्वजनिक शांति भंग होती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

एमएसएमई क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा दिया जा रहा गारंटी फ्री लोन समस्या का समाधान नहीं है

सूक्ष्म,लघु और मध्यम उपक्रम यानी एमएसएमई क्षेत्र के लिए सरकार ने तीन लाख करोड़ रुपये के गारंटी फ्री लोन का ऐलान किया है. उम्मीद की जा रही है कि यह बेरोज़गारी के संकट को ख़त्म करने में मददगार साबित होगा और बाज़ार में मांग पैदा करेगा, लेकिन इस क्षेत्र के हालात ऐसे नहीं है कि सिर्फ एक लोन पैकेज से तस्वीर बदल जाए.

(फोटो: रॉयटर्स)

टिड्डियों के हमले के कारण 2019-20 में राजस्थान और गुजरात में दो लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद: सरकार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले सीजन में टिड्डी ​हमलों के कारण राजस्थान के सात जिले और गुजरात के तीन जिले प्रभावित हुए थे.

Bhubaneswar: A medic works on a sample for COVID-19 Rapid Test at a camp during the nationwide lockdown imposed in a bid to contain the spread of coronavirus, in Bhubaneswar, Monday, April 20, 2020. (PTI Photo)(PTI20-04-2020_000087B)

क्या गुजरात सरकार द्वारा आंकड़े कम दिखाने के लिए जानबूझकर कोविड टेस्टिंग की रफ़्तार कम की गई है?

राज्य सरकार द्वारा प्राइवेट लैब में कोविड टेस्ट करवाने के लिए उसकी अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है, ऐसे में अहमदाबाद में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में ढेरों कोविड संभावित मरीज़ भर्ती होने के कई दिन बाद भी टेस्ट के लिए इंतज़ार करने को मजबूर हैं.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: संक्रमण के मामले डेढ़ लाख के पार, लगातार छठे दिन छह हज़ार से ज़्यादा मामले

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 151,767 पर पहुंच गए और संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 4,337 हो गई.

Migrants arriving by a special train from Nasik come out of the Charbagh railway station, amid COVID-19 lockdown in Lucknow, Monday, May 4, 2020. (PTI Photo)

क्या उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के निवासियों की मालिक या अभिभावक बन गई है?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस बात से बहुत नाराज़गी है कि दूसरे राज्यों ने ‘उनके लोगों’ की ठीक से देखभाल नहीं की और इस कारण उन्हें इतनी तबाही झेलनी पड़ी. ख़ुद उनकी सरकार ने लोगों का ख़याल कैसे रखा, कैसे महामारी के बहाने ‘अपने लोगों’ के स्वास्थ्य संरक्षण के नाम पर मालिकाना रवैया अख़्तियार कर लिया है, इस बारे में कोई सवाल नहीं है.

School children eat their free mid-day meal, distributed by a government-run primary school, at Brahimpur village in Chapra district of the eastern Indian state of Bihar July 19, 2013. Police suspect that India's worst outbreak of mass food poisoning in years was caused by cooking oil that had been kept in a container previously used to store pesticide, the magistrate overseeing the investigation said on Friday. REUTERS/Adnan Abidi

कोरोना: उत्तराखंड में हर पांच में से एक बच्चे को मिड-डे मील के तहत खाद्यान्न नहीं मिला

द वायर द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि उत्तराखंड राज्य ने अप्रैल और मई महीने में लगभग 1.38 लाख बच्चों को मिड-डे मील मुहैया नहीं कराया है. राज्य ने इस दौरान 66 कार्य दिवसों में से 48 कार्य दिवसों पर ही बच्चों को राशन दिया.

Prayagraj: A mother covers her childs head to beat the heat while waiting to board a bus to reach her native place after arriving via special train at Prayagraj Junction, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Tuesday, May 26, 2020. (PTI Photo)(PTI26-05-2020 000043B)

स्पेशल ट्रेन चलने के बाद भी क्यों श्रमिकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं?

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में अपने घरों को लौट रहे प्रवासी मज़दूरों को न सिर्फ़ खाने-पीने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, बल्कि रेलवे द्वारा रूट बदलने के कारण कई दिनों की देरी से वे अपने गंतव्य तक पहुंच पा रहे हैं. इस दौरान भूख-प्यास और भीषण गर्मी के कारण मासूम बच्चों समेत कई लोग दम तोड़ चुके हैं.

Slum dwellers in Ahmedabad receive free food packets during a 21-day nationwide lockdown [Amit Dave/Reuters]

लॉकडाउन के दौरान भूख शहरी ग़रीबों की सबसे बड़ी दुश्मन बनकर उभरी है

बीते दो महीनों में दिल्ली में हज़ारों लोगों के बीच खाना और राशन पहुंचाते हुए देखा कि हम भूख के अभूतपूर्व संकट से गुजर रहे हैं. सैकड़ों लोग बेबसी और अनिश्चितता के अंधेरे में जी रहे हैं, उन्हें नहीं पता कि अगला निवाला उन्हें कब और किसके रहमोकरम पर मिलने वाला है.