अस्पताल

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- कोविड-19 से हुईं प्रत्येक मौत पर नहीं दे सकते चार लाख का मुआवज़ा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर कर कहा है कि कोविड-19 से जान गंवा चुके हर व्यक्ति के परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान नहीं कराई जा सकती, क्योंकि आपदा प्रबंधन क़ानून में केवल भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में ही मुआवज़े का प्रावधान है. सरकार ने शीर्ष अदालत को कार्यकारी नीतियों से दूर रहने के अपने पहले के फैसले की भी याद दिलाई और कहा कि न्यायपालिका केंद्र की ओर से निर्णय नहीं ले सकती है.

यूपी: मुख्यमंत्री द्वारा गोद लिए गए अस्पताल खस्ताहाल स्वास्थ्य सुविधाओं का नमूना भर हैं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों गोरखपुर के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लेने की घोषणा की थी. स्थापना के कई साल बाद भी इन केंद्रों में न समुचित चिकित्साकर्मी हैं, न ही अन्य सुविधाएं. विडंबना यह है कि दोनों अस्पतालों में एक्स-रे टेक्नीशियन हैं, पर एक्स-रे मशीन नदारद हैं.

तमिलनाडु में सरकारी आंकड़ों से कई गुना अधिक है कोविड-19 से हुई मौतों की संख्या: एनजीओ

चेन्नई के एक ग़ैर सरकारी संगठन अरप्पोर इयक्कम ने छह अस्पतालों के आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट में दावा किया कि इस साल अप्रैल और मई में सरकार के 863 मौतों के आंकड़े के मुकाबले राज्य में मृत्यु दर 13.5 गुना अधिक रही है.

कोविड-19 और उत्तर प्रदेश: साक्षात नरक में वो छह सप्ताह…

कोरोना महामारी की घातक दूसरी लहर के दौरान जहां जनता तमाम संकटों से जूझ रही थी, वहीं योगी आदित्यनाथ की सरकार एक अलग वास्तविकता की तस्वीर पेश कर रही थी.

गंभीर फाउंडेशन कोविड-19 दवा की अनधिकृत जमाखोरी, वितरण की दोषी, कार्रवाई करेंगे: ड्रग कंट्रोलर

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा फटकार के बाद दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रक ने बताया कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स क़ानून के तहत दोषी पाया गया है. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि कुछ लोगों के पास पैसा है और वे आसानी से दवा खरीद सकते हैं, इसका अर्थ यह नहीं है कि वे जमाखोरी करेंगे. लोगों की मदद करने के और भी तरीके हो सकते थे.

दिल्ली: ड्रग कंट्रोलर के गौतम गंभीर को क्लीन चिट देने पर अदालत की फटकार, दोबारा जांच को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद गौतम गंभीर के पास बड़ी मात्रा में फैबीफ्लू मिलने की जांच करने वाले औषधि नियामक की रिपोर्ट ख़ारिज करते हुए कहा कि इस संस्था से अदालत का भरोसा डगमगा गया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि ख़ुद को मददगार दिखाने के लिए हालात का फायदा उठाने की प्रवृत्ति की कड़ी निंदा होनी चाहिए.

भाजपा विधायक का आरोप: कोविड से बेटे की मौत के महीने भर बाद भी अस्पताल पर केस दर्ज नहीं हुआ

उत्तर प्रदेश में हरदोई ज़िले के संडीला से भाजपा विधायक राजकुमार अग्रवाल के बेटे की बीते 26 अप्रैल को लखनऊ के काकोरी स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई थी. वह कोविड-19 से संक्रमित थे. विधायक का आरोप है कि उनके बेटे की मौत अस्पताल की लापरवाही से हुई है. उनका कहना है कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्वास्थ्य मंत्री डीजीपी और पुलिस आयुक्त से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ.

औषधि नियंत्रक जांच करे कि कमी के बीच गौतम गंभीर को कोविड-19 की दवा कैसे मिली: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर अच्छी मंशा से दवाएं बांट रहे थे, लेकिन महामारी के बीच उनके द्वारा उठाए गए इस क़दम को अदालत ‘ज़िम्मेदाराना व्यवहार’ नहीं मानती है. कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के दो विधायकों के ख़िलाफ़ भी जांच के आदेश दिए हैं.

सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से कहा- कोरोना वायरस के ‘इंडियन वैरिएंट’ संबंधी सामग्री हटाएं

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पत्र लिखकर कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी किसी भी रिपोर्ट में ‘इंडियन वैरिएंट’ शब्द को कोरोना वायरस के बी 1.617 वैरिएंट के साथ नहीं जोड़ा है. संगठन ने 11 मई को कहा था कि भारत में पिछले साल पहली बार सामने आया कोरोना वायरस का बी.1.617 स्वरूप 44 देशों में पाया गया है और यह ‘स्वरूप चिंताजनक’ है.

कोविड की दूसरी लहर में अब तक तीन सौ के क़रीब डॉक्टरों की जान गई: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बताया कि कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान अब तक देशभर के 269 चिकित्सक अपनी जान गंवा चुके हैं. संक्रमण के चलते बिहार में सर्वाधिक 78 डॉक्टरों की मौत हुई है. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 37 और दिल्ली में 28 डॉक्टरों की मौत हुई है.

वाराणसी: मरीज़ों से सरकारी दर से अधिक शुल्क वसूलने को लेकर 14 अस्पतालों को नोटिस

वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि संबंधित अस्पतालों के अधिकारियों को दो दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है कि वे सरकार द्वारा निर्धारित से अधिक शुल्क क्यों ले रहे हैं. ऐसा न करने पर उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

देश के नामी वायरोलॉजिस्ट ने मोदी सरकार के कोरोना सलाहकार समूह से इस्तीफ़ा दिया

मोदी सरकार द्वारा कोरोना वायरस को लेकर बनाए गए वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष शाहिद जमील ने पिछले कुछ महीनों में कई बार इस बात को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की थी कि कोरोना संक्रमण को लेकर नीतियां बनाते वक़्त विज्ञान को तरजीह नहीं दी जा रही है, जो अत्यधिक चिंता का विषय है.

कोविड-19: हाशिये पर रहने वालों की लड़ाई सिर्फ बीमारी से नहीं है…

कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के दौरान दवा, ऑक्सीजन आदि की कमी जानलेवा साबित हो रही है, लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है, जिसे अस्पताल की चौखट और इलाज तक सहज पहुंच भी मयस्सर नहीं है.

कोविड संकट: आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसां होना

इस कठिन वक़्त में सरकारों की काहिली तो अपनी जगह पर है ही, लोगों का आदमियत से परे होते जाना भी पीड़ितों की तकलीफों में कई गुनी वृद्धि कर रहा है. इसके चलते एक और बड़ा सवाल विकट होकर सामने आ गया है कि क्या इस महामारी के जाते-जाते हम इंसान भी रह जाएंगे?

कर्नाटक सरकार से कार्य योजना मांगते हुए कोर्ट ने कहा- टीकाकरण की रफ़्तार परेशान करने वाली

कनार्टक हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि अगर टीके की खुराक की पर्याप्त संख्या की ख़रीद के लिए तत्काल क़दम नहीं उठाए गए हैं, तो टीकाकरण के मूल उद्देश्य के विफल होने की संभावना है, जो कोविड-19 के प्रसार पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि वह 45 वर्ष से अधिक आयु के 26 लाख लाभार्थियों को किस तरह से टीके उपलब्ध कराने वाली है, जबकि वैक्सीन की केवल 9.37 लाख खुराक उपलब्ध है.