असम सरकार

SDRF and Fire brigade officials spray disinfectant on a bike in the wake of the coronavirus, in Nagaon. PTI Photo

असम: राज्य सरकार का केंद्र द्वारा निर्धारित ‘ज़ोन सिस्टम’ मानने से इनकार

राज्य में बनाए गए ग्रीन ज़ोन में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद असम सरकार ने केंद्र को सूचित किया है कि वह परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित किए गए ‘ज़ोन सिस्टम’ को नहीं मानेंगे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट ने चाय बागान के श्रमिकों को वेतन देने की याचिका पर असम सरकार से जवाब मांगा

असम संग्रामी चाह श्रमिक संघ की ओर से दाख़िल याचिका में क​हा गया है कि राज्य में 803 चाय बागान हैं, जिनमें करीब 10 लाख श्रमिक काम करते हैं. अनेक चाय बागानों के श्रमिकों को लॉकडाउन की अवधि का पारिश्रमिक नहीं दिया गया है.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

हिरासत केंद्रों से लोगों की रिहाई की मांग, केंद्र और असम सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

कोरोना वायरस के मद्देनज़र असम के एक गैर सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि ऐसी ही राहत उन लोगों को भी दिए जाने की आवश्यकता है, जिन्हें फॉरेन ट्र‌िब्यूनल द्वारा विदेशी नागरिक घोषित किए जाने के बाद हिरासत में रखा गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: एमनेस्टी इंडिया की असम सरकार से अपील, डिटेंशन सेंटर के बंदियों को रिहा करें

कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने 700 कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया है. इस कदम का स्वागत करते हुए एमेनस्टी इंडिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हिरासत केंद्रों में विदेशी घोषित किए गए और संदिग्ध नागरिकों को भी तत्काल रिहा किया जाए.

Guwahati: Members of Sanmilata Sangram Parishad take part in a torch light rally in protest against Citizenship Amendment Act (CAA) in Guwahati, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo)(PTI12_20_2019_000179B)

सीएए के ख़िलाफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय द्वारा संशोधित नागरिकता कानून पर सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर करने पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीएए भारत का आंतरिक मामला है और यह कानून बनाने वाली भारतीय संसद के संप्रभुता के अधिकार से संबंधित है.

उल्फा-आई के नेता परेश बरुआ. (फोटो: पीटीआई)

केंद्र सरकार उल्फा (आई) से शांति वार्ता करने के लिए तैयार: हिमंता बिस्वा शर्मा

बोडो शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के एक दिन बाद असम के वरिष्ठ मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने उल्फा (आई) गुट के नेता परेश बरुआ से बातचीत के लिए आगे आने की अपील की. वहीं, उल्फा-आई के प्रमुख परेश बरुआ ने कहा कि यदि हम एक संप्रभु और स्वतंत्र असम के बारे में चर्चा करने और इस मुद्दे पर निष्कर्ष पर आने में सक्षम हैं, तो हम निश्चित रूप से इस तरह के एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाने से इनकार, जवाब देने के लिए केंद्र को चार हफ्ते दिए

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए पांच जजों की बेंच गठित करने का संकेत दिया है. याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि इस क़ानून को लागू करने की प्रक्रिया को टाल दिया जाए, लेकिन कोर्ट ने इस संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

नागरिकता कानून के तहत नागरिकता पाने के लिए धार्मिक उत्पीड़न शर्त नहींः हिमंता बिस्वा शर्मा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में चर्चा के दौरान कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत में आए धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हिंदुओं, जैनों, बौद्धों, पारसियों, सिखों और इसाइयों को नागरिकता दी जाएगी.

सीजेआई एसए बोबडे. (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता संशोधन कानून पर दायर याचिकाओं को हिंसा रुकने के बाद सुनेंगे: सीजेआई बोबडे

नागरिकता संशोधन कानून को संवैधानिक घोषित करने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा, ‘देश कठिन दौर से गुजर रहा है. हमारी कोशिश शांति बहाल करने की होनी चाहिए.’

गायक ज़ुबीन गर्ग. (फोटो साभार: फेसबुक)

नागरिकता क़ानून पर बोले गायक ज़ुबीन, असम में कश्मीर जैसी स्थिति पैदा करना चाहती है सरकार

गायक और सामाजिक कार्यकर्ता ज़ुबिन गर्ग ने कहा कि असम का यह सामाजिक-सांस्कृतिक सौहार्द कुछ ऐसा है, जिसे भाजपा पसंद नहीं करती, इसलिए नागरिकता संशोधन क़ानून के ज़रिये वे राज्य को हिंदू-मुस्लिम और असमिया-बंगाली के बीच बांटना चाहते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

आसू ने मोदी, शाह और सोनोवाल पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के प्रमुख सलाहकार समज्जुल भट्टाचार्य ने विवादित नागरिकता कानून के खिलाफ महिला रैली को संबोधित करते हुए दावा किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल असम के लोगों को विशिष्ट फार्मूले से मूल लोगों को बचाने और साथ ही बांग्लादेशियों को सीएए के जरिए बसाने की नीति से धोखा दे रहे हैं.

असम में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (फोटो: पीटीआई)

मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने के आदेश के ख़िलाफ़ असम सरकार की पुनर्विचार याचिका ख़ारिज

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार शाम से मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने का आदेश दिया था उसके बाद शुक्रवार सुबह से वहां इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया गया. वहीं, शुक्रवार शाम से मेघालय में भी इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई.

Guwahati: Activists of All Assam Students Union (AASU) along with members of different organizations during the 2nd day of their 'Satyagraha' protest demanding withdrawal of the Citizenship Amendment Act 2019 (CAA), in Guwahati, Tuesday, Dec. 17, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_17_2019_000065B)

नागरिकता क़ानून: असम में मोबाइल इंटरनेट बहाल, लखनऊ समेत यूपी के 14 ज़िलों में प्रतिबंध लगा

नए नागरिकता कानून के खिलाफ लखनऊ में गुरुवार को हिंसा भड़क उठी थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा 16 पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए थे.

Bengaluru: Assamese students slogans during a protest against the Citizenship Amendment Bill (CAB) in Bengaluru, Saturday, Dec. 14, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI12_14_2019_000037B)

नागरिकता क़ानून: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार से मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने को कहा

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में असम के विभिन्न ज़िलों में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद वहां मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं. प्रदर्शनों के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई थी.

Jamia Protest PTI

जामिया और एएमयू में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड में प्रदर्शन

विदेशी विश्वविद्यालयों के छात्रों ने भारत सरकार को लिखे एक पत्र में कहा, ये घटना किसी भी लोकतांत्रिक समाज की अंतरात्मा को झकझोर देता है.