अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मॉर्गन ओर्टेगस

Srinagar: Security personnel stand guard during restrictions and shutdown, in Srinagar, Thursday, Sept. 26, 2019. Normal life remained affected on 53rd consecutive day since 5th August due to restrictions and shutdown, after centre abrogated Article 370 and bifurcated Jammu and Kashmir into two union territories. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI9_26_2019_000082B)

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता ने कहा, कश्मीर के हालात पर हमारी चिंता बनी हुई है

अमेरिका में ‘सीनेट इंडिया कॉकस’ के सह-अध्यक्ष और अमेरिकी सांसद मार्क वार्नर ने कश्मीर के हालात पर चिंता जताते हुए भारत सरकार से अपील की है कि वह प्रेस, सूचना एवं राजनीतिक भागीदारी की आज़ादी देकर लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करे.

(फोटो: रॉयटर्स)

समय आ गया कि भारत जम्मू कश्मीर से प्रतिबंध हटा ले: अमेरिकी समिति

अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति ने कहा कि भारत का कश्मीर में संचार माध्यमों पर पाबंदी लगाने का कश्मीरियों के रोजमर्रा के जीवन पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है. भारत के लिए इन प्रतिबंधों को उठाने और कश्मीरियों को किसी भी अन्य भारतीय नागरिक के समान अधिकार और विशेषाधिकार देने का समय है.

पीओके के अध्यक्ष सरदार मसूद खान से मुलाकात करते अमेरिकी सांसद क्रिस वान हालेन. (फोटो: ट्विटर/@Masood__Khan)

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का दौरा किया

अमेरिकी सांसद इससे पहले जम्मू कश्मीर के हालात देखने के लिए वहां जाना चाहते थे, हालांकि भारत सरकार ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी थी.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और अमेरिकी सांसद क्रिस वान हालेन. (फोटो: ट्विटर)

अमेरिकी सांसद को सरकार से नहीं मिली कश्मीर जाने की इजाजत, अपनी आंखों से देखना चाहते थे हालात

भारत सरकार से जम्मू कश्मीर जाने की इजाजत न मिलने के बावजूद अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद क्रिस वान हालेन इस हफ्ते भारत आए. उन्होंने अधिकारियों और नागरिक समाज के लोगों से मुलाकात की.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

अमेरिकी सांसदों ने कश्मीर में संचार माध्यमों को तत्काल बहाल करने की मांग की

कश्मीर में मानवाधिकार स्थिति को लेकर अमेरिका के दो सांसदों ने चिंता जाहिर करते हुए विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से अपील की है कि वह कश्मीर में संचार माध्यमों को तत्काल बहाल करने और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को छोड़ने के लिए भारत सरकार पर दबाव डालें.

A Kashmiri woman walks on a deserted road during restrictions, after scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 25, 2019. Picture taken on August 25, 2019. REUTERS/Adnan Abidi

कश्मीर में गिरफ़्तारियों को लेकर चिंतित, सरकार को जल्द से जल्द कराना चाहिए चुनाव: अमेरिका

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के इस बयान पर भारत ने आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.