समाज

A girl in Kochi, in the south-western state of Kerala, protests against the rape in Kathua, near Jammu, northern India. Photograph: Sivaram V/Reuters

बच्चे यौन हिंसा नहीं बल्कि यौनिक युद्ध का सामना कर रहे हैं, वे न घर में सुरक्षित हैं और न बाहर

विकास के दावों के बीच भारत के अनुभव और ज़मीनी सच्चाई बता रही है कि समाज और सरकारें बच्चों का संरक्षण सुनिश्चित कर पाने में तो नाकाम हैं ही आगे भी इनके नाकाम रहने की आशंका है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Indian Community, at Madison Square Garden, in New York on September 28, 2014.

प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि भारतीय पासपोर्ट का वजन बढ़ा है, तो अमीर नागरिकता क्यों छोड़ रहे हैं?

दुनिया भर में चीन के बाद भारत दूसरे नंबर है, जिसके अरबपति नागरिकता छोड़ देते हैं. 2015 और 2017 के बीच 17,000 अति अमीर भारतीयों ने प्यारे भारत का त्याग कर दिया.

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप. (फोटो साभार: फेसबुक)

बॉलीवुड के यौन उत्पीड़न के शिकार ज़रूर मुंह खोलें: अनुराग कश्यप

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने कहा कि बॉलीवुड में व्याप्त यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर कलाकारों की बातों का तब तक कोई मतलब नहीं है, जब तक इसे झेलने वाले अपना मुंह बंद रखते हैं.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद. (फोटो: रॉयटर्स)

बच्चियों से बलात्कार के दोषी को मौत की सजा देने संबंधी अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी

बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने अध्यादेश के विरोध में कहा है कि मौत की सज़ा के प्रावधान के बाद बच्चियों से बलात्कार के ज्यादातर मामले दर्ज ही नहीं कराए जाएंगे. क्योंकि ज्यादातर मामलों में परिवार के सदस्य ही आरोपी होते हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

राष्ट्रवाद की गढ़ी जा रही अवधारणा का आज़ादी की लड़ाई के वक़्त की अवधारणा से मेल नहीं: इतिहासकार

इतिहासकार प्रोफेसर मृदुला मुखर्जी ने कहा कि वह राष्ट्रवाद सर्वसमावेशी और बहुआयामी था, जिसमें हर क्षेत्र, धर्म, संप्रदाय, हर भाषा को बोलने वाले और सभी जनजातीय समूह के लोग शामिल थे.

On 20 May 1951, Dr. Ambedkar addressed a conference on the occasion of Buddha Jayanti organised at Ambedkar Bhawan, Delhi. The Guest of Honour was the then Ambassador of France in India. Shankaranand Shastri is seen on the right in the photograph.

आंबेडकर के रेडिकल पक्ष से कौन डरता है?

बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के रेडिकल पक्ष को नज़रअंदाज़ करने के पीछे की राजनीति बहुत पुरानी है. शासक जमातें उत्पीड़ित तबकों से आने वाले नेताओं को सीमित करके प्रस्तुत करती हैं.

जिम कॉर्बेट. (जन्म: 25 जुलाई 1875 - अवसान: 19 अप्रैल 1955, फोटो: विकि​पीडिया)

जिम कॉर्बेट मानते थे कि बाघ बचाने में भारतीय नेताओं की दिलचस्पी नहीं, क्योंकि वे वोट नहीं देते

पुण्यतिथि विशेष: कुमायूं के किसी गांव का किसान जब उनके पास यह गुहार लेकर आता कि बाघ उनके घरेलू जानवर को खींच ले गया है तो वह अपना बटुआ मंगाते और किसान को हुए नुकसान का पूरा मुआवज़ा दे देते.

(फोटो साभार: फेसबुक)

गुरु नानक पर बनी फिल्म ‘नानक शाह फकीर’ का सिख संगठन विरोध क्यों कर रहे हैं?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सिख संगठनों द्वारा जताई जा रही आपत्ति की वजह से किसी भी सिनेमाघर में फिल्म रिलीज़ नहीं हो सकी है. अकाल तख़्त ने निर्देशक हरिंदर सिंह सिक्का को सिख कौम से बाहर कर देने का आदेश दिया है.

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रोहिंग्या बस्ती में आग: मिनटों में उजड़ गईं सैकड़ों ज़िंदगियां

रविवार सुबह दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके के पास बनी रोहिंग्या शरणार्थियों की बस्ती में आग लग गई थी, जिससे यहां सात साल से रह रहे क़रीब 250 रोहिंग्या शरणार्थी बेघर हो गए.

ग्वालियर में दलित समुदाय की ओर से दो अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद के दौरान मारे राकेश टमोटिया और दीपक जाटव. (फोटो: सौरभ अरोरा/दीप​क गोस्वामी)

‘भारत बंद’ के दौरान ग्वालियर में मारे गए दलितों के परिवार अब तक इंसाफ़ के इंतज़ार में हैं

ग्वालियर से ग्राउंड रिपोर्ट: राकेश टमोटिया और दीपक जाटव की मौत दो अप्रैल को ‘भारत बंद’ के दौरान हुए उपद्रव में गोली लगने से हो गई थी.

India's Prime Minister Narendra Modi arrives to launch a digital payment app linked with a nationwide biometric database during the "DigiDhan" fair, in New Delhi, India, December 30, 2016. REUTERS/Adnan Abidi

आठ साल की बच्ची के साथ हुई वहशियाना हरकत दिखाती है कि हम नीचता की किन गहराइयों में डूब चुके हैं

प्रधानमंत्री के नाम लिखे एक पत्र में रिटायर्ड नौकरशाहों ने कहा कि यह पत्र केवल सामूहिक शर्म या अपनी पीड़ा को आवाज़ देने के लिए नहीं बल्कि सामाजिक जीवन में ज़बरदस्ती घुसा दिए गए घृणा और विभाजन के एजेंडा के ख़िलाफ़ लिखा गया है.

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आप सांप्रदायिकता से लड़िए क्योंकि इसमें आप मारे जाते हैं

सांप्रदायिकता से इसलिए मत लड़िए कि कांग्रेस-बीजेपी करना है. ये पार्टियां या तो चुप रहकर सांप्रदायिकता करती हैं या फिर खुलेआम. इनके आने-जाने से यह लड़ाई कभी अंजाम पर नहीं पहुंचती है.

Padman

बॉलीवुड का नया ‘आदर्श’ भारतीय, राष्ट्रवादी और सरकार का पैरोकार है

अब फिल्मों में एक नया तत्व दिखाई दे रहा है. यह है उग्र राष्ट्रवादी तेवर, जो न सिर्फ सोशल मीडिया और समाज के एक ख़ास वर्ग में दिखाई देने वाली भावावेश भरी राष्ट्रीयता से मेल खाता है, बल्कि वर्तमान सरकार के एजेंडे के साथ भी अच्छे से कदम मिलाकर चलता है.

अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ (जन्म 15 अप्रैल 1865 - 16 मार्च 1947, फोटो: विकिपीडिया)

आपको पता है, ‘हरिऔध’ का घर और स्मृतियां दोनों खंडहर हो गई हैं

अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ के पट्टीदारों ने उनकी विरासत को लंबे अरसे तक झगड़े में फंसाकर उन्हें जैसी ‘श्रद्धांजलि’ दी, वैसी किसी दुश्मन को भी न मिले.

Gangrape and Murder

‘मुंह फेर कर गुज़र जाने’ का वक़्त अब नहीं रहा, कठुआ के बाद तो बिल्कुल नहीं

इस तरह के पागलपन और दरिंदगी के आलम में हमारा पूरा वजूद सुन्न पड़ जाता है. एक मायूसी भरा सन्नाटा सबको अपनी चपेट में ले लेता है. मगर फिर एक मुकाम वो भी आता है, जहां यही मायूसी एक भयानक गुस्से में तब्दील हो जाती है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद. (फोटो: रॉयटर्स)

राष्ट्रपति जी! मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं

जम्मू कश्मीर के कठुआ ज़िले में आठ साल की मासूम से बलात्कार और फिर हत्या के बाद एक पिता का राष्ट्रपति के नाम पत्र.

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‘राहुल सांकृत्यायन घुमक्कड़ लेखक भर नहीं, बल्कि शिक्षक थे’

वीडियो: 9 अप्रैल को लेखक और विचारक राहुल सांकृत्यायन का 125वां जन्मदिन था. दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में उनके जीवन और कृतित्व पर लगी प्रदर्शनी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश से बातचीत.

Srinagar: A group of people display placards and raise slogans during a protest demanding justice for eight year old Ashifa of Kathwa Jammu, who was allegedly gangraped and murdered, in Srinagar on Tuesday. PTI Photo by S. Irfan (PTI4_10_2018_000129B)

कठुआ बलात्कार-हत्या मामले में जो कुछ हो रहा है, वो हमारी इंसानियत पर सवाल खड़ा करता है

जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की मासूम से सामूहिक बलात्कार और जघन्य हत्या के मामले में पुलिस, वकील और राजनेताओं की भूमिका ने संवेदनहीनता के नए प्रतिमान गढ़ने का काम किया है.

सेना द्वारा मानव ढाल बनाए गए फ़ारूक़ अहमद डार.

सेना द्वारा मानव ढाल बनाए गए फ़ारूक़ को वोट डालने पर सामाजिक बहिष्कार भी सहना पड़ा

कश्मीर में पिछले साल नौ अप्रैल को सेना ने फ़ारूक़ को पत्थरबाज़ बताते हुए जीप की बोनट से बांधकर कई गांवों में घुमाया था. घटना के एक साल बाद भी फ़ारूक़ अवसाद में हैं.

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चुप रहोगे तो ज़माना इससे बदतर आएगा

भारत बंद पर सोशल मीडिया के हाई वोल्टेज ड्रामा को देखते हुए ये महसूस हुआ कि पुलिस और सरकार की विफलता पर बात नहीं करने की होशियारी और हिंसा के नाम पर असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की चालाकी ज़्यादा ख़तरनाक हिंसा है.

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नाथ संप्रदाय: धार्मिक मेल-जोल की राजनीति से हिंदुत्व की राजनीति तक

आज भले ही योगी आदित्यनाथ सियासी फ़ायदे के लिए संप्रदायों का ध्रुवीकरण करते हों, लेकिन हाल ही में सामने आए दो अप्रकाशित सिद्धांत बताते हैं कि 20वीं शताब्दी से पहले, नाथ संप्रदाय के सदस्य सत्ता पाने के लिए धार्मिक मेलजोल का सहारा लिया करते थे.

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एक साल बीतने के बाद भी सेना के ‘मानव ढाल’ को इंसाफ़ का इंतज़ार है

9 अप्रैल 2017 को सेना द्वारा जीप पर बांधकर घुमाए गए फ़ारूक़ अहमद डार साल भर बाद भी अपनी सामान्य ज़िंदगी में लौटने के लिए जूझ रहे हैं.

Jodhpur: Bollywood actor Salman Khan arrives at the court for a hearing in allegations on Black Buck hunting case, in Jodhpur on Thursday. PTI Photo (PTI4_5_2018_000048B)

काला हिरण शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सज़ा, जोधपुर केंद्रीय कारागार भेजे गए

फिल्म हम साथ-साथ हैं की शूटिंग के दौरान 2 अक्टूबर 1998 को हुई थी घटना. अभिनेता सैफ़ अली ख़ान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम भी आरोपी थे, जिन्हें बरी कर दिया गया.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

सिंगल मदर के लिए पिता के नाम की ज़रूरत नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने बीएमसी को निर्देश दिया है कि टेस्ट ट्यूब प्रक्रिया से जन्मी एक बच्ची को वह एक नया जन्म प्रमाण पत्र जारी करे जिसमें उसके जैविक पिता का नाम न हो.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

2017 में सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 12 लोगों की मौत: दिल्ली सरकार

दिल्ली विधानसभा में शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मरने वाले कोई भी नगर निगम या सरकार के किसी अन्य नगर निकाय से संबद्ध नहीं था.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा. (फाइल साभार: ट्विटर)

टीवी पर संबित को देखा तो बचपन का वो ‘मूर्ख मौलाना’ याद आ गया

बचपन में होली खेलने के लिए मस्जिद से पानी लेने गया तो मौलाना ने ग़ैर-मुस्लिम होने का सर्टिफिकेट दे दिया. गुरुवार को टीवी पर संबित को सुना तो बचपन की यादें ताज़ा हो गईं.

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बिहार से ग्राउंड रिपोर्ट: नीतीश कुमार की शराबबंदी का नशा गरीबों को भारी पड़ रहा है

शराबबंदी क़ानून के तहत अब तक कुल 1 लाख 21 हज़ार 586 लोगों की ग़िरफ्तारी हुई है, जिनमें से अधिकांश बेहद ग़रीब तबके से आते हैं.

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बद्री विशाल पित्ती: हैदराबाद की पांचवीं मीनार

जन्मदिन विशेष: कार्ल मार्क्स और मार्क्सवाद के संदर्भ में जो महत्व फ्रेडरिक एंगेल्स का है, डाॅ. राममनोहर लोहिया और समाजवाद के लिए वही महत्व बद्री विशाल पित्ती का है.

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क्या आधुनिक शिक्षा के पैरोकार सर सैयद अहमद ख़ान औरतों की तालीम के ख़िलाफ़ थे?

सर सैयद का मानना था कि जब मर्द लायक़ हो जाते हैं, तब औरतें भी लायक़ हो जाती हैं. जब तक मर्द लायक़ न हों, औरतें भी लायक़ नहीं हो सकतीं. यही सबब है कि हम कुछ औरतों की तालीम का ख़्याल नहीं करते हैं.

खाप पंचायत प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

दो वयस्कों के विवाह में किसी भी प्रकार का दखल पूरी तरह ग़ैरकानूनी: सुप्रीम कोर्ट

एक खाप पंचायत अध्यक्ष ने कहा है, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करेंगे. हम वेदों को मानते हैं और वेदों में सगोत्रीय विवाहों को अनुमति नहीं दी गई है. एक ही गांव में रह रहे लोग भाई-बहन होते हैं, वे पति-पत्नी कैसे बन सकते हैं?’

(फोटो: रॉयटर्स)

भूख से 12 करोड़ से अधिक लोगों के मरने का ख़तरा: संयुक्त राष्ट्र

विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि भूख से जूझ रहे तकरीबन तीन करोड़ 20 लाख लोग चार संघर्षरत देशों- सोमालिया, यमन, दक्षिण सूडान और उत्तर पूर्व नाइजीरिया में रह रहे हैं.

BulandShahar

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पंचायत के आदेश पर महिला की सरेआम बेरहमी से पिटाई

महिला के कथित तौर पर एक युवक के साथ कहीं और चले जाने पर पंचायत ने सुनाई सज़ा. पुलिस ने पति और पूर्व ग्राम प्रधान समेत तीन नामज़द लोगों को किया गिरफ़्तार.

Women Reuters

क्यों हम दूसरे की पीड़ा महसूस नहीं कर पाते

वर्तमान समाज को सहानुभूति की नहीं, समानुभूति की ज़रूरत है. आज नीति बनाने वालों में ही ‘समानुभूति’ का तत्व खत्म हो चुका है. नीति बनाते समय उन्हें आंकड़े चाहिए होते हैं, एहसास नहीं.

Water Crisis Reuters

इस दौर में हमारी राजनीति ज़्यादा गिरी है कि भूजल, तय कर पाना कठिन है

विश्व जल दिवस: दीवारें खड़ी करने से समुद्र पीछे हट जाएगा, तटबंद बना देने से बाढ़ रुक जाएगी, बाहर से अनाज मंगवाकर बांट देने से अकाल दूर हो जाएगा. बुरे विचारों की ऐसी बाढ़ से, अच्छे विचारों के ऐसे ही अकाल से, हमारा यह जल संकट बढ़ा है.

भीमा कोरेगांव हिंसा के ख़िलाफ़ मुंबई में दलित समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन (फोटो: पीटीआई)

2016 में दलितों के ख़िलाफ़ जातिगत भेदभाव के 40 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज हुए

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने सदन में बताया कि 2015 के मुक़ाबले 2016 में दलितों के ख़िलाफ़ जातिगत भेदभाव के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है.

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उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान: भारतीय संगीत का संत कबीर

पुण्यतिथि विशेष: उस्ताद ऐसे बनारसी थे जो गंगा में वज़ू करके नमाज़ पढ़ते थे और सरस्वती को याद कर शहनाई की तान छेड़ते थे. इस्लाम में संगीत के हराम होने के सवाल पर हंसकर कहते थे, ‘क्या हुआ इस्लाम में संगीत की मनाही है, क़ुरान की शुरुआत तो ‘बिस्मिल्लाह’ से ही होती है.’

Kaziranga: Rhinos and buffalos take shelter at a high land  in the flooded Kaziranga National Park in Assam on Wednesday. PTI Photo    (PTI7_12_2017_000263B)

पर्यावरण को यह छूट कभी हासिल नहीं रही कि वह किसी हुकूमत की राह का रोड़ा बने

पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के अभिजात्य और शासक वर्गों में पर्यावरण और सामाजिक-नागरिक प्रतिरोध के केंद्र के रूप में सघन वन्य इलाक़ों को नकारात्मक रूप से देखने की प्रवृत्ति मिलती है.