समाज

(फोटो: पीटीआई)

‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ को लेकर गृह मंत्रालय के पास कोई जानकारी नहीं: आरटीआई

एक आरटीआई के तहत गृह मंत्रालय से पूछा गया था कि टुकड़े-टुकड़े गैंग कैसे और कब बना? इसके सदस्य कौन-कौन हैं? उन्हें आईपीसी की कौन-सी धाराओं के तहत क्या दंड दिया जाएगा.

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित बालिका गृह में बच्चों से बलात्कार मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/ट्विटर)

मुज़फ़्फ़रपुर आश्रय गृह यौन शोषण मामले में ब्रजेश ठाकुर सहित 19 दोषी क़रार, एक बरी

साल 2018 में बिहार के मुज़फ़्फ़रपु​र के एक बालिका गृह में यौन शोषण का मामला सामने आया था. यह बालिका गृह मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के संगठन की ओर से चलाया जाता था. मामले के सभी दोषियों को 28 जनवरी को सज़ा सुनाई जाएगी.

New Delhi: A gallery at the National Gandhi Museum displays rare photographs connected with Mahatma Gandhi, Kastur Ba and Indian Freedom Struggle, in New Delhi, Thursday, Sept. 26, 2019. To mark the 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi this year various programmes are being orgnised in every nook and corner of the country. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI10_1_2019_000241B)

वे गांधी की हत्या के इतिहास से डरते हैं, इसलिए इसके सबूतों को मिटाना चाहते हैं: तुषार गांधी

महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने दावा किया है कि नई दिल्ली के बिड़ला भवन स्थित गांधी स्मृति से एक फ्रेंच फोटोग्राफर द्वारा खींची गई महात्मा गांधी के अंतिम समय की तस्वीरों को हटा दिया गया है. गांधी स्मृति के निदेशक का कहना है कि ऐसा नहीं है, बस कुछ तस्वीरों को डिजिटलाइज़ किया गया है.

इंदिरा जयसिंह. (फोटो: पीटीआई)

सोनिया गांधी की तरह दोषियों को माफ कर दें निर्भया की मांः इंदिरा जयसिंह

सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह की इस अपील पर निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि पूरा देश चाहता है कि दोषियों को फांसी हो. ऐसे लोगों की वजह से बलात्कार पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलता.

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उत्तर प्रदेशः कथक डांसर की परफॉर्मेंस बीच में रोकी गई, अधिकारियों ने कहा- कव्वाली नहीं चलेगी

इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग की ओर से किया गया था. कथक नृत्यांगना मंजरी चतुर्वेदी ने कहा कि शुरुआत में मुझे लगा कि यह किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी है लेकिन मेरे मंच पर होने के बावजूद किसी दूसरे परफॉर्मर के नाम की घोषणा होने पर मुझे वास्तविकता का पता चला.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली में तीन महीने के लिए रासुका, पुलिस को होगा शक़ के आधार पर हिरासत में लेने का अधिकार

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आदेशानुसार 19 जनवरी से 18 अप्रैल 2020 तक दिल्ली पुलिस कमिश्नर को यह अधिकार है कि वे किसी भी व्यक्ति जिसे वे राष्ट्रीय सुरक्षा व क़ानून व्यवस्था के लिए ख़तरा मानते हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत हिरासत में ले सकते हैं.

Passengers are seen at the ticket counters outside the airport after flights were cancelled following temporarily suspension of flights, in Jammu February 27, 2019. REUTERS/Mukesh Gupta

डीएसपी दविंदर सिंह की गिरफ़्तारी के बाद सीआईएसएफ को मिली जम्मू कश्मीर के हवाईअड्डों की सुरक्षा

जम्मू कश्मीर के हवाईअड्डों की सुरक्षा का ज़िम्मा अब तक सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के पास था. एक हालिया आदेश में जम्मू कश्मीर के गृह विभाग ने यह ज़िम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को सौंपी है.

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सीएए-एनआरसी प्रदर्शन में रोमांटिक गाने क्यों बन रहे हैं इंक़लाबी?

वीडियो: दिल्ली के शाहीन बाग़ में नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल ‘चुप्पी तोड़ो’ समूह के शारिक़ हुसैन और शाएक़ा शौकत ने बॉलीवुड के गीतों के साथ प्रतिरोध के शब्द मिलाकर कुछ गीत तैयार किए हैं. उनसे फ़ैयाज़ अहमद वजीह की बातचीत.

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सीएए प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने आधी रात को कहा- जगह ख़ाली करो, वरना नतीजा बुरा होगा

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के खिलाफ पूर्वी दिल्ली के खुरेजी में महिलाएं पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन कर रही हैं. इन महिलाओं का आरोप है कि 14 जनवरी की देर रात करीब दो बजे दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की, उनके टेंट को उखाड़ दिया और उन्हें धमकाया. इन महिलाओं से संतोषी मरकाम की बातचीत.

प्रोफेसर सुचारिता सेन. (फोटो: द वायर)

‘जेएनयू में हम असहमत होते हैं, बहस-विरोध करते हैं लेकिन हिंसा नहीं करते’

साक्षात्कार: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पांच जनवरी को नकाबपोश हमलावरों द्वारा की गई हिंसा में 30 से अधिक छात्र घायल हुए थे, साथ ही कई शिक्षक भी चोटिल हुए थे. इनमें से एक प्रोफेसर सुचारिता सेन थीं. जेएनयू के इस घटनाक्रम पर सुचारिता सेन से रीतू तोमर की बातचीत.

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गोवा: साहित्य अकादमी विजेता की किताब को अश्लील बताते हुए सरकार ने पाबंदी लगाई

गोवा कोंकणी अकादमी की एक समिति ने कोंकणी कवि निलबा खांडेकर की किताब ‘द वर्ड्स’ की कविता ‘गैंगरेप’ के दो शब्दों पर आपत्ति जताते हुए इसकी बिक्री और प्रसार पर रोक लगा दी है. इसी कविता के लिए खांडेकर को 2019 में साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित किया गया था.

(फोटो: रॉयटर्स)

वित्त वर्ष 2019-20 में 16 लाख नौकरियां कम हो सकती हैं: रिपोर्ट

एसबीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष 2019-20 में इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की तुलना में 16 लाख कम नौकरियों का सृजन होने का अनुमान है. पिछले वित्त वर्ष में कुल 89.7 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए थे.

Nagaon: A farmer ploughs his field using bullocks at Bamuni village, in Nagaon, Tuesday, July 02, 2019. (PTI Photo) (PTI7_2_2019_000076B)

देश में पिछले 10 साल में माफ़ हुआ 4.7 लाख करोड़ रुपये का कृषि क़र्ज़

हालांकि किसानों की ये क़र्ज़ माफ़ी वास्तविकता के बजाय काग़ज़ों पर ही अधिक हुई हैं. इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक क़र्ज़ माफ़ नहीं किए जा सके हैं. सबसे ख़राब प्रदर्शन मध्य प्रदेश का रहा है. मध्य प्रदेश में महज़ 10 प्रतिशत क़र्ज़ माफ़ किए गए हैं.

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एक दलित कार्यकर्ता के संघ छोड़ने और उसके ख़िलाफ़ लड़ने की कहानी

वीडियो: राजस्थान के सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक भंवर मेघवंशी ने आरएसएस में अपने कार्यकाल और फिर इस संगठन को छोड़ने से जुड़े अपने अनुभवों को द वायर उर्दू के संपादक महताब आलम से साझा किया.

(फोटो: सोशल मीडिया)

अलीगढ़ में फिल्म छपाक का विरोध, हिंदूवादी संगठन की चेतावनी, ‘न देखूंगा, न देखने दूंगा’

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में फिल्म छपाक के विरोध में लगाए गए पोस्टर में सबसे ऊपर बड़े-बडे़ अक्षरों में ‘चेतावनी’ लिखा था. इन पोस्टरों में कहा गया है कि जो भी सिनेमाघर फिल्म को दिखाने की कोशिश करेंगे, उन्हें अपना बीमा कराना पडे़गा.

A signboard is seen outside the premises of Supreme Court in New Delhi, India, September 28, 2018. REUTERS/Anushree Fadnavis/File Photo

हिंसा अदालत को सोचने से रोक रही है, लेकिन हिंसा हो कैसे रही है?

हिंसा के सबसे ज्यादा, सबसे ताकतवर और कारगर हथियार किसके पास हैं? किसके पास एक संगठित शक्ति है जो हिंसा कर सकती है? उत्तर प्रदेश में किसने आम शहरियों के घर-घर घुसकर तबाही की? किसने कैमरे तोड़कर चेहरे ढंककर लोगों को मारा? गोलियां कहां से चलीं? अदालत से यह कौन पूछे और कैसे? जब उसके पास ये सवाल लेकर जाते हैं तो वह हिंसा से रूठ जाती है.

Mumbai: Women activists disply placards and shout slogans during a protest against the Hyderabad rape and murder case, at Dadar in Mumbai, Tuesday, Dec. 3, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI12_3_2019_000172B)

बलात्कार के मामलों में सजा की दर मात्र 27.2 प्रतिशत: एनसीआरबी रिपोर्ट

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक बलात्कार के मामलों में सजा की दर 2018 में पिछले साल के मुकाबले घटी है. 2017 में सजा की दर 32.2 प्रतिशत थी.

(फोटो: द वायर)

2018 में हर दिन औसतन 80 हत्याएं, 91 बलात्कार की घटनाएं हुईं: एनसीआरबी आंकड़ा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एनसीआरबी भारतीय दंड संहिता और विशेष एवं स्थानीय कानून के तहत देश में अपराध के आंकड़ों को एकत्रित करने तथा विश्लेषण के लिए जिम्मेदार होता है.

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इतना डराया कि अब डर नहीं लगता: अभिनेता मोहम्मद ज़ीशान

वीडियो: वर्तमान में देश के हालात और जेएनयू में हिंसा, सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों पर फिल्म अभिनेता मोहम्मद ज़ीशान अयूब से द वायर की आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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जेएनयू हमले के ख़िलाफ़ जामा मस्जिद पर प्रदर्शन

वीडियो: जेएनयू में बीते पांच जनवरी को नकाबपोश लोगों द्वारा की गई हिंसा और छात्रों व प्रोफेसरों से मारपीट के ख़िलाफ़ दिल्ली की जामा मस्जिद पर लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और छात्रों के ख़िलाफ़ हो रहे हमलों पर अपनी राय रखी. द वायर की रिपोर्ट.

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आरफ़ा का इंडिया: दीपिका पादुकोण और बॉलीवुड का जेएनयू कनेक्शन

वीडियो: अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों से मिलने के बाद इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. जहां कुछ लोग दीपिका के इस कदम को सराह रहे हैं, वहीं कुछ उनकी आगामी फिल्म ‘छपाक’ का बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं. इस बारे में द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

दिल्ली के लाजपत नगर में रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. (फोटो: ट्विटर)

दिल्लीः शाह के सामने नागरिकता कानून के विरोध में बैनर दिखाने वाली महिलाओं को घर से निकाला

दिल्ली के लाजपत नगर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली के दौरान दो महिलाओं ने अपने फ्लैट की बालकनी से एक बैनर लहराया, जिस पर, शेम, सीएए, एनआरसी, जयहिंद, आजादी और नॉट इन माई नेम लिखा था.

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मुंबईः ‘फ्री कश्मीर’ का प्लेकार्ड लेकर प्रदर्शन करने पर महिला के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

मुंबई की कोलाबा पुलिस ने दंगा भड़काने के आरोप में कलाकार महक मिर्जा प्रभु के खिलाफ मामला दर्ज किया है. महक मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर बीते सोमवार रात नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन में शामिल हुई थीं.

(फोटो: रॉयटर्स)

गुजरात: राजकोट के सिविल अस्पताल में बीते तीन महीने में 269 बच्चों की मौत, सर्वाधिक दिसंबर में

राजकोट के सिविल अस्पताल में बीते तीन महीनों में 269 बच्चों की मौत हुई, जिसमें सबसे अधिक जानें दिसंबर में गईं. अधिकारियों के मुताबिक इन बच्चों की मौत की वजह अस्पतालों में बच्चों के इलाज की उचित व्यवस्था न होना है.

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राजस्थानः जोधपुर के अस्पताल में दिसंबर में 146 नवजात बच्चों की मौत

राजस्थान के जोधपुर जिले के डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज में एक महीने में 146 बच्चों ने दम तोड़ा है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दिसंबर महीने में अस्पताल में भर्ती बच्चों की तुलना में बच्चों की मौत की यह संख्या बहुत कम है.

(फोटो साभार: फेसबुक/AyushmanBharatGoI)

आयुष्मान भारत फ़र्ज़ीवाड़ा: फ़र्ज़ी कार्ड निरस्त, 171 अस्पतालों को पैनल से बाहर कर लगाया गया जुर्माना

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत लाखों फ़र्ज़ी गोल्डन कार्ड बनाए गए. अधिकतर मामले गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब के अस्पतालों में हुए. अकेले गुजरात सरकार ने 15 हज़ार फ़र्ज़ी कार्ड रद्द किए, पर अब भी पांच हज़ार कार्ड फ़र्ज़ी होने की आशंका है.

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़.

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का ‘हम देखेंगे’ मज़हब का नहीं अवामी इंक़लाब का तराना है…

जो लोग ‘हम देखेंगे’ को हिंदू विरोधी कह रहे हैं, वो ईश्वर की पूजा करने वाले ‘बुत-परस्त’ नहीं, सियासत को पूजने वाले ‘बुत-परस्त’ हैं.

प्रतीकात्मक फोटो. साभार-विकीपीडिया

एमपी: विभिन्न मांगों को लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के क़रीब 1,000 प्रोफेसरों ने दिया इस्तीफ़ा

स्पष्ट प्रमोशन नीति सहित विभिन्न मांगों को लेकर इस्तीफ़ा देने वाले मध्य प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले इन प्रोफेसरों ने चेतावनी दी है कि अगर आठ जनवरी तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे नौ जनवरी से ड्यूटी पर नहीं आएंगे.

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‘हम देखेंगे: हर मुल्क़ में फ़ैज़ की इस नज़्म की ज़रूरत है’

वीडियो: आईआईटी कानपुर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा मशहूर शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म ‘हम देखेंगे’ को गाए जाने पर एक फैकल्टी मेंबर ने इसे ‘हिंदू विरोधी’ बताया और इसकी दो पंक्तियों पर आपत्ति जताई है. इस नज़्म का अर्थ बता रही हैं रेडियो मिर्ची की आरजे सायेमा.

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बंधुआ मज़दूरी: हम दर-दर भटकना नहीं चाहते, हमारा पुनर्वास हो

वीडियो: जम्मू कश्मीर की राजौरी तहसील के दो ईंट-भट्ठों से 91 बंधुआ मज़दूरों को छुड़ाकर दिल्ली लाया गया है. इनमें महिला और पुरुषों के अलावा 41 बच्चे भी हैं. ये सभी मजदूर छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिले के हैं. इनसे द वायर की संतोषी मरकाम से बातचीत.

अमीर हंजला.

बिहारः नागरिकता क़ानून विरोध प्रदर्शन में शामिल युवक की हत्या मामले में छह गिरफ़्तार

बिहार पुलिस नागरिकता क़ानून और एनआरसी के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल की एक रैली में हिस्सा लेने गए अमीर हंजला नाम के एक युवक की हत्या की जांच कर रही है.

कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल. (फोटो साभार: ट्विटर/@Pintuchoudhry3)

राजस्थानः कोटा में बच्चों की मौत को लेकर केंद्र विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय टीम भेजेगा

राजस्थान के कोटा जिले के सरकारी जेके लोन अस्पताल में दिसंबर के अंतिम दो दिन में कम से कम नौ और शिशुओं की मौत के बाद मृतक बच्चों की संख्या बढ़कर 104 हो गई है.

Lucknow: Police personnel deployed outside the historic Tiley Wali Masjid ahead of Friday prayers in view of protests against CAA and NRC, in Lucknow, Friday, Dec. 27, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI12_27_2019_000100B)

शांति के लिए ख़तरा बताते हुए यूपी पुलिस ने छह साल पहले गुज़र चुके शख़्स को भेजा नोटिस

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर प्रदेश में हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनज़र शांति भंग कर सकने वाले लोगों की सूची तैयार की थी. फ़िरोज़ाबाद में 20 दिसंबर को हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद पुलिस ने ऐसे 200 लोगों को चिह्नित कर नोटिस भेजे, जिनमें एक मृत व्यक्ति और शहर के कुछ बुज़ुर्गों के भी नाम हैं.

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़. (पेंटिंग साभार: शुभम गिल)

फ़ैज़ की रचना ‘हम देखेंगे’ हिंदू-विरोधी है या नहीं, आईआईटी कानपुर करेगा जांच

17 दिसंबर को आईआईटी कानपुर में जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण मार्च में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की ‘हम देखेंगे’ नज़्म गाई गई थी. एक फैकल्टी मेंबर द्वारा इसे हिंदू विरोधी बताते हुए नज़्म के ‘बुत उठवाए जाएंगे’ और ‘नाम रहेगा अल्लाह का’ वाले हिस्से पर आपत्ति उठाई है.

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पाकिस्तान: प्रसिद्ध फिल्मकार ने ‘डॉन’ अख़बार के सीईओ पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप

पाकिस्तान के मशहूर फिल्मकार जमशेद महमूद रज़ा ने अंग्रेज़ी अख़बार ‘डॉन’ के सीईओ हमीद हारून पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. उनका यह भी कहना है कि इन आरोपों का अख़बार से कोई लेना-देना नहीं है, वे बस यौन उत्पीड़न के अन्य पीड़ितों को हौसला देना चाहते हैं.

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कहानी यूपीएससी की तैयारी करने वाले सुलेमान की, जो यूपी पुलिस की गोली से मारा गया

वीडियो: उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर नागरिकता क़ानून के विरोध में हुए प्रदर्शन हिंसक झड़प में तब्दील हो गए थे. 20 दिसंबर को बिजनौर के नहटौर कस्बे में पुलिस फाररिंग के दौरान दो मौतें हुईं, मरने वाले थे यूपीएससी की तैयारी कर रहे 21 वर्षीय सुलेमान और मजदूरी करके घर चलाने वाले 23 वर्षीय अनस. मृतकों के परिवार से अविचल दुबे की बातचीत.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

अगर पुलिस राज आ गया तो क्या न्याय मिलेगा?

संविधान निर्माताओं ने व्यवस्था के तीन भाग किए थे- विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका, ताकि किसी एक के हाथ में सारी शक्तियां न जाएं. लेकिन आज ऐसी परिस्थितियां बना दी गई हैं कि हम इस व्यवस्था के मरने पर सवाल उठाने की बजाय उस पर खुशी मना रहे हैं.

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दिल्ली: मुखर्जी नगर के कोचिंग और हॉस्टल बंद होने की वजह क्या है?

बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पत्र में कहा गया था कि दिल्ली पुलिस ने 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक मुखर्जी नगर के सभी कोचिंग संस्थान, हॉस्टल और पीजी बंद करने का आदेश दिया है. दिल्ली पुलिस द्वारा इस बात का खंडन करने के बावजूद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और अधिकतर छात्र-छात्राएं अपने घर लौट चुके हैं.

यूपी के गोरखपुर में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हुए. (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: ज़मानत मिलने के बावजूद गोरखपुर जेल में बंद हैं सीतापुर के दो फेरीवाले

ग्राउंड रिपोर्ट: गोरखपुर में 20 दिसंबर को नागरिकता क़ानून और एनआरसी के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ़्तार किया था. इनमें से कई के परिजनों का कहना है कि गिरफ़्तार किए लोग प्रदर्शन में मौजूद नहीं थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बेरहमी से मारपीट की गई.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सरकार को औरतों की सुरक्षा से ज़्यादा चिंता इसे लेकर होने वाली आलोचना से है

‘रेप कैपिटल’ और ‘रेप इन इंडिया’ जैसे जुमले न भी बोले जाएं, तब भी महिला सुरक्षा को लेकर होने वाली बदनामी से देश का बचना तब तक मुमकिन नहीं है, जब तक सरकार आलोचकों से ज़बानी जंग करने के बजाय औरतों के ख़िलाफ़ अपराध रोकने के लिए गंभीर नहीं होती.