अख़बार

(फोटो: रॉयटर्स/इलस्ट्रेशन: द वायर)

द हिंदू ने 20 पत्रकारों को निकाला, बंद हो सकता है मुंबई संस्करण

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते मीडिया में नौकरियों के जाने का सिलसिला लगातार जारी है. सोमवार को द हिंदू के मुंबई ब्यूरो के 20 पत्रकारों को एचआर विभाग की ओर से इस्तीफ़ा देने को कहा गया है.

Newspapers, with headlines about Prime Minister Narendra Modi's decision to revoke special status for the disputed Kashmir region, are displayed for sale at a pavement in Ahmedabad, August 6, 2019. REUTERS/Amit DaveNewspapers, with headlines about Prime Minister Narendra Modi's decision to revoke special status for the disputed Kashmir region, are displayed for sale at a pavement in Ahmedabad, August 6, 2019. REUTERS/Amit Dave

अब जम्मू कश्मीर प्रशासन तय करेगा फेक न्यूज़ और राष्ट्र विरोधी पत्रकारों की परिभाषा

दो जून को जारी जम्मू कश्मीर की नई मीडिया नीति के अनुसार, सरकार अख़बारों और अन्य मीडिया चैनलों पर आने वाली सामग्री की निगरानी कर यह तय करेगी कि कौन-सी ख़बर ‘फेक, एंटी सोशल या एंटी-नेशनल’ है. ऐसा पाए जाने पर संबंधित संस्थान को सरकारी विज्ञापन नहीं दिए जाएंगे, साथ ही उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.

(फोटो: द वायर)

संपादकीय: द वायर के पांच साल

पांच साल पहले हमने कहा था कि हम नये तरीके से ऐसे मीडिया का निर्माण करना चाहते हैं जो पत्रकारों, पाठकों और जिम्मेदार नागरिकों का संयुक्त प्रयास हो. हम अपने इस सिद्धांत पर टिके रहे हैं और यही आगे बढ़ने में हमारी मदद करेगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस: टोक्यो ओलंपिक खेल 2021 तक स्थगित

भारत ने कोरोना वायरस महामारी के कारण टोक्यो ओलंपिक को स्थगित करने के अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के फैसले का स्वागत किया. खेल मंत्री कीरेन रीजीजू ने कहा कि खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के लिहाज से यह जरूरी था.

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (फोटो: फेसबुक)

लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर देखते ही गोली मारने के आदेश जारी हो सकते हैं: तेलंगाना मुख्यमंत्री

तेलंगाना सरकार ने विदेश से लौटने वाले लोगों को घर में रहने का आदेश नहीं मानने पर सख्त चेतावनी दी है. मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि अगर ऐसे लोग सेल्फ क्वैरेंटाइन का पालन नहीं करते हैं तो उनके पासपोर्ट रद्द किए जा सकते हैं.

Jabalpur: A man listens to Prime Minister Narendra Modi's address to the nation on coronavirus pandemic in Jabalpur, Thursday, March 19, 2020. (PTI Photo)(PTI19-03-2020_000243B)

कोरोना वायरस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की

राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण चक्र तोड़ना ज़रूरी है और इसके लिए पूरे देश में लॉकडाउन ज़रूरी है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस: देश में 10वीं मौत, 32 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में लॉकडाउन

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले बढ़कर तकरीबन 500 हुए. पूर्वोत्तर में संक्रमण का पहला मामला सामने आया. मणिपुर में 23 वर्षीय युवती को वायरस से संक्रमित पाया गया.

Kolkata: A notice put up on the wall of  studio para after it was closed in wake of the deadly coronavirus pandemic, in Kolkata, Wednesday, March 18, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI18-03-2020_000156B)

सरकार ने राज्यों से कहा: सुनिश्चित करें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का कामकाज जारी रहे

सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि टीवी चैनल और समाचार एजेंसियां प्रामाणिक सूचना पहुंचाने के बेहद आवश्यक माध्यम हैं. झूठी और फ़र्ज़ी ख़बरों से बचना होगा.

Indira Collage

आपातकाल: नसबंदी से मौत की ख़बरें न छापी जाएं

आपातकाल के 44 साल बाद इन सेंसर-आदेशों को पढ़ने पर उस डरावने माहौल का अंदाज़ा लगता है जिसमें पत्रकारों को काम करना पड़ा था, अख़बारों पर कैसा अंकुश था और कैसी-कैसी ख़बरें रोकी जाती थीं.

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल. (फोटो: फेसबुक/@SarbanandaSonowal)

असम: आर्थिक संकट से गुज़र रहे अख़बारों ने तीन दिन के लिए सरकारी विज्ञापनों का बहिष्कार किया

नॉर्थईस्ट न्यूज़पेपर सोसाइटी ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर असम की सर्बानंद सोनोवाल सरकार द्वारा प्रायोजित किसी भी विज्ञापन, समाचार या तस्वीर का इस्तेमाल नहीं करने की घोषणा की. असम के अधिकतर समाचार पत्र इसी सोसाइटी का हिस्सा हैं.

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अखबारों के प्रसार संबंधी दावों की जांच करा रही है सरकार: राज्यवर्धन सिंह राठौड़

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि अखबारों को इनकी प्रसारण संख्या के दावों की पुष्टि के बाद ही विज्ञापन दिए जाते हैं. उनके प्रसारण दावों की भारतीय समाचार पत्र पंजीयक से जांच कराई है.

Student Protest Reuters

सरकार चाहती है देश का युवा समझे कि प्रतिरोध करना राष्ट्रद्रोह और ग़ैर-लोकतांत्रिक है

हमारी राष्ट्रीय राजनीति और भाजपा कांग्रेस विरोधी आंदोलन यानी प्रतिरोध का ही नतीजा हैं, लेकिन इसके बारे में कोई बात नहीं करता. ख़ुद भाजपा भी नहीं. वे चाहते हैं कि हम इमरजेंसी के बारे में जानें लेकिन उतना, जितने से उन्हें नुकसान न पहुंचे.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi visiting the Terracota Warriors Museum, in Xi'an, Shaanxi, China on May 14, 2015.

क्या आपातकाल को दोहराने का ख़तरा अब भी बना हुआ है?

आपातकाल कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि सत्ता के अतिकेंद्रीकरण, निरंकुशता, व्यक्ति-पूजा और चाटुकारिता की निरंतर बढ़ती गई प्रवृत्ति का ही परिणाम थी. आज फिर वैसा ही नज़ारा दिख रहा है. सारे अहम फ़ैसले संसदीय दल तो क्या, केंद्रीय मंत्रिपरिषद की भी आम राय से नहीं किए जाते, सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री की चलती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

पत्रकारिता को स्टिंग ऑपरेशन से ज़्यादा ख़तरा ज़हर फैला रहे मीडिया से है

मीडिया मालिक अख़बारों और न्यूज़ चैनलों को सुधारने के लिए कुछ करें या न करें, लेकिन यह तो तय है कि जब तक हर रोज़, हर न्यूज़रूम में प्रतिरोध की आवाज़ें मौजूद रहेंगी, तब तक भारतीय पत्रकारिता बनी रहेगी.

Episode 52

मीडिया बोल, एपिसोड 52: हिंदी पत्रकारिता में ‘भक्तिकाल’

मीडिया बोल की 52वीं कड़ी में उर्मिलेश बीते हफ़्ते देश के प्रमुख हिंदी अख़बारों की सुर्खियों में आए मुद्दों पर दिल्ली विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनीत कुमार और वरिष्ठ पत्रकार और कवि मंगलेश डबराल से चर्चा कर रहे हैं.