आर्थिक असमानता

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

आर्थिक असमानता लोगों को मजबूर कर रही है कि वे बीमार तो हों पर इलाज न करा पाएं

सबसे ग़रीब तबकों में बाल मृत्यु दर और कुपोषण के स्तर को देखते हुए यह समझ लेना होगा कि लोक सेवाओं और अधिकारों के संरक्षण के बिना न तो ग़ैर-बराबरी ख़त्म की जा सकेगी, न ही भुखमरी, कुपोषण और बाल मृत्यु को सीमित करने के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकेगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

उदारीकरण के बाद बनीं आर्थिक नीतियों से ग़रीब और अमीर के बीच की खाई बढ़ती गई

जब से नई आर्थिक नीतियां आईं, चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए खुलेआम जनविरोधी नीतियां बनाई जाने लगीं, तभी से देश राष्ट्र में तब्दील किया गया. इन नीतियों से भुखमरी, कुपोषण और ग़रीबी का चेहरा और विद्रूप होने लगा तो देश के सामने राष्ट्र को खड़ा कर दिया गया. खेती, खेत, बारिश और तापमान के बजाय मंदिर और मस्जिद ज़्यादा बड़े मुद्दे बना दिए गए.

(फोटो साभार: ट्विटर/भाजपा)

क्या संविधान ने हमें सम्मान से जीने के लिए पांव धोने की व्यवस्था दी है?

क्या किसी बेरोज़गार के घर समोसा खा लेने से बेरोज़गारों का सम्मान हो सकता है? उन्हें नौकरी चाहिए या प्रधानमंत्री के साथ समोसा खाने का मौक़ा? अगर पांव धोना ही सम्मान है तो फिर संविधान में संशोधन कर पांव धोने और धुलवाने का अधिकार जोड़ दिया जाना चाहिए.

Modi Ambani Rahul Gandhi PTI Reuters Twitter

क्यों देश की राजनीतिक और आर्थिक ताक़त कुछ परिवारों तक सिमटकर रह गई है

क्या अगले आम चुनाव में मोदी सरकार या महागठबंधन में से कोई नेता या दल अपने चुनावी घोषणा-पत्र में यह वादा कर सकता है कि वो देश की आम जनता को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा देने की संवैधानिक जवाबदारी निभाने के लिए 2019 से देश के अरबपतियों और अमीरों पर उचित टैक्स लगाने का काम करेगा?

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत के 9 अमीरों के पास है 50 फीसदी आबादी के बराबर संपत्ति: रिपोर्ट

ऑक्सफैम की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2018 में देश के शीर्ष एक प्रतिशत अमीरों की संपत्ति में 39 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि पचास प्रतिशत ग़रीब आबादी की संपत्ति में महज़ 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी अर्थशास्त्री पॉल क्रुगमैन. (फोटो: रॉयटर्स)

भारत में विकास तो हुआ लेकिन स्पष्ट दिखने वाली ग़रीबी भी है: नोबेल विजेता पॉल क्रुगमैन

अमेरिकी अर्थशास्त्री पॉल क्रुगमैन ने कहा कि भारत में ऊंचे दर्जे की आर्थिक असमानता है और तरक्की के साथ-साथ यह बढ़ती ही गई है. बढ़ी हुई बेरोज़गारी भारत के विकास मॉडल की राह में रोड़ा बन सकती है.

भाजपा सांसद वरुण गांधी. (फोटो साभार: फेसबुक)

सांसदों का वेतन पिछले छह सालों में चार गुना बढ़ा: वरुण गांधी

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने सवाल उठाया कि क्या कोई आदमी अपने मन से अपनी तनख़्वाह बढ़ा सकता है या ख़ुद ही इसे तय कर सकता है, अगर नहीं तो सांसद और विधायक अपनी तनख़्वाह कैसे तय कर सकते हैं?

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत में आर्थिक असमानता बढ़ रही है, ग़रीब और ग़रीब हो रहे हैं: रिपोर्ट

ग़ैर सरकारी संगठन ऑक्सफेम इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत के 101 अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी के 15 प्रतिशत के बराबर है.

Patna: BJP MP Varun Gandhi speaking at the Parliamentarian Conclave at Gayan Bhawan in Patna on Saturday. PTI Photo(PTI9_9_2017_000080A)

लोकसभा अध्यक्ष सम्पन्न सांसदों द्वारा वेतन छोड़ने का आंदोलन शुरू करवाएं: वरुण गांधी

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि भारत में आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है, जो कि लोकतंत्र के लिए घातक है.

Episode 18

हम भी भारत, एपिसोड 18: भारत में आर्थिक असमानता

हम भी भारत की 18वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी, भारत में आर्थिक असमानता पर दिल्ली विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के सहायक प्रोफेसर कृष्ण कुमार एस. और आॅक्सफेम इंडिया की निदेशक रानू भोगल से चर्चा कर रही हैं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 185: दावोस में मोदी

​जन गण मन की बात की 185वीं कड़ी में विनोद दुआ विश्व आर्थिक मंच की शिखर बैठक में शामिल होने दावोस गए नरेंद्र मोदी और भारत की आर्थिक असमानता पर चर्चा कर रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

साल 2017 में एक प्रतिशत अमीरों की जेब में गया कुल संपत्ति का 73 प्रतिशत: सर्वे

विश्व आर्थिक मंच की बैठक में शामिल होने दावोस जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया गया है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था सभी के लिए काम करती है, न कि सिर्फ़ चंद लोगों के लिए.

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कुल भारतीय संपत्ति का 58 प्रतिशत हिस्सा एक प्रतिशत लोगों के पास है: येचुरी

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा, पिछले तीन साल में देश में अमीर और ग़रीब के बीच आर्थिक असमानता तेज़ी से बढ़ी है.