समाज

राहत इंदौरी. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोरोना संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती शायर राहत इंदौरी का दिल का दौरा पड़ने से निधन

डॉक्टरों का कहना है कि मशहूर शायर राहत इंदौरी के फेफड़े 70 फीसदी तक ख़राब हो गए थे. उन्हें हाइपरटेंशन और मधुमेह की भी समस्या थी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: युवक की मौत के बाद परिजनों को थमाया 65 वर्षीय बुज़ुर्ग का शव, डॉक्टर निलंबित

मामला रीवा के संजय गांधी अस्पताल का है. 22 वर्षीय युवक को तीन अगस्त को भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि बाद में उन्हें कोविड वार्ड में भर्ती किया गया. प्रबंधन ने उनकी जांच रिपोर्ट भी नहीं दी गई है और उनकी मौत के बाद भी कोई सूचना नहीं दी गई.

(फोटो: पीटीआई)

असम: तेल के कुएं से गैस रिसाव रोकने का दूसरा प्रयास भी असफल, जून से लगी हुई है आग

तिनसुकिया ज़िले के बाघजान गांव में ऑयल इंडिया लिमिटेड के एक तेल के कुएं में 27 मई से गैस का रिसाव हो रहा है, जिसमें नौ जून को आग लग गई थी. कंपनी के अनुसार कुएं पर ढक्कन रखने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन आग के कारण उसे रखने वाली केबल क्षतिग्रस्त हो गई.

सुदीक्षा भाटी. (फोटो साभारः फेसबुक)

यूपी: कथित छेड़छाड़ के बाद छात्रा की सड़क दुर्घटना में मौत

मामला बुलंदशहर का है. दादरी की रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा मंगलवार को अपने चाचा के साथ बाइक पर जा रही थी. आरोप है कि रास्ते में दो बाइक सवारों द्वारा छेड़छाड़ के बाद उनका एक्सीडेंट हुआ, जिसमें छात्रा की मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि उन्हें छेड़छाड़ या उत्पीड़न के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई शिक्षा नीति बाज़ार के रास्ते के बचे रोड़े हटाने की कवायद भर है

अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर गंभीर है, तो उसे इस पर संसद में बहस चलानी चाहिए. किसी बड़ी नीति में बदलाव के लिए हर तरह के विचारों पर जनता के सामने चर्चा हो. इस तरह देश की विधायिका को उसके अधिकार से वंचित रख शिक्षा नीति बदलना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है.

Gorakhpur Oxygen tragedy Jahid Photo Manoj Singh

‘बेटी को खोए हुए तीन साल हो गए लेकिन अब भी अगस्त आते ही डर लगने लगता है’

विशेष: साल 2017 में 10 से 11 अगस्त के बीच गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से क़रीब 34 बच्चों की मौत हुई थी. जान गंवाने वाले बच्चों में शहर के जाहिद की पांच साल की बेटी ख़ुशी भी थी.

डॉ. कफील. (फोटो साभार: फेसबुक/drkafeelkhanofficial)

क्या ऑक्सीजन कांड में चुप न रहने की सज़ा काट रहे हैं डॉ. कफील ख़ान

गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में हुए ऑक्सीजन कांड के तीन बरस पूरे हो गए. लेकिन इस दौरान हादसे में ‘विलेन’ बना दिए गए डॉ. कफील ख़ान के अलावा नौ आरोपियों में से कोई इस प्रकरण पर बोलने के लिए सामने नहीं आया. शायद यही वजह है कि इन तीन बरसों में डॉ. कफील ने अधिकतर समय जेल में बिताया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली: आधा शैक्षणिक सत्र बीतने पर भी नॉर्थ एमसीडी के 714 स्कूलों के छात्रों को नहीं मिलीं किताबें

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में पहली से पांचवीं क्लास के 3.5 लाख बच्चे पढ़ाई करते हैं, जिनमें अधिकतर आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों से हैं. किताबें न मिलने के साथ ही कई बच्चों की पढ़ाई इसलिए भी प्रभावित है क्योंकि घर में स्मार्टफोन न होने के चलते वे ऑनलाइन क्लास में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं.

Tribal painting, though popular among most tribes in MP, is extremely well honed as an art among the Gond tribe of Mandala

क्या आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार उनकी ही संस्कृति के लिए ख़तरा है

विश्व आदिवासी दिवस: मूल निवासियों की पहचान उनकी अपनी विशेष भाषा और संस्कृति से होती है, लेकिन बीते कुछ समय से ये चलन-सा बनता नज़र आया है कि आदिवासी क्षेत्र के लोग मुख्यधारा की शिक्षा मिलते ही अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को हेय दृष्टि से देखने लगते हैं.

Chandrapur Maharashtra

महाराष्ट्रः नाबालिग ने सामूहिक बलात्कार के बाद कुएं में कूदकर जान दी

मामला चंद्रपुर के नागभीड का है. आरोप है कि 16 साल की नाबालिग का उसी के गांव के दो लोगों द्वारा अपहरण कर बलात्कार किया गया, जिसके बाद उसने खेत के कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली.

बीरभूम में हूल उत्सव में आदिवासी समाज के लोग. (फाइल फोटो: पीटीआई)

विश्व आदिवासी दिवस: ये आदिवासियों के लिए ख़ुद से सवाल पूछने का समय है

किसी भी संगठित धर्म में गया आदिवासी अपनी मूल पहचान बचाए रखने के नाम पर प्रकृति से जुड़े उत्सवों में हिस्सा लेकर इस भ्रम में रहता है कि वह ज़मीन से जुड़ा हुआ है. लेकिन क्या वह कभी ये महसूस करता है कि अपनी संस्कृति, भाषा आदि को लेकर उसका नज़रिया कैसे कथित मुख्यधारा के नज़रिये जैसा हो जाता है?

नंदिनी सुंदर. (फोटो: Special arrangement)

झूठे आरोपों की मानसिक प्रताड़ना के लिए कार्यकर्ताओं को मुआवज़ा दे छत्तीसगढ़ सरकार: एनएचआरसी

छत्तीसगढ़ पुलिस ने सुकमा ज़िले के एक शख़्स की हत्या के आरोप में नवंबर 2016 में कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को नामजद किया था. फरवरी 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने मामले की जांच की और हत्या में कार्यकर्ताओं की भूमिका न पाए जाने पर आरोप वापस लेते हुए एफआईआर से नाम हटा लिए.

एम्स में पीड़िता के परिजनों से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल. (फोटो: पीटीआई)

दिल्लीः पश्चिम विहार में 12 साल की बच्ची से रेप, आरोपी गिरफ़्तार

घटना पश्चिम विहार के पीरागढ़ी इलाके में चार अगस्त को हुई. बलात्कार के बाद बच्ची की हत्या का प्रयास भी किया गया. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.

ताहिर हुसैन. (फोटो: द वायर/वीडियोग्रैब)

दिल्ली पुलिस के पास ताहिर हुसैन को दंगों से जोड़ने का कोई सबूत नहीं: वकील

बीते दिनों दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में शामिल होने की बात स्वीकार ली है. हुसैन के वकील जावेद अली का कहना है कि उनके मुवक्किल ने कभी इस तरह का कोई बयान नहीं दिया. पुलिस के पास अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य नहीं हैं.