समाज

Kedarnath Singh Final

‘कथाओं से भरे इस देश में… मैं भी एक कथा हूं’

हिंदी साहित्य के संसार में केदारनाथ सिंह की कविता अपनी विनम्र उपस्थिति के साथ पाठक के बगल में जाकर खड़ी हो जाती है. वे अपनी कविताओं में किसी क्रांति या आंदोलन के पक्ष में बिना शोर किए मनुष्य, चींटी, कठफोड़वा या जुलाहे के पक्ष में दिखते हैं.

Kedarnath Singh Youtube

केदारनाथ सिंह: वो कवि जो ‘तीसरे’ की खोज में पुलों से गुज़र गया

केदारनाथ सिंह की कविताओं में सबसे अधिक आया हुआ बिंब वह है जो ‘जोड़ता’ है. उन्हें वह हर चीज़ पसंद थी जो जोड़ती है. वो चाहे सड़क हो या पुल, शब्द हो या सड़क, जो लोगों को मिलाती है, उनकी आंखों में एक छवि बनकर तैरती रहती और फिर पिघलकर कविता में ढल जाती.

केदारनाथ सिंह. (फोटो साभार: भारतीय ज्ञानपीठ)

हिंदी के प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह का निधन

उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले में हुआ जन्म. पेट में संक्रमण की वजह से केदारनाथ सिंह को नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था.

School children try to watch a cultural event through a temporary divider as others wait for their bus at a school in Mumbai January 30, 2014. REUTERS/Danish Siddiqui (INDIA - Tags: EDUCATION SOCIETY)

पढ़ाई छोड़ने वालों में दलित और मुस्लिम बच्चों की संख्या सबसे ज़्यादा: सरकार

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री ने बताया कि प्राथमिक शिक्षा में अनुसूचित जाति के बच्चों की औसत ड्रॉप आउट दर 4.46, अनुसूचित जनजाति की 6.93 और मुस्लिम समुदाय की 6.54 फीसदी है.

मुहम्मद अली, टॉमी स्मिथ, जॉन कॉर्लोस और कॉलिन केपरनिक. फोटो: रॉयटर्स)

हमारे ‘महान’ खिलाड़ी मुश्किल समय में जनता के साथ क्यों नहीं खड़े होते?

हमारे महान खिलाड़ियों को जनता सिर-आंखों पर बैठाती है, मगर जनता पर जब ऐसी कोई त्रासदी बरपा करती है- जिसके लिए सरकार या समाज का एक वर्ग ज़िम्मेदार हो तो वे ऐसे विलुप्त हो जाते हैं, गोया इस दुनिया में रहते न हों.

Vegetable Stalls Reuters

क्या भारतीय समाज वास्तव में शाकाहारी है?

भारत की मिथकीय कल्पना एक शाकाहारी समाज के तौर पर की जाती रही है, लेकिन किसी भी सामाजिक समूह के खान-पान या आहार की आदतों से जुड़ा कोई दावा पूरी तरह सही नहीं हो सकता.

HabibJalib_FridayTimes

‘हुक्मरां हो गए कमीने लोग, ख़ाक में मिल गए नगीने लोग’

जनता के अधिकारों के लिए सत्ता से लोहा लेने वाले हबीब जालिब ने गांव-देहात को अपने पांव से बांध लिया था और उसी पांव के ज़ख़्म पर खड़े होकर सत्ता को आईना दिखाते रहे.

Muslims hold banners as they protest against the recent cases of mob lynching of Muslims who were accused of possessing beef, after offering Eid al-Fitr prayers in Ahmedabad, India June 26, 2017. REUTERS/Amit Dave - RTS18NUG

अल्पसंख्यकों को भीड़ द्वारा मारने से जुड़ी घटनाओं का आंकड़ा नहीं रखता एनसीआरबी: सरकार

लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो देश में भीड़ द्वारा अल्पसंख्यकों की हत्या की घटनाओं के संबंध में विशिष्ट आंकड़े नहीं रखता है.

Manual Scavenging Reuters

मैला ढोने की प्रथा को गंभीरता से ले मंत्रालय: संसदीय समिति

संसद की एक समिति ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को फटकार लगाते हुए कहा है कि मैला ढोने के काम में लगे लोगों के पुनर्वास हेतु स्व-रोजगार योजना का बजट आवंटन बढ़ाया जाए.

Gobindgarh Fort FB5

गोबिंदगढ़ क़िला: बाज़ार के हाथों में इतिहास का ज़िम्मा

अमृतसर के गोबिंदगढ़ क़िले में इतिहास की निशानियां सुरक्षित रहनी चाहिए, लेकिन पुरातात्विक विभाग को इमारत का ज़िम्मा देने के बजाय पंजाब सरकार ने बॉलीवुड अभिनेत्री दीपा साही को इसे वर्चुअल रियलिटी थीम पार्क में बदलने की ज़िम्मेदारी सौंपी है.

वडाली ब्रदर्स प्यारेलाल वडाली (दाएं) और पूरनचंद वडाली (बीच में). (फोटो साभार: यूट्यूब)

वडाली ब्रदर्स में से एक सूफ़ी गायक प्यारेलाल वडाली का निधन

पंजाबी सूफ़ी संगीत की दुनिया में बेहद लोकप्रिय थे प्यारेलाल वडाली. अपने भाई पूरन चंद वडाली के साथ मिलकर ‘तू माने या न माने’ जैसे कई लोकप्रिय गीत गा चुके थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

कुछ शर्तों के साथ ‘इच्छामृत्यु’ की सुप्रीम कोर्ट ने दी इज़ाज़त

पैसिव यूथेनेशिया या निष्क्रिय इच्छामृत्यु वह स्थिति है जब किसी लाइलाज बीमारी से पीड़ित इंसान को मौत की तरफ बढ़ाने की मंशा से उसे इलाज देना बंद कर दिया जाता है.

The Mahakali is a transboundary river that forms the border between India (Uttarakhand) and Nepal. Credit: Sumit Mahar

भारत के सबसे ऊंचे बांध के निर्माण का विरोध क्यों हो रहा है?

उत्तराखंड में बन रहे पंचेश्वर बांध से करीब 80 हज़ार से ज़्यादा लोग प्रभावित होंगे. जिसमें मुख्यतः किसान, मज़दूर और मछुआरे हैं.

Jaipur: A Muslim woman shopping for the upcoming Eid-ul-Fitr festival at Ramganj Bazar in Jaipur on Thursday. PTI Photo(PTI6_22_2017_000148B)

औरत का मुसलमान होना भी औरत होने की तरह ही ख़तरनाक है…

औरत सिर्फ़ औरत हो तो शायद उसके हिस्से का अज़ाब कट जाए, लेकिन वो औरत के साथ मुसलमान भी हो तो अपने अज़ाब के साथ कटती ही नहीं, मरती है और मरती रहती है.

::STANDALONE PHOTO PACKAGE:: Udaipur: Shanta (10), Meena (15), Champa (12) and Pushpa (16) in a light mood after a friendly match at village Mota Bhata in Udaipur. An NGO, Vikalp Sansthan, is training girls of this Bhil tribe in volleyball; in an attempt to try and pull them out of their homes and making them comfortable not just in the open fields of the village area but also with their own selves. The girls from this extremely remote area of Rajasthan have found a means of self expression through this simple game. International Women's Day observed on March 8th, has 'Press for Progress', which promotes gender parity as it theme this year. PTI Photo by Rohit Jain(PTI3_7_2018_000136B)

क्यों महिलाओं की आर्थिक-राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई बाज़ार के डिस्काउंट तक सिमट गई है?

अंतरराष्ट्रीय ‘श्रमजीवी’ महिला दिवस से श्रमजीवी शब्द को हटाना मज़दूर महिलाओं के संघर्ष और इस दिन के इतिहास के महत्व को कम करता है.

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कोठे की श्रृंखला तोड़ने वाली मां के नाम…

संस्मरण: मां जब छोटी थी तभी उनकी शादी करा दी गई. मां बड़ी हुईं तो उनकी सास ने उन्हें कोलकाता के एक कोठे पर बिठा दिया. सास और उनके बेटे का धंधा छोटी लड़कियों को ब्याह कर सोनागाछी में बेचने का था.

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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शर्तें उसे महिला विरोधी बनाती हैं

बेस्ट ऑफ 2018: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत दी गई पात्रता शर्तें इसका उद्देश्य पूरा करने की राह में रोड़ा हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

हरियाणा में दो हफ़्तों के दौरान ऑनर किलिंग के चार मामलों में चार की हत्या

हरियाणा के जींद, महेंद्रगढ़, सोनीपत और झज्जर ज़िलों में हुई वारदात. चार अलग-अलग घटनाओं में दो युवक और दो युवतियों की हत्या कर दी गई.

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रेणु नहीं हैं, मेरे लिए यह अब भी अख़बारी अफ़वाह है: निर्मल वर्मा

आज उपन्यासकार फणीश्वर नाथ रेणु का जन्मदिन है. ये मार्मिक संस्मरण कहानीकार निर्मल वर्मा ने उन्हें याद करते हुए लिखा था. इसे रेणु की पुस्तक ‘ऋणजल धनजल’ में शामिल किया गया है.

नज़ीर अकबराबादी.

नज़ीर अकबराबादी: होली की बहारों का बेनज़ीर शायर

फिराक़ गोरखपुरी लिखते हैं कि नज़ीर दुनिया के रंग में रंगे हुए महाकवि थे. वे दुनिया में और दुनिया उनमें रहती थी, जो उनकी कविताओं में हंसती-बोलती, जीती-जागती त्योहार मनाती नज़र आती है.

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आज रंग है ऐ मां रंग है, मेरे महबूब के घर रंग है री…

सूफ़िया-ए-किराम हों या पीर-फ़क़ीर, दरवेश हों या साधू-संत सब अपने-अपने पीर-ओ-मुर्शिद और ख़ुदा से रिश्ता क़ायम करने के लिए इश्क़ पर ज़ोर देते हैं. इश्क़ के अनेक रंगों में एक रंग होली का है.

Sabarkantha Gujarat

गुजरात में मूंछ रखने पर दलित युवक की पिटाई, मूंछ मुंड़वाई

साबरकांठा ज़िले के अल्पेश पंड्या का आरोप है कि मूंछ रखने के चलते ठाकोर समुदाय के लोगों ने उसे पीटा, साथ ही जबरन मूंछ भी मुंड़वा दी.

Sridevi Shemaroo

श्रीदेवी: ज़िंदगी के उदास क़िस्से में एक लड़की का नाम और सही…

श्रीदेवी एहसासों में हैं, खिलखिलाहट में हैं, चुलबुलेपन में हैं. वो ख़ुद ही एक नृत्य हैं, एक पेंटिंग हैं. वो हम में ही कहीं भरी हुई हैं.

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भगत सिंह और सावरकर: दो याचिकाएं जो हिंद और हिंदुत्व का अंतर बताती हैं

भगत सिंह ने ब्रिटिश सरकार से कहा कि उनके फांसी देने की जगह गोलियों से भून दिया जाए. सावरकर ने अपील की उन्हें छोड़ दिया जाए तो आजीवन क्रांति से किनारा कर लेंगे.

मधु, केरल में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डाला गया युवक (फोटो साभार: ट्विटर)

केरल: चोरी के आरोप में आदिवासी युवक को पीटकर मारे जाने की घटना के संबंध में दो गिरफ़्तार

केरल के आदिवासी बहुल इलाके अट्टाप्पदी में हुई घटना. आदिवासी युवक को बांधकर पीटते हुए लोगों ने ली थी से​ल्फी. मुख्यमंत्री ने घटना की निंदा की.

Nirala Hindi Kavita

‘यह कवि अपराजेय निराला, जिसको मिला गरल का प्याला’

निराला के देखने का दायरा बहुत बड़ा था. ‘देखना’ वेदना से गुज़रना है. उन्होंने अपने शहर के रास्ते पर ‘गुरु हथौड़ा हाथ लिए’ पत्थर तोड़ती हुई औरत देखी. सभ्यता की वह राह देखी जहां से ‘जनता को पोथियों में बांधे हुए ऋषि-मुनि’ आराम से गुज़र गए. चुपके से प्रेम करने वाला ‘बम्हन लड़का’ और उसकी ‘कहारिन’ प्रेमिका देखी.

हिन्दू एकता मंच द्वारा कठुआ में कथित बलात्कार आरोपी के समर्थन में रैली (फोटो: ट्विटर/@nazir_masoodi)

क्या तिरंगा यात्राएं शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बनती जा रही हैं?

देश के झंडे को भी क्यों सांप्रदायिक आधार पर बांटा जा रहा है? क्या हम लड़ते-लड़ते इतने दूर आ गए हैं कि देश के झंडे का भी बंटवारा कर देंगे?

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मध्य प्रदेश में 3 बच्चियां जलकर नहीं मरीं, व्यवस्था ने उनकी हत्या की है

यदि सरकारों ने बच्चों की प्रारंभिक देखरेख और सुरक्षा पर ध्यान दिया होता, तो आज राखी, मीनू और सीता ज़िंदा होतीं.

ताज महल (फोटो: रायटर्स)

ताजमहल को मंदिर में बदलने से पहले भाजपा को अपने गुरु मुखर्जी को याद कर लेना चाहिए

अगर विनय कटियार और उन जैसे बेरोजगार बैठे दूसरे भाजपा नेताओं ने अपने संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पढ़ा होता तो बैसिर-पैर के दावे नहीं करते.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

21 बड़े राज्यों में से 17 के लिंगानुपात में गिरावट: नीति आयोग

नीति आयोग द्वारा जारी ‘स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत’ नामक यह रिपोर्ट 2015-16 की अवधि के लिए तीन श्रेणियों बड़े राज्य, छोटे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के आधार पर तैयार की गई है.

भानू वणकर और झुलसती हुई तस्वीर (फोटो: ट्विटर/जिग्नेश)

गुजरात: दलितों को ज़मीन आवंटन में देरी से नाराज़ कार्यकर्ता की आत्मदाह के बाद मौत

पाटण ज़िले के दूधका गांव के दलितों को पैसा जमा करने के बाद भी लगभग तीन साल से ज़मीन आवंटित नहीं की गई है. निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने वणकर की आत्महत्या को ‘सरकारी हत्या’ क़रार दिया है.

An Indian woman carries cow dung to prepare cow dung cake on the outskirts of Allahabad, India, Wednesday, Oct. 22, 2014. Cow dung cakes are popularly used as fuel for cooking in rural India. (AP Photo/Rajesh Kumar Singh)

सवर्ण महिलाओं की तुलना में लगभग 14 साल कम जीती हैं दलित महिलाएं: रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार देश में दलित महिलाओं के लिए मृत्यु का जोखिम उचित साफ-सफाई, पानी की कमी और समुचित स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में बढ़ जाता है.

प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई

पंजाब पुलिस की गायकों को नसीहत, गानों में न करें शराब और हिंसा का महिमामंडन

पुलिस ने कहा, सामाजिक ज़िम्मेदारी समझें गायक. गानों में शराब, हथियार आदि के महिमामंडन से युवाओं में बढ़ रही हैं आपराधिक प्रवृत्तियां.

Lucknow: Youth claiming to be unemployed sell 'Pakoras' to counter Prime Minister Narendra Modi's statement on employment, in an old area of Lucknow on Wednesday. PTI Photo by Nand Kumar(PTI2_7_2018_000178B)

पकौड़े! तुम होशियार रहना, मोदीजी ने तुम्हारा सहारा लेकर करोड़ों युवाओं को ठेंगा दिखाया है

​व्यंग्य: हे पकौड़ा! तुम चाय की तरह हमेशा के लिए अमर हो जाते अगर मोदीजी कह देते, ‘मैं चाय के साथ पकौड़ा भी बेचता था, इसलिए मैं चाहता हूं भाइयों-बहनों की पूरा हिंदुस्तान चाय-पकौड़ा बेचे’.

फिल्म मणिकर्णिका का पोस्टर. (फोटो साभार: ​फेसबुक)

पद्मावत के बाद कंगना की फिल्म मणिकर्णिका का विरोध शुरू, करणी सेना का ब्राह्मण महासभा को समर्थन

राजस्थान में सर्व ब्राह्मण महासभा फिल्म में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को एक विदेशी की प्रेमिका बताए जाने को लेकर फिल्म का विरोध कर रही है. करणी सेना के संयोजक ने कहा कि अगर ब्राह्मण का ख़ून बहेगा तो राजपूत क्या चुप रहेगा.