अजय कुमार त्रिपाठी

Narendra Modi Reuters featured

क्या मोदी सरकार ने चुनावी फायदे के लिए एक स्वतंत्र और विश्वसनीय लोकपाल की बलि दे दी

लोकपाल के अध्यक्ष और इसके सदस्यों की नियुक्ति में सत्ता पक्ष के सदस्यों की संख्या अधिक थी और चयन में पूरी तरीके से गोपनीयता बरती गई. ऐसा करना लोकपाल कानून के प्रावधानों का पूरी तरह से उल्लंघन है. चयन प्रक्रिया से समझौता करके मोदी सरकार ने कामकाज शुरू करने से पहले ही लोकपाल संस्था को कमजोर कर दिया है.

PC Ghosh-Youtube

जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष भारत में लोकपाल के पहले अध्यक्ष नियुक्त

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पीसी घोष को देश के पहले लोकपाल के अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दी. इसके अलावा लोकपाल में आठ सदस्यों की नियुक्ति भी की गई.