समाज

Trans 2

ट्रांसजेंडर समुदाय, जिनके बारे में लॉकडाउन में किसी ने नहीं सोचा

वीडियो: मार्च 2020 में जब लॉकडाउन लगाया गया था तब देश की मीडिया ने सभी की बात की, लेकिन ट्रांसजेंडर्स के बारे में मीडिया और सरकार की बेरुखी ही देखने को मिली. महामारी के कठिन दौर में उनकी चुनौतियों और विभिन्न मसलों पर इस समुदाय के लिए काम करने वाली कोलकाता रिसता की संस्थापक संतोष से याक़ूत अली की बातचीत.

बांग्ला कलाकारों के वीडियो का दृश्य। (साभार: वीडियोग्रैब/यूट्यूब)

बंगाल: चुनाव से ठीक पहले बांग्ला कलाकारों ने कहा- विभाजनकारी राजनीति नहीं होने देंगे

सोशल मीडिया पर सिनेमा, थिएटर और संगीत के क्षेत्र से जुड़े कुछ बंगाली कलाकारों और संगीतकारों ने इस हफ़्ते रिलीज़ एक गीत में बिना किसी दल का नाम लिए ‘फासीवादी ताकतों’ को उखाड़ फेंकने की बात की है. उन्होंने बेरोज़गारी, मॉब लिंचिंग और पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों का भी मुद्दा उठाया है.

(फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स /CC BY-SA 2.0)

लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा की शिकायतों में हुई बढ़ोतरी बरक़रार: राष्ट्रीय महिला आयोग

लॉकडाउन ख़त्म होने के एक साल बाद भी आयोग को हर महीने महिलाओं के विरुद्ध अपराध की दो हज़ार से अधिक शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें से लगभग एक चौथाई घरेलू हिंसा से संबंधित हैं. राष्ट्रीय महिला आयोग को वर्ष 2019 में आयोग को घरेलू हिंसा से संबंधित 2,960 शिकायतें मिली थीं, जबकि 2020 में 5,297 शिकायतें प्राप्त हुई हैं.

फिल्म जोलै: द सीड का पोस्टर. (फोटो साभार: फेसबुक)

फिल्मकार ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समिति को लिखा, बोडो फिल्म को अवॉर्ड न मिलना निराशाजनक

असम की फिल्मकार रजनी बसुमतारी ने नाख़ुशी ज़ाहिर करते हुए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समिति के अध्यक्ष एन. चंद्रा को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार द्वारा छोटे सांस्कृतिक समुदायों, उनकी भाषा संस्कृति को सहेजने के वादों के बीच किसी बोडो फिल्म का ऐसी फिल्म की ही श्रेणी में न चुना जाना निर्णायक मंडल के सदस्यों की विफलता है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

आरक्षण गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं, वंचितों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का तरीका है

बढ़ती सामाजिक असमानता के दौर में देश की शीर्ष अदालत का आरक्षण पर सवाल उठाना निराशाजनक है और यह वंचित तबके का न्यायपालिका में भरोसा कम करता है.

(फोटो: पीटीआई)

झूठे मामलों में फंसाए गए लोगों को मुआवज़े के दिशानिर्देश को लेकर अदालत का केंद्र को नोटिस

शीर्ष अदालत ने कहा कि इस तरह के झूठे आपराधिक मामलों में शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. अदालत में दायर याचिकाओं में कहा है कि फ़र्ज़ी दुर्भावनापूर्ण मुकदमों और उत्पीड़न के शिकार निर्दोष लोगों को मुआवज़ा देने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है. बिना किसी ग़लती के जेल में बंद करना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: युवती के उत्पीड़न का आरोपी एसआई गिरफ़्तार, 15 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

घटना बस्ती ज़िले की है, जहां एक युवती का आरोप है कि बीते साल मार्च में लॉकडाउन में मास्क न लगाने पर सब-इंस्पेक्टर दीपक सिंह ने उनका नंबर लिया और फिर उन्हें आपत्तिजनक मैसेज भेजकर यौन संबंध बनाने को कहा. इससे इनकार के बाद उनके परिजनों को झूठे मामलों में फंसाकर पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया गया.

भारतीय सुप्रीम कोर्ट (फोटो: रायटर्स)

सिर पर मैला ढोने की प्रथा: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राज्यों को जवाब देने के लिए बाध्य नहीं कर सकते

साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 1993 के बाद से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से काम पर रखे गए सिर पर मैला ढोने वाले लोगों की संख्या के बारे में स्थिति रिपोर्ट दायर करने को कहा था. हालांकि याचिकाकर्ता ने कहा कि 40 से अधिक राज्यों में से केवल 13 ने ही हलफ़नामा दाख़िल किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 महामारी के बाद लैंगिक समानता पर ध्यान दे दुनिया: संयुक्त राष्ट्र महिला निकाय

एक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के प्रबंधक ने कहा कि कोविड-19 महामारी से सबसे ज़्यादा और बुरी तरह महिलाएं ही प्रभावित हुई हैं, फिर भी महामारी का मुक़ाबला करने से संबंधित निर्णय प्रक्रिया से महिलाओं को ही व्यवस्थागत तरीके से बाहर रखा जा रहा है.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

तमिलनाडु की सात जातियों को एक करने वाला विधेयक राज्यसभा में पास

राज्यसभा ने संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश संशोधन विधेयक 2021 को मंज़ूरी दे दी. लोकसभा में यह विधेयक पिछले हफ़्ते पारित हुआ था. तमिलनाडु के सात समुदाय- देवेंद्रकुललथन, कल्लडी, कुदुंबन, पल्लन, पन्नाडी, वथिरियन और कडइयन को अब देवेंद्रकुला वेलालर के नाम से जाना जाएगा.

मनोज बाजपेयी, कंगना रनौत और धनुष. (फोटो: ट्विटर)

राष्ट्रीय पुरस्कार: कंगना सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, मनोज वाजपेयी तथा धनुष सर्वश्रेष्ठ अभिनेता

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए निर्देशक प्रियदर्शन की मलयालम फिल्म ‘मरक्कर: अरबिकाडालिन्ते सिंहम’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, संजय पूरन सिंह चौहान को हिंदी फिल्म ‘बहत्तर हूरें’ के लिए सर्वोत्तम निर्देशक का पुरस्कार दिया गया है. सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘छिछोरे’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म के तौर पर चुना गया.

WhatsApp Image 2021-03-21 at 00.20.33 (1)

हमारा संविधान: क्या है अनुच्छेद 14 और क्या कहता है समानता का अधिकार

वीडियो: हमारा संविधान की इस कड़ी में लोकतंत्र के ढांचे के सबसे महत्वपूर्ण मील के पत्थर- समानता के अधिकार और इससे जुड़ी बारीकियों के बारे में बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

नई दिल्ली के एक अस्पताल में योग करते कोरोना के मरीज़. (फाइल फोटोः पीटीआई)

कोविड-19 के इलाज में गायत्री मंत्र के प्रभाव के ट्रायल के लिए विज्ञान मंत्रालय ने फंड दिया

एम्स ऋषिकेश में होने वाले और विज्ञान एवं तकनीक विभाग द्वारा फंड किए गए इस अध्ययन में हल्के लक्षणों वाले कोरोना मरीज़ों पर प्राणायाम के प्रभावों का मूल्यांकन भी किया जाएगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

हरियाणा में प्रेम विवाह करने वाली बेटी की हत्या के आरोपी पुलिसकर्मी पिता के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मामला हरियाणा के फ़रीदाबाद ज़िले के बल्लभगढ़ का है. युवक-युवती ने परिवार की मर्ज़ी के बिना बीते फरवरी माह में प्रेम विवाह कर लिया था. दोनों ने अदालत से सुरक्षा की मांग भी की थी.