आंदोलन

(फोटोः पीटीआई)

नगालैंड: कोरोना संकट के बीच एनएचएम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों में एम्बुलेंस चालक, लैब टेक्नीशियन, नर्सें, डेंटिस्ट, आयुष और एलोपैथिक डॉक्टर शामिल हैं. उनकी मांग है कि एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करते हुए राज्य स्वास्थ्यकर्मियों के समान पद के लिए समान वेतन और सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया दी जाएं.

New Delhi: Former president Pranab Mukherjee (R) speaks as Chief Election Commissioner Sunil Arora looks on, during the first 'Sukumar Sen Memorial Lecture series', as part of tribute to India's first Chief Election Commissioner, at Pravasi Bhartiya Kendra in New Delhi, Thursday, Jan. 23, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI1_23_2020_000211B)

आंदोलनों की लहर लोकतंत्र की जड़ों को और मज़बूत बनाएगी: प्रणब मुखर्जी

देश के पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की याद में आयोजित व्याख्यान के दौरान पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र समय की कसौटी पर हर बार खरा उतरा है.

साभार: competitionzenith.blogspot.in

जब जेपी के जीवित रहते हुए संसद ने उन्हें श्रद्धांजलि दे दी थी…

गैरकांग्रेसवाद का सिद्धांत भले ही डाॅ. राममनोहर लोहिया ने दिया था लेकिन उसकी बिना पर कांग्रेस की केंद्र की सत्ता से पहली बेदखली 1977 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के तत्वावधान में ही संभव हुई.

Barwani Narmada Flood NAPM Photo

सरदार सरोवर: सरकारी आकलन से कहीं ज़्यादा है बाढ़ और डूब के प्रभावितों की संख्या

बीते दिनों नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के पुनर्वास आयुक्‍त ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्‍वीकारा कि विस्‍थापितों और प्रभावितों के आकलन में ‘टोपो शीट’ पर पेंसिल से निशान लगाने की पद्धति का इस्‍तेमाल किया गया. बोलचाल में नजरिया सर्वे कही जाने वाली इस तरकीब में अंदाज़े से डूबने वाली हर चीज और जीती-जागती इंसानी बसाहटों को चिह्नित कर विस्‍थापित घोषित कर दिया गया था.

Narmada Protest Delhi The Wire

सरदार सरोवर: बढ़ता जलस्तर, ख़तरे में ज़िंदगियां

नई दिल्ली के जंतर मंतर पर सरदार सरोवर बांध का जलस्तर घटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने आए मध्य प्रदेश के ग्रामीणों और नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं से संतोषी मरकाम की बातचीत.

ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी के बोंडी बीच पर अडानी के ख़िलाफ़ लोगों ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में #स्टॉपअडानी नाम से मानव श्रृंखला बनाई. (फोटो साभार: स्टॉप अडानी कैंपेन)

ऑस्ट्रेलिया: अडानी खनन परियोजना के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शन को कवर करने गए कई पत्रकार गिरफ़्तार

ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्वीन्सलैंड के कारमाइल कोयला खदान में खनन के लिए अडानी को जून में मंजूरी मिली थी. यहां खनन को लेकर विवाद है क्योंकि इस खदान के निकट ही ग्रेट बैरियर रीफ है, जहां दुनिया की सबसे बड़ी मूंगे की चट्टानें हैं.

राजस्थान के जयपुर मेटल एंड इलेक्ट्रिकल्स कंपनी के कर्मचारी 13 साल से ज़्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटो: माधव शर्मा)

सबसे बड़े लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शनों की आवाज़ क्यों नहीं सुनी जाती?

विशेष रिपोर्ट: राजस्थान के कई शहरों और कस्बों में कुछ प्रदर्शन ​आठ से दस वर्षों से चल रहे हैं. इस बीच भाजपा और कांग्रेस की सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी सरकार ने इन लोगों की शिकायतों को कभी गंभीरता से नहीं लिया.

झारखंड में प्रदर्शनरत शिक्षक. (फाइल फोटो साभार: ​फेसबुक/Indian City News)

झारखंड: रघुबर दास के मंत्री के घर के बाहर धरना दे रहे शिक्षक की मौत

रांची में प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज में घायल हुए एक अन्य शिक्षक की भी मौत. झारखंड में अनुबंधित शिक्षक अपनी सेवा को नियमित करने एवं अन्य मांगों को लेकर पिछले तीन महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं.

आॅस्ट्रलिया में अडाणी समूह की कोयला परियोजना के ख़िलाफ़ हुआ प्रदर्शन. (फोटो साभार: ट्विटर/@StrikeClimate)

ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में अडाणी के कोलमाइन प्रोजक्ट के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे छात्र-छात्राएं

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी का माइनिंग प्रोजेक्ट विवादों के घेरे में है. सामाजिक संगठन और पर्यावरणविद इस परियोजना के ख़िलाफ़ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

बीते जून में भी महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के किसानों ने विरोध स्वरूप दूध, फल और सब्जियों की आपूर्ति रोक दी थी और अपने उत्पाद सड़कों पर फेंक दिए थे. (फाइल फोटो: पीटीआई)

10 दिनों की देशव्यापी हड़ताल पर गए किसान, दूध और सब्ज़ियां सड़क पर​ फेंकी

स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान महासंघ ने 130 संगठनों के साथ मिलकर 10 दिवसीय प्रदर्शन और हड़ताल का ऐलान किया है.

Doodh-Nath-Singh

‘कहानी लेखन में गिरावट का दौर है, अच्छा साहित्य आंदोलनों से निकलकर सामने आता है’

शुक्रवार 12 जनवरी को हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार दूधनाथ सिंह का निधन हो गया. जीवन और साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर उनसे हुई एक पुरानी बातचीत.

ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी के बोंडी बीच पर अडानी के ख़िलाफ़ लोगों ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में #स्टॉपअडानी नाम से मानव श्रृंखला बनाई. (फोटो साभार: स्टॉप अडानी कैंपेन)

अडाणी की कोयला खान परियोजना के ख़िलाफ़ आॅस्ट्रेलिया में कई स्थानों पर प्रदर्शन

आॅस्ट्रेलिया में 16.5 अरब डॉलर की कारमाइकल कोयला खान परियोजना के ख़िलाफ़ सिडनी, ब्रिसबेन, मेलबर्न, उत्तरी क्वींसलैंड में हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे और रैलियां निकालीं.

जयप्रकाश नारायण. (जन्म: 11 अक्टूबर 1902  मृत्यु: 08 October 1979)

कहते हैं उनको जयप्रकाश जो नहीं मरण से डरता है…

आपातकाल की चर्चा तब तक पूरी नहीं होती जब तक स्वाधीनता संग्राम सेनानी और प्रसिद्ध समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की चर्चा न की जाए.