अजमेर साहित्य महोत्सव 2018

एक नाटक के दौरान नसीरुद्दीन शाह (फोटो साभार: फेसबुक/Motley Theater)

भारत को नसीरुद्दीन शाह जैसे और लोगों की ज़रूरत है

जहां बॉलीवुड के अधिकतर अभिनेता सच से मुंह मोड़ने और चुप्पी ओढ़ने के लिए जाने जाते हैं, वहीं मुखरता नसीरुद्दीन शाह की पहचान रही है. उनका व्यक्तित्व उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की उस भीड़ से अलग करता है, जिसके लिए शक्तिशाली की शरण में जाना, गिड़गिड़ाते हुए माफ़ी मांगना और कभी भी मन की बात न कहना एक रिवाज़-सा बन चुका है.

Naseruddin Shah Photo Hindi Kavita

नसीरुद्दीन शाह के बयान पर विवाद- न तड़पने की इजाज़त है, न फ़रियाद की

देश में निचले सामाजिक स्तर तक भय व अविश्वास का ऐसा माहौल बना दिया गया है कि प्रतिरोध की सारी आवाजें घुटकर रह गईं और अब ऊपरी स्तर पर कोई आमिर ख़ान अपना डर या नसीरुद्दीन शाह ग़ुस्सा जताने लगता है, तो उनका मुंह नोंचने की सिरफिरी कोशिशें शुरू कर दी जाती हैं.

Naseeruddin Shah Protest PTI

दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध के चलते अजमेर में नसीरुद्दीन शाह का कार्यक्रम रद्द

अजमेर साहित्य महोत्सव के संयोजक ने बताया कि नसीरुद्दीन शाह को कार्यक्रम का उद्घाटन करना था लेकिन उनके बयान के बाद कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के चलते वह नहीं आए.