आईएएस

Jitendra singh Credit PTI

देश में आईएएस के 1449 और आईपीएस के 970 पद खाली: केंद्र सरकार

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि एक जनवरी 2018 की स्थिति के अनुसार आईएएस श्रेणी में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 6553 है जबकि आईपीएस श्रेणी में यह संख्या 4940 है.

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जम्मू कश्मीर: आईएएस अधिकारी शाह फैसल के रेप पर ट्वीट करने पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई

2010 बैच के यूपीएससी टॉपर फैसल ने बलात्कार की बढ़ती घटनाओं को लेकर एक ट्वीट किया था, जिस पर उन्हें केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा नोटिस भेजा गया है. फैसल ने ट्विटर पर नोटिस साझा करते हुए लिखा कि लोकतांत्रिक भारत में औपनिवेशिक भावना से बनाए नियमों के जरिये अभिव्यक्ति का गला घोंटा जा रहा है.

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क्या सिविल सेवा में लैटरल एंट्री की पहल ही पेशेवरों की कमी ख़त्म करने का सबसे बेहतर तरीका है?

ज़्यादातर वरिष्ठ नौकरशाहों का कहना है कि नरेंद्र मोदी सरकार को लैटरल एंट्री के संबंध में और ज़्यादा स्पष्टीकरण देने की ज़रूरत है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली. (फोटो: पीटीआई)

मंत्रालयों-विभागों में ‘लैटरल एंट्री’ संस्थाओं के भगवाकरण का प्रयास: वीरप्पा मोइली

प्रशासनिक सुधार आयोग के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि यह जल्दबाज़ी में उठाया गया कदम है. मोदी सरकार की घोषणा में पारदर्शिता की कमी है. उसने लैटरल एंट्री की घोषणा की लेकिन कोई नीति पेश नहीं की.

The IAS Probationers calls on the Prime Minister, Shri Narendra Modi, in New Delhi on February 16, 2015. 
	The Minister of State for Development of North Eastern Region (I/C), Prime Minister’s Office, Personnel, Public Grievances & Pensions, Department of Atomic Energy, Department of Space, Dr. Jitendra Singh is also seen.

आईएएस लैटरल एंट्री: असली सवाल तो सरकार की नीयत का है

लैटरल एंट्री को लेकर उठ रहे असुविधाजनक सवालों पर सरकार ने जो रुख अपना रखा है, उससे अभी से लगने लगा है कि यह व्यवस्था इतनी पारदर्शी नहीं होने जा रही कि इससे संबंधी सरकार की नीति और नीयत को सवालों से परे माना जा सके.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing at the 11th Civil Services Day function, in New Delhi on April 21, 2017.

आईएएस लैटरल एंट्री: नौकरशाही में बदलाव के नाम पर मोदी सरकार का नया स्टंट

संयुक्त सचिव स्तर के दस पेशेवर लोगों को सरकार में शामिल करने का ख़्याल सरकार के आख़िरी साल में क्यों आया जबकि इस तरह के सुझाव पहले की कई कमेटियों की रिपोर्ट में दर्ज हैं.

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सिविल सेवा: पीएमओ के प्रस्ताव के पीछे ‘वफ़ादार’ नौकरशाही तैयार करने की मंशा छिपी है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय की नई पहल कामयाब होती है तो संघ लोक सेवा आयोग द्वारा कराई जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना ही आपकी पसंद की अखिल भारतीय सेवा में दाखिल होने के लिए काफी नहीं रह जाएगा.

टीएसआर सुब्रमणियन. (फोटो साभार: फेसबुक)

‘इस्पाती ढांचा’ ढहने के गवाह थे पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमणियन

आईएएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा पर राजनीतिक दबावों, सेवा में फैलते भ्रष्टाचार और नेताओं की जी-हुज़ूरी की प्रवृत्ति तथा इस सेवा के आम जनता से विमुख होने के ख़िलाफ़ टीएसआर सुब्रमणियन अंतिम समय तक लड़ते रहे.

पटना राज भवन पर मानव श्रृंखला बना विरोध करते आईएएस अधिकारी (फोटो: पीटीआई)

क्यों बिहार में आईएएस अधिकारियों ने ​नीतीश सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला हुआ है?

बिहार कर्मचारी चयन आयोग से जुड़े पेपर लीक मामले में आयोग के अध्यक्ष रहे सुधीर कुमार की गिरफ्तारी और निलंबन के बाद उनके समर्थन में राजभवन पर प्रदर्शन करने वाले 28 जिलाधिकारियों को सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है.