असम

सनातन डेका. (फोटो: ट्विटर)

असम: पांच लोगों ने सब्जी वाले को पीट-पीटकर मार डाला, दो गिरफ्तार

मामला असम के कामरूप जिले का है. देशव्यापी लॉकडाउन के कारण नौकरी जाने के बाद सब्जी बेचने का काम शुरू करने वाले सनातन डेका की साइकिल एक कार से टकरा गई थी. इसके बाद कार सवार दो लोगों ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर डेका की पिटाई की थी.

New Delhi: Members of the Tablighi Jamaat  leave in a bus from LNJP hospital for the quarantine centre during the nationwide lockdown, in wake of the coronavirus pandemic, in New Delhi, Tuesday, April 21, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI21-04-2020_000208B)

असम: तबलीगी जमात को लेकर विवादित पत्र लिखने वाले विदेशी न्यायाधिकरण सदस्य को हटाया गया

असम में विदेशी न्यायाधिकरण के सदस्य केके गुप्ता ने पिछले महीने स्वास्थ्य और वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को लिखे पत्र में कहा था कि कुछ सदस्यों द्वारा कोविड-19 के लिए इकट्ठा किए गए पैसों को दिल्ली में तबलीगी जमात की बैठक में शामिल होने वालों को राहत देने में इस्तेमाल न किया जाए क्योंकि वे जिहादी और जाहिल हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

क्वारंटीन सेंटर की बदहाली दिखाने पर उत्तर प्रदेश में पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का है. एक न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार रविंद्र सक्सेना को सरकारी काम में बाधा डालने, आपदा प्रबंधन और हरिजन एक्ट आदि के तहत आरोपी बनाया गया है.

SDRF and Fire brigade officials spray disinfectant on a bike in the wake of the coronavirus, in Nagaon. PTI Photo

असम: राज्य सरकार का केंद्र द्वारा निर्धारित ‘ज़ोन सिस्टम’ मानने से इनकार

राज्य में बनाए गए ग्रीन ज़ोन में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद असम सरकार ने केंद्र को सूचित किया है कि वह परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित किए गए ‘ज़ोन सिस्टम’ को नहीं मानेंगे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट ने चाय बागान के श्रमिकों को वेतन देने की याचिका पर असम सरकार से जवाब मांगा

असम संग्रामी चाह श्रमिक संघ की ओर से दाख़िल याचिका में क​हा गया है कि राज्य में 803 चाय बागान हैं, जिनमें करीब 10 लाख श्रमिक काम करते हैं. अनेक चाय बागानों के श्रमिकों को लॉकडाउन की अवधि का पारिश्रमिक नहीं दिया गया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड संकट के बीच अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का केंद्र बनकर उभरा असम, क़रीब तीन हज़ार सुअरों की मौत

मूल रूप में सुअरों से होने वाले अफ्रीकी स्वाइन फ्लू से राज्य में फरवरी से अब तक 2,800 सुअरों की मौत हो चुकी है. देश में यह इस संक्रमण के फैलने का पहला मामला है. असम सरकार का दावा है कि चीन से निकला यह संक्रमण अरुणाचल प्रदेश के रास्ते राज्य में पहुंचा है.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम: कोरोना संक्रमण के डर के बाद डिटेंशन सेंटरों से रिहा किए गए 200 से अधिक ‘घोषित विदेशी’

कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के बाद दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि असम के डिटेंशन सेंटरों में ऐसे ‘घोषित विदेशी’ जो यहां दो साल का समय गुज़ार चुके हैं, उन्हें मौजूदा हालात के मद्देनज़र सशर्त रिहा किया जाए.

(फोटो: रॉयटर्स)

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच असम-मेघालय ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम

असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि हमें हर महीने रॉयल्टी से 166 करोड़ रुपये की प्राप्ति होती रही है लेकिन अब यह राशि 50 करोड़ रुपये रह जाने का अनुमान है, इसलिये ईंधन के दाम बढ़ाकर हम अपने राजस्व को बचाए रखने का प्रयास कर रहे हैं.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

हिरासत केंद्रों से लोगों की रिहाई की मांग, केंद्र और असम सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

कोरोना वायरस के मद्देनज़र असम के एक गैर सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि ऐसी ही राहत उन लोगों को भी दिए जाने की आवश्यकता है, जिन्हें फॉरेन ट्र‌िब्यूनल द्वारा विदेशी नागरिक घोषित किए जाने के बाद हिरासत में रखा गया है.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम: डिटेंशन सेंटर में बंद 60 वर्षीय महिला की मौत, कुल मृतकों की संख्या 30 पहुंची

कोकराझार जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने महिला की पहचान राबेदा बेगम के रूप में की, जो कि फरवरी 2018 से हिरासत में थीं.

फोटो: पीटीआई

असम: विधायक ने कोरोना का इलाज कर रहे अस्पतालों को डिटेंशन सेंटर से बदतर बताया, गिरफ़्तार

पुलिस के अनुसार, नगांव ज़िले के ढींग विधानसभा क्षेत्र से ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के विधायक अमीनुल इस्लाम का एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे राज्य में कोरोना का इलाज कर रहे अस्पतालों और क्वारंटाइन सेंटरों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: एमनेस्टी इंडिया की असम सरकार से अपील, डिटेंशन सेंटर के बंदियों को रिहा करें

कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने 700 कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया है. इस कदम का स्वागत करते हुए एमेनस्टी इंडिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हिरासत केंद्रों में विदेशी घोषित किए गए और संदिग्ध नागरिकों को भी तत्काल रिहा किया जाए.

मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में लॉकडाउन के दौरान सामान लेने के लिए दूरी बनाकर खड़े लोग. (फोटो साभार: एएनआई)

मेघालय में स्वास्थ्य आधार पर शराब की होम डिलीवरी को मंज़ूरी

असम सरकार ने ऐलान किया है कि 58 लाख परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एक अप्रैल से निशुल्क चावल उपलब्ध कराए जाएंगे.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम के डिटेंशन सेंटर में 799 लोग रखे गए हैं: केंद्र सरकार

इसमें से 95 लोग तीन साल या इससे भी ज्यादा समय से इन केंद्रों में बंद हैं. पिछले चार सालों में डिटेंशन सेंटर में बीमारी से 26 लोगों की मौत हुई है.

सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

90 दिन में आरोपपत्र नहीं दाखिल होने पर अखिल गोगोई को मिली जमानत, लेकिन नहीं होगी रिहाई

असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई को तीन अन्य लंबित मामलों के कारण जेल से रिहा नहीं किया जाएगा.