आपातकाल

मराठी लेखक विनय हार्दिकर. (फोटो साभार: फेसबुक/
Rajeev Basargekar)

लेखक ने आपातकाल में जेल में रहने को लेकर महाराष्ट्र सरकार से पेंशन लेने से किया इनकार

मराठी लेखक विनय हार्दिकर ने सवाल उठाया कि आपातकाल के दौरान जेल में डाल दिए गए लोगों की तुलना में आरएसएस के कार्यकर्ता अधिक थे. क्या सरकार उन्हें नकद पुरस्कार देना चाहती है.

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कोबरापोस्ट स्टिंग: दो बांग्ला अख़बारों का हिंदुत्ववादी प्रोपेगेंडा से इनकार

जब कोबरापोस्ट के स्टिंग में देश के प्रमुख मीडिया संस्थान बिकने को बेताब दिखे, वहीं पश्चिम बंगाल के बर्तमान पत्रिका और दैनिक संबाद अख़बारों ने कोबरापोस्ट की पेशकश यह कहते हुए ठुकरा दी कि इस तरह का कंटेंट प्रकाशित करना कंपनी पॉलिसी और संस्थान की आत्मा के ख़िलाफ़ है.

श्रीलंका में हुए सांप्रदायिक हिंसा के बाद जलाया गया घर. (फोटो: रॉयटर्स)

सांप्रदायिक हिंसा के बाद श्रीलंका में लगाया गया आपातकाल हटा

बीते छह मार्च को कैंडी और अम्पारा जिलों में हुए बौधों और मुस्लिमों के बीच हुई हिंसा के बाद 10 दिनों के लिए श्रीलंका में आपातकाल घोषित कर दिया था.

Opposition supporters protest against the government's delay in releasing their jailed leaders, including former president Mohamed Nasheed, despite a Supreme Court order, in Male, Maldives, February 4, 2018. REUTERS/Stringer

राजनीतिक गतिरोध के बीच मालदीव में आपातकाल, पूर्व राष्ट्रपति व सुप्रीम कोर्ट के दो जज गिरफ़्तार

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत से सैन्य हस्तक्षेप की मांग की. भारत और चीन ने अपने नागरिकों से मालदीव की यात्रा टालने को कहा है. अमेरिका ने राष्ट्रपति से क़ानून का सम्मान करने की अपील की.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस (फोटो: पीटीआई)

संविधान, लोकतंत्र और सेना के बाद संघ के चलते ही देश सुरक्षित है: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज

आरएसएस प्रशिक्षण शिविर में पूर्व जज केटी थॉमस ने कहा, ‘अगर किसी संगठन को आपातकाल से देश को मुक्त कराने के लिए क्रेडिट दिया जाना चाहिए, तो मैं आरएसएस को दूंगा.’

(फोटो साभार: यूट्यूब)

आपातकाल पर बनी डॉक्यूमेंट्री को सेंसर बोर्ड ने प्रमाण पत्र देने से इनकार किया

फिल्म निर्देशक ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आपातकाल के दौरान हिरासत में लिए गए पीड़ितों के साक्षात्कारों के साथ पुलिस अत्याचार के तरीकों पर बात की गई है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णनवीस. (फोटो: पीटीआई)

क्या सरकार के ख़िलाफ़ लड़ने वालों को स्वतंत्रता सेनानी कहा जा सकता है?

आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिए जाने के महाराष्ट्र की भाजपा सरकार के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है.

छत्तीसगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को उनके गाजियाबाद स्थित आवास से 27 अक्टूबर को गिरफ़्तार किया था. (फोटो: पीटीआई)

पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ़्तारी पर भाजपा-कांग्रेस में छिड़ा सियासी घमासान

सीडी मामले को मंत्री ने बताया चरित्रहनन का प्रयास, एफआईआर में नहीं है विनोद वर्मा का नाम, अदालत में नहीं पेश हुई कोई सीडी, पत्रकारों ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल.

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राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़, मीडिया पर टंगा फंदा

राजस्थान ने पत्रकारों पर क़ानून के दस्ताने पहनकर हाथ डाला. छत्तीसगढ़ और यूपी की पुलिस ने एक प्रतिष्ठित पत्रकार के घर में मुंह-अंधेरे घुसकर बेशर्मी का परिचय दिया.

( फोटो: एएनआई)

राजस्थान सरकार ने विवादित विधेयक प्रवर समिति को भेजा

राजस्थान सरकार एक नया विधेयक लाई है, जिसके मुताबिक किसी भी लोकसेवक के ख़िलाफ़ मुक़दमे के लिए सरकार की मंज़ूरी लेना आवश्यक होगा.

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देश के हालात आपातकाल से ज़्यादा ख़राब, भाजपा ने सोच नहीं बदली तो ​बौद्ध धर्म अपना लूंगी: मायावती

बसपा प्रमुख का आरोप, भाजपा ने राजनीतिक स्वार्थ में संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र को कमज़ोर किया, तानाशाही और मनमानी चल रही है.

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राजस्थान सरकार की सफाई, लोकसेवकों को झूठे मुक़दमे से बचाने के लिए लाया गया विधेयक

राजस्थान सरकार की वेबसाइट पर कहा गया, नये अध्यादेश में भ्रष्ट लोकसेवकों को कोई संरक्षण नहीं, यह संशोधन झूठे मुक़दमों पर अंकुश लगाने के लिए हैं.

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राजस्थान में वसुंधरा सरकार ने विवादित विधेयक विधानसभा में पेश किया

कांग्रेस ने दंड विधियां राजस्थान संशोधन विधेयक, 2017 के ख़िलाफ़ निकाला मार्च, सचिन पायलट सहित कई नेता हिरासत में लिए गए.

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राजस्थान में लोकतंत्र का गला घोंटने वाले बिल का विरोध करूंगा: भाजपा विधायक

एडिटर्स गिल्ड ने कहा, यह विधेयक मीडिया को परेशान करने का एक घातक साधन है, जो सरकारी कर्मियों के ग़लत कृत्यों को छुपाता है और प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक लगाता है.

साभार: competitionzenith.blogspot.in

जब जेपी के जीवित रहते हुए संसद ने उन्हें श्रद्धांजलि दे दी थी…

जन्मदिन विशेष: गैरकांग्रेसवाद का सिद्धांत भले ही डाॅ. राममनोहर लोहिया ने दिया था लेकिन उसकी बिना पर कांग्रेस की केंद्र की सत्ता से पहली बेदखली 1977 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के तत्वावधान में ही संभव हुई.

जयप्रकाश नारायण. (जन्म: 11 अक्टूबर 1902  मृत्यु: 08 October 1979)

कहते हैं उनको जयप्रकाश जो नहीं मरण से डरता है…

पुण्यतिथि विशेष: आपातकाल की चर्चा तब तक पूरी नहीं होती जब तक स्वाधीनता संग्राम सेनानी और प्रसिद्ध समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की चर्चा न की जाए.

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वह चुनाव अभियान जिसने सांप्रदायिक राजनीति को बदल दिया

वर्ष 2002 में नरेंद्र मोदी के पहले राजनीतिक चुनाव प्रचार ने सबकुछ बदल दिया. पहली बार किसी पार्टी के नेता और उसके मुख्य चुनाव प्रचारक ने मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरा प्रचार अभियान चलाया.

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‘इंदिरा गांधी ने महाराजाओं के विशेषाधिकार तो ख़त्म किए लेकिन राजनीति में नए महाराजा बना दिए’

साक्षात्कार: वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष से उनकी नई क़िताब ‘इंदिरा: इंडियाज़ मोस्ट पावरफुल प्राइम मिनिस्टर’ पर मीनाक्षी तिवारी से बातचीत.

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सेकुलर भारत की याद दिलाती है अमर अकबर एंथनी

एक अलग भारत और उसके केंद्रीय मूल्यों को याद कराने के लिए फिल्म अमर अकबर एंथनी बुरा विचार नहीं है. यह आज के नौजवानों को यह बतलाएगा कि भारत हमेशा से वैसा नहीं था, जैसा कि आज है.

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आपातकाल के 42 सालों के बाद एक बार फिर भारत का लोकतंत्र ख़तरे में है

‘एक ऐसी सरकार जो ‘सबका विकास’ के वादे पर सत्ता में आई थी, अब समाज के सबसे कमज़ोर लोगों को सुरक्षा देने को लेकर अनिच्छुक नज़र आ रही है.’

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जन गण मन की बात, एपिसोड 74: भीड़ द्वारा पीट​​​​-पीटकर नागरिकों की हो रही हत्याएं और जीएसटी

जन गण मन की बात की 74वीं कड़ी में विनोद दुआ भीड़ द्वारा पीट​​​​-पीटकर नागरिकों की हो रही हत्याओं और जीएसटी पर चर्चा कर रहे हैं.

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आपातकाल: नसबंदी से मौत की ख़बरें न छापी जाएं

आपातकाल के 42 साल बाद इन सेंसर-आदेशों को पढ़ने पर उस डरावने माहौल का अंदाज़ा लगता है जिसमें पत्रकारों को काम करना पड़ा था, अख़बारों पर कैसा अंकुश था और कैसी-कैसी ख़बरें रोकी जाती थीं.

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जो हम पर ईमान ना लाए चुनवा दो दीवारों में…

‘गाय, ट्रिपल तलाक, सेना, कश्मीर और पाकिस्तान को ज़ेरे-बहस लाकर सरकार अपनी नाकामी को छिपाने की कोशिश कर रही है. सरकार के सभी वादे झूठे साबित हुए हैं. आपको अच्छे दिन के बजाय बुरे दिन दे दिए गए हैं.’

​(फोटो: पीटीआई)

‘अयोध्या में मंदिर-मस्जिद से बड़ी बात आपस में अमन-चैन है’

हाशिम अंसारी राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े सबसे पुराने पक्षकार थे. पिछले साल जुलाई में उनका देहांत हो गया. अपनी मौत के तीन महीने पहले इस पत्रकार से उन्होंने कहा था, ‘अयोध्या में रहने वाले लोग इस मसले से ऊब चुके हैं और इसका समाधान चाहते हैं लेकिन कुछ बड़े लोगों का इसमें राजनीतिक स्वार्थ है जो नहीं चाहते हैं कि मामला हल हो.’