अहमदाबाद

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए 80 फीसदी से अधिक बेड भर गए: अहमदाबाद हॉस्पिटल एसोसिएशन

अहमदाबाद हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक निजी कोटा के 1,820 बिस्तर में से 1,516 बेड मरीज़ों से भर गए हैं, सिर्फ़ 304 बिस्तर ख़ाली हैं. वहीं, एक अधिकारी का कहना है कि अहमदाबाद नगर निगम और राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर हैं.

अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में आयोजित नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: ट्विटर/@PIB_India)

फरवरी में डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के समय उनके दल की कोरोना जांच नहीं हुई थी: विदेश मंत्रालय

राज्यसभा में विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24-25 फरवरी को गुजरात में नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम के लिए भारत दौरे पर आए थे, तब कोविड-19 जांच अनिवार्य नहीं थी. भारत के सभी हवाई अड्डों पर आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की अनिवार्य जांच चार मार्च से शुरू की गई थी.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

2002 गुजरात दंगा: अदालत ने तीन मामलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम हटाने का आदेश दिया

2002 के गुजरात दंगा पीड़ितों के रिश्तेदारों द्वारा दायर तीन दीवानी मामलों में से प्रतिवादी के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम हटाने का आदेश देते हुए एक तालुका अदालत ने कहा कि वादी यह स्थापित करने के लिए कोई सामग्री नहीं ले आ पाए, जो यह स्थापित करती हो कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अपराध की जगह पर मौजूद थे.

(फोटो: पीटीआई)

गुजरात: अहमदाबाद के कोविड-19 अस्पताल में लगी आग से आठ लोगों की मौत, जांच के आदेश

अहमदाबाद में नवरंगपुर इलाके के श्रेय अस्पताल के आईसीयू वार्ड में गुरुवार तड़के आग लग गई. हादसे के वक़्त 40-45 मरीज़ यहां भर्ती थे. मृतकों में पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं.

(फोटो: पीटीआई)

गुजरात: सीएए विरोधी कार्यकर्ता को ‘आपराधिक गतिविधियों’ में पूछताछ के लिए समन

अहमदाबाद में सीएए के ख़िलाफ़ धरना-प्रदर्शन आयोजित करने वाले कलीम सिद्दीक़ी को पुलिस ने नोटिस भेजकर पूछा है कि आपराधिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण उन्हें दो साल के लिए अहमदाबाद सिटी सहित चार नज़दीकी ज़िलों से निर्वासित क्यों नहीं किया जाना चाहिए.

Ahmedabad

गुजरातः दो दिनों में छह मज़दूरों की मौत के बाद दो कारखानों को बंद करने के आदेश

बीते दो दिनों में अहमदाबाद के विशाल फैब्रिक्स में चार और श्री शक्ति केमिकल फैक्ट्री में दो मज़दूरों की ज़हरीली गैस के संपर्क में आने से मौत हो गई थी, जिसके बाद श्रम एवं रोजगार विभाग ने इन दोनों को बंद करने के आदेश दिए हैं.

Ahmedabad

गुजरातः कपड़ा कारखाने में टैंक की सफाई के दौरान चार मज़दूरों की मौत

मामला अहमदाबाद का है, जहां एक फैब्रिक यूनिट में रासायनिक कचरे के टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से मज़दूरों की मौत हो गई. बताया गया है कि उन्हें बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में भेजा गया था.

गुजरात हाईकोर्ट. (फोटो साभार: gujarathighcourt.nic.in)

गुजरात: पुलिस की ग़लती मान कोर्ट ने घर भेजने की मांग करने वाले प्रवासियों को ज़मानत दी

लॉकडाउन के दौरान बीते 17 मई को गुजरात के राजकोट में प्रवासी मज़दूरों का एक समूह पुलिस से भिड़ गया था. ये समूह अपने गृह राज्य जाने के लिए ट्रेनों में जगह देने की मांग कर रहा था. पुलिस ने मज़दूरों के ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास, डकैती समेत अन्य आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज की थी.

(फोटो साभार: ट्विटर)

गुजरात: हिरासत में मौत के क़रीब आठ महीने बाद छह पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

यह घटना पिछले साल दिसंबर में गुजरात के वडोदरा के फतेहगंज थाने में हुई थी. मृतक 62 वर्षीय बाबू शेख़ तेलंगाना के मूल निवासी थे. आरोपियों के ख़िलाफ़ मृतक को यातना देने, उसकी हत्या करने और सबूत मिटाने का केस दर्ज किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

अहमदाबाद नगर निगम संचालित अस्पताल में नर्सों की हड़ताल के बाद वेतन कटौती का फैसला वापस

अहमदाबाद नगर निगम संचालित एसवीपी अस्पताल द्वारा अनुबंध पर रखी गईं नर्सों और अन्य कर्मचारियों के वेतन में 10 से 20 प्रतिशत की कटौती की सूचना उनकी ठेकेदार कंपनी द्वारा दी गई थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

गुजरात: अस्पताल ने कोरोना संदिग्ध का पहले शव भेजा, अंतिम संस्कार के बाद कहा- मरीज़ की हालत स्थिर

यह अहमदाबाद सिविल अस्पताल के गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट का मामला है. अस्पताल की ओर से बाद में कहा गया कि कहा गया है कि मरीज़ जीवित नहीं है. जिस कर्मचारी ने परिजनों से संपर्क किया था वह मरीज़ की अपडेटेड स्थिति से वाक़िफ़ नहीं था.

गुजरात हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

पीठ में बदलाव के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने कहा- सरकार की आलोचना से मरे हुए वापस नहीं आएंगे

इससे पहले कोरोना वायरस को लेकर हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि सरकार द्वारा संचालित अहमदाबाद सिविल अस्पताल की हालत दयनीय और कालकोठरी से भी बदतर है. बदलाव के बाद पीठ ने नाराज़गी ज़ाहिर की कि महामारी से निपटने को लेकर सरकार के बारे में की गईं अदालत की हालिया टिप्पणियों का ग़लत मंशा से दुरुपयोग किया गया.

बेजान दारूवाला. (फोटो साभार: ट्विटर/@jbhagwagar)

मशहूर ज्योति​षी बेजान दारूवाला का निधन

ऐसी ख़बरें थीं कि बेजान दारूवाला की मौत कोरोना वायरस से हुई, लेकिन उनके बेटे नस्तूर दारूवाला ने बताया कि उनकी मौत कोरोना वायरस से नहीं हुई, बल्कि निमोनिया से हुई.

Sonipat: A migrant waits for a means of transport to travel to his native place during the fourth phase of the ongoing COVID-19 nationwide lockdown, at Kundali Industrial Area in Sonipat, Monday, May 18, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI18-05-2020_000211B)

क्या दिल्ली से लेकर गुजरात तक हाईकोर्ट की पीठ में बदलाव का उद्देश्य सरकारों को बचाना है?

कोरोना महामारी को लेकर अस्पतालों की दयनीय हालत और राज्य की स्वास्थ्य अव्यस्थताओं पर गुजरात सरकार को फटकार लगाने वाली हाईकोर्ट की पीठ में अचानक बदलाव किए जाने से एक बार फिर ‘मास्टर ऑफ रोस्टर’ की भूमिका सवालों के घेरे में है.

गुजरात हाईकोर्ट. (फोटो साभार: gujarathighcourt.nic.in)

कोरोना को लेकर गुजरात सरकार को कड़ी फटकार लगाने वाली हाईकोर्ट पीठ में बदलाव किया गया

गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस जेबी पर्दीवाला और इलेश जे. वोरा की पीठ ने बीते दिनों कोरोना महामारी को लेकर राज्य सरकार को सही ढंग और जिम्मेदार होकर कार्य करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए थे.