समाज

New Delhi: Farmers shout slogans during their protest against the new farm laws, at Delhi-Meerut Expressway in New Delhi, Friday, Dec. 4, 2020. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI04-12-2020 000035B)

किसानों के साथ सरकार की बातचीत बेनतीजा, आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान

किसान नेताओं ने ​कहा कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है तो वे आंदोलन को और तेज़ करेंगे. उनका कहना है कि पांच दिसंबर को देश भर में प्रधानमंत्री का पुतला फूंका जाएगा. तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ बीते 26 नवंबर से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हज़ारों की संख्या में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

कोरोना वैक्सीन को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: फेसबुक/@narendramodi)

मोदी जी! कोरोना टीकाकरण पर प्रचार नहीं, समुचित चर्चा की ज़रूरत है

जिस तरह कोरोना संक्रमण को काबू करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन पर मोदी सरकार ने कोई तैयारी नहीं की थी, उसी तरह टीकाकरण पर भी उसके पास कोई मुकम्मल रोडमैप नहीं है.

FILE PHOTO: Nobel Peace Prize laureate, Yazidi activist Nadia Murad gestures while talking to the people during her visit to Sinjar, Iraq December 14, 2018. REUTERS/Ari Jalal

महामारी के दौरान महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा और तस्करी की घटनाएं बढ़ीं: नोबेल पुरस्कार विजेता

मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित नादिया मुराद ने संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं. यहां तक कि कई महिलाओं की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी बाधित हो गई है.

'लव जिहाद' के खिलाफ प्रण लेते विश्व हिंदू महासंघ के सदस्य. (फोटो: पीटीआई)

‘लव जिहाद’ का इतिहास: कैसे एक ख़तरनाक, काल्पनिक विचार को संघ परिवार ने आगे बढ़ाया

कर्नाटक में ‘मोरल पुलिस’ का काम करने से लेकर उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में दंगे भड़काने तक, ‘लव जिहाद’ का राग छेड़कर हिंदू दक्षिणपंथियों ने अपने कई उद्देश्य पूरे किए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

महिला वकीलों को नियमित भेदभाव और लैंगिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है: जस्टिस गीता मित्तल

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने कहा महिलाओं के सामने एक बैरियर है, जो हमेशा उन्हें आगे बढ़ने से रोकता है. इस बैरियर के नीचे तो वे प्रमोशन पा जाती हैं, लेकिन इसके उस पार उन्हें प्रमोशन नहीं मिलता है. उन्होंने कहा कि भारत में हाईकोर्ट के मौजूदा 673 जजों में से सिर्फ़ 73 महिलाएं हैं. देश के 28 हाईकोर्ट में से सिर्फ़ वह एकमात्र मुख्य न्यायाधीश हैं.

A couple sits along the seafront promenade at dusk in Mumbai's suburbs May 16, 2012. REUTERS/Vivek Prakash

प्रेम पर भाजपा का राजनीतिक प्रपंच

एक तरफ़ भारतीय संविधान वयस्क नागरिकों को अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार देता है, धर्म चुनने की स्वतंत्रता देता है, दूसरी तरफ़ भाजपा शासित सरकारें संविधान की मूल भावना के विपरीत क़ानून बना रही हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

लव जिहाद अश्लील प्रचार है

भाजपा लव जिहाद के राग को क्यों नहीं छोड़ रही? वह हिंदुओं में भय बैठा रही है कि ‘हमारी’ स्त्रियों का इस्तेमाल करके ‘विधर्मी’ अपनी संख्या बढ़ाने का षड्यंत्र कर रहे हैं. ‘विधर्मियों’ की संख्या वृद्धि समस्या है. संख्या ही बल है और वही श्रेष्ठता का आधार है. इसलिए ऐसे हर विवाह या संबंध का विरोध किया जाना है, क्योंकि इससे ‘विधर्मी’ की संख्या बढ़ जाती है.

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यूपी में ‘लव-जिहाद’ अध्यादेश: हिंदू-मुस्लिम विवाह पर क्या होगा असर?

वीडियो: कथित लव जिहाद को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश’ को मंज़ूरी दे दी है. इसके तहत शादी के लिए छल-कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्म परिवर्तन कराए जाने पर अधिकतम 10 साल की कारावास और जुर्माने की सज़ा का प्रावधान है.

वेब सीरीज अ सूटेबल बॉय के एक दृश्य में अभिनेत्री तान्या मानिकतला. (फोटो साभार: फेसबुक/नेटफ्लिक्स)

एमपी: वेब सीरीज़ ‘अ सूटेबल बॉय’ को लेकर नेटफ्लिक्स के दो अधिकारियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

नेटफ्लिक्स पर प्रसारित वेब सीरीज़ ‘अ सूटेबल बॉय’ को प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक मीरा नायर ने बनाया है. भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव गौरव तिवारी ने आरोप लगाया है कि सीरीज़ का एक किसिंग सीन मध्य प्रदेश के महेश्वर क़स्बे के मंदिर में फिल्माया गया है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं.

Prayagraj: People undergo thermal screening outside Allahabad High Court, during the fifth phase of COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Monday, June 8, 2020. (PTI Photo)  (PTI08-06-2020_000147B)

अपनी पसंद का साथी चुनना मौलिक अधिकार, धर्म इसमें आड़े नहीं आ सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि हम ये समझने में असमर्थ हैं कि जब क़ानून दो व्यक्तियों, चाहे वो समलैंगिक ही क्यों न हों, को साथ रहने की अनुमति देता है, तो फिर न तो कोई व्यक्ति, न ही परिवार और न ही सरकार को दो लोगों के संबंधों पर आपत्ति होनी चाहिए, जो अपनी इच्छा से साथ रह रहे हैं.

विजय प्रसाद और नॉम चोम्स्की. (फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स/फ्लिकर)

टाटा लिटफेस्ट में सेशन रद्द होने पर नॉम चोम्स्की और विजय प्रसाद ने पूछा- क्या ये सेंसरशिप है

भाषाविद और नामचीन लेखक नॉम चोम्स्की और पत्रकार विजय प्रसाद को शुक्रवार को ‘टाटा लिटरेचर लाइव फेस्टिवल’ में एक सेशन में चोम्स्की की नई किताब पर चर्चा करनी थी, जिसे ऐन समय पर आयोजकों द्वारा ‘अप्रत्याशित परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए रद्द कर दिया गया था.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

‘लव जिहाद’ पर घमासान: भाजपा की क़ानून लाने की तैयारी, विपक्ष ने कहा- व्यक्तिगत आज़ादी का मामला

जहां एक तरफ कई भाजपा शासित राज्यों की सरकारें ‘लव जिहाद’ के ख़िलाफ़ अध्यादेश लाने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं, वहीं विपक्ष ने सरकारों के इस तरह का क़ानून बनाने को व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दख़ल और देश में सांप्रदायिक खाई गहरी करने का प्रयास क़रार दिया है.

गंगापुर से भाजपा विधायक प्रशांत बांब. (फोटो साभार: फेसबुक/prashantbumbspeaks)

महाराष्ट्र: किसानों के फंड में घोटाले के आरोप में भाजपा विधायक समेत 16 पर मामला दर्ज

औरंगाबाद ज़िले के गंगापुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रशांत बांब गंगापुर सहकारी चीनी मिल के अध्यक्ष भी हैं. आरोप है कि उन्होंने 15 लोगों के साथ मिलकर चीनी मिल से जुड़े एक मामले में किसानों द्वारा जमा की गई नौ करोड़ रुपये से अधिक की राशि कथित रूप से अन्य लोगों के बैंक खातों में जमा की.

बांद्रा स्थित कराची स्वीट्स का दुकान (फोटो: एएनआई)

शिवसेना कार्यकर्ता ने ‘कराची स्वीट्स’ के मालिक को दुकान का नाम बदलने को कहा

मुंबई के बांद्रा पश्चिम स्थित दुकान का मामला. शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि कराची बेकरी और कराची स्वीट्स मुंबई में 60 सालों से हैं. उनका पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है. यह पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं है.

केदारनाथ सिंह. (फोटो साभार: दूरदर्शन/यू ट्यूब)

केदारनाथ सिंह: दुनिया से मिलने को निकला एक कवि

कविता का पूरा अर्थ हासिल कर पाना और संप्रेषणीयता का प्रश्न, हर कवि को इन दो कसौटियों पर अनिवार्यतः कसा जाता था. केदारनाथ सिंह की कविता, हर खरी कविता की तरह इन दोनों के प्रलोभन से बचती थी.