असम समझौता

Citizenship protest Hiren Gohain Akhil Gogoi

असम: नागरिकता विधेयक पर टिप्पणी को लेकर साहित्यकार हीरेन गोहेन पर राजद्रोह का मामला दर्ज

नागरिकता विधेयक को लेकर राज्य में प्रदर्शन जारी. हीरेन गोहेन के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई और पत्रकार मंजीत महंत पर भी राजद्रोह का मामला दर्ज.

Guwahati: Activists of Left Democratic Manch (LDMA), a joint platform of 11 political parties protest against the Citizenship (Amendment) Bill, 2016, in Guwahati on Monday, June 11, 2018. (PTI Photo) (PTI6_11_2018_000047B)

असम: नागरिकता विधेयक पर विरोध तेज़, भाजपा प्रवक्ता ने दिया इस्तीफ़ा

ग़ैर-मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित होने के बाद भाजपा के प्रवक्ता मेहदी आलम बोरा ने कहा कि यह विधेयक असमिया समाज के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को प्रभावित करेगा, इस पर मैं पार्टी से सहमत नहीं इसलिए पार्टी छोड़ रहा हूं.

Guwahati: Krishak Mukti Sangram Samiti activists stage a protest against the Citizenship Amendment Bill 2016 at Ganeshguri, in Guwahati, Friday, Nov. 16, 2018. (PTI Photo) (PTI11_16_2018_000017B)

असम: नागरिकता संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ 70 संगठनों का प्रदर्शन, धारा 144 लागू

नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 के आगामी विधानसभा सत्र में पेश होने की संभावना के बीच गुवाहाटी में विभिन्न संगठनों द्वारा इसका विरोध जारी है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and BJP President Amit Shah wave to party workers gathered at the party headquarters, after the Karnataka Assembly elections result 2018, in New Delhi, on Tuesday. (PTI Photo) (PTI5_15_2018_000229B)

एनआरसी के मुद्दे पर भाजपा नेता भ्रम क्यों फैला रहे हैं?

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के कई नेता असम में एनआरसी की अंतिम सूची आने से पहले ही 40 लाख लोगों को घुसपैठिया बता चुके हैं.

(फोटो: पीटीआई)

भाजपा सांसद ने लोकसभा में की पूरे देश में एनआरसी लागू करने की मांग

असम में एनआरसी मसौदा जारी होने के बाद से भाजपा नेता देश के विभिन्न राज्यों में एनआरसी की मांग कर रहे हैं. वहीं भाजपा महासचिव राम माधव का कहना है कि देश भर से रोहिंग्या घुसपैठियों को डिपोर्ट किया जाएगा.

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असम में बांग्लादेशी हिंदुओं को बसाने का विरोध

राज्य के ताकतवर छात्र संगठन अखिल असम छात्र संघ (आसू) समेत 30 संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. इन संगठनों का कहना है कि भाजपा सरकार 1971 के बाद आए बांग्लादेशी हिंदुओं को असम में बसाने की कोशिश कर रही है.