आर्थिक संकट

भारतीय रिज़र्व बैंक (फोटो: रॉयटर्स)

सितंबर 2021 तक 25 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है बैंकों का एनपीए: आरबीआई

आरबीआई की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर वृहत आर्थिक माहौल और ख़राब होता है और गंभीर दबाव की स्थिति उत्पन्न होती है, तो सकल एनपीए अनुपात 14.8 प्रतिशत तक जा सकता है. सामान्य स्थिति में यह 13.5 प्रतिशत पर पहुंचेगा, जो 23 साल का उच्चतम स्तर होगा.

विरल आचार्य और रघुराम राजन. (फोटो: रॉयटर्स)

कॉरपोरेट घरानों को बैंकिंग लाइसेंस की सिफ़ारिश पर राजन और आचार्य ने आरबीआई की आलोचना की

आरबीआई द्वारा गठित एक आंतरिक कार्य समूह ने पिछले सप्ताह सिफ़ारिश की थी कि कॉरपोरेट घरानों को बैंक शुरू करने का लाइसेंस दिया जा सकता है. रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ने कहा है कि भारत में बड़ी कंपनियों के पिछले कुछ साल में क़र्ज़ लौटाने को लेकर चूक देखते हुए हमें बैंकों में कॉरपोरेट क्षेत्र को स्वामित्व देने की अनुमति को लेकर संदेह है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

भारत में डूब रहा नकद, निवेश की कर रहे समीक्षा: एयर एशिया

मलेशिया के एयर एशिया समूह ने संकेत दिया है कि वह भारत में साझे में चल रही अपनी विमानन सेवा कंपनी से निकल सकता है. एयर एशिया इंडिया में टाटा समूह स्थानीय हिस्सेदार है. छह साल से अधिक समय से चल रही इस कंपनी के लिए कोविड-19 और लॉकडाउन के बाद से कारोबार में चुनौती बढ़ गई है.

A trader wearing protective hand gloves counts Indian currency notes at a market during a 21-day nationwide lockdown to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19), in Kochi, India, March 27, 2020. REUTERS/Sivaram V

सरकार मदद करे, वरना एनपीए के कारण बैंक अर्थव्यवस्था के उबरने में बाधक बनेंगे: चार पूर्व गवर्नर

भारतीय रिज़र्व बैंक के चार पूर्व गवर्नरों ने तेज़ी से बढ़ते वित्तीय घाटे और महामारी के चलते अत्यधिक बुरी स्थिति में पहुंची अर्थव्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने एनपीए की तरह ही कई चुनौतियों के प्रति आगाह किया है.

वर्ल्ड बैंक (फोटो: रायटर्स)

कोविड-19 के चलते 1930 की महामंदी के बाद सबसे गहरी मंदी से जूझ रही है दुनिया: विश्व बैंक

विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा है कि कोरोना महामारी कई विकासशील और सबसे ग़रीब देशों के लिए यह भयावह घटना है. उन्होंने कहा कि निर्धनतम देशों में सामाजिक सुरक्षा के लिए अतिरिक्त मदद दी जाए. लोगों की जान बचाना, स्वास्थ्य और सुरक्षा पहली प्राथमिकता है.

(फोटो: रॉयटर्स)

चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी में 9.6 प्रतिशत गिरावट का अनुमान: विश्व बैंक

विश्व बैंक ने कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति इससे पहले के किसी भी समय की तुलना में काफ़ी ख़राब है. कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को थामने के लिए देशभर में लगाए गए लॉकडाउन का भी प्रतिकूल असर पड़ा है.

A patient suffering from diabetes lies on a hospital bed as his family look after him in the emergency ward. The healthcare system in Bhagalpur, like many other parts of Bihar, is on the verge of collapse, he says. Interviews with dozens of staff, patients and relatives at the hospital paint a picture of conditions that might shock those accustomed to images of hermetically sealed ICUs during the pandemic, with relatives not even allowed to touch their dying loved ones. REUTERS/Danish Siddiqui (Thursday, August 13, 2020)

भारत को स्वास्थ्य ढांचे में लंबे समय तक निवेश जारी रखना चाहिए: विश्व आर्थिक मंच अध्यक्ष

विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष ने कहा है कि भारत को कोविड-19 संकट के बीच खर्च को सावधानीपूर्वक समायोजित करने और औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की आवश्यकता है.

Golden Statues at the Trocadero square near the Eiffel tower wear protective masks during the outbreak of the coronavirus disease (COVID-19) in Paris, France, May 2, 2020. REUTERS/Benoit Tessier/File Photo

महामारी से वैश्विक पर्यटन को पांच माह में 320 अरब डॉलर का नुकसान: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि पर्यटन वैश्विक अर्थव्यवस्था का ईंधन है. महामारी की वजह से इस क्षेत्र की आय बुरी तरह प्रभावित हुई है. पर्यटन उद्योग में 12 करोड़ नौकरियां ख़तरे में हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना के चलते विमानन उद्योग सबसे कमज़ोर स्थिति में, कुछ कंपनियां बंद होने के कगार पर: सीएपीए

विमानन क्षेत्र में परामर्श देने वाली कंपनी सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन ने कहा कि कोरोना संकट के चलते पूरे विमानन उद्योग को मिलाकर इस वित्त वर्ष में छह से साढ़े छह अरब डॉलर का घाटा हो सकता है.

(फोटो: रॉयटर्स)

मार्च 2021 तक बैंकों का एनपीए पिछले दो दशक में सबसे अधिक होने की आशंका: आरबीआई

आरबीआई ने अपनी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा है कि मार्च 2020 में 8.5 फीसदी की तुलना में मार्च 2021 तक बैंकों का एनपीए 12.5 फीसदी तक बढ़ सकता है. इससे पहले वैश्विक संस्था एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने अनुमान जताया था कि अगले साल तक भारत का एनपीए 13.2 फीसदी तक बढ़ जाएगा.

(फोटो साभार: indiarailinfo)

यूपी: कथित आर्थिक संकट से परेशान युवक ने की आत्महत्या

मामला बांदा ज़िले के अतर्रा का है. पुलिस ने बताया कि मृतक की साइकिल पंक्चर बनाने की दुकान थी. बताया जा रहा है कि घर में पैसे को लेकर हुई कहासुनी के बाद क्षुब्ध युवक ने यह क़दम उठाया.

(फोटो: रॉयटर्स)

कैफ़े कॉफ़ी डे ने अप्रैल से जून के बीच 280 रेस्तरां बंद किए

कैफ़े कॉफ़ी डे ने एक बयान में कहा कि कम मार्जिन की वजह से निर्यात कारोबार फिलहाल ठप पड़ा है. पूंजी की ज़रूरतों, मुनाफ़े, भविष्य के ख़र्चे इत्यादि को देखते हुए कंपनी ने अपने क़रीब 280 रेस्तरां बंद कर दिए हैं.

एयर इंडिया (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: कुछ कर्मचारियों को पांच साल तक की अवैतनिक छुट्टी पर भेजेगा एयर इंडिया

एयर इंडिया के बोर्ड ने अपने हालिया आदेश में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को अधिकृत किया है कि वे कर्मचारियों के प्रदर्शन समेत विभिन्न मानकों का मूल्यांकन कर उन्हें छह महीने से दो साल तक के अनिवार्य अवैतनिक अवकाश पर भेज सकते हैं. इस अवधि को पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है.

**FILE** Chennai: In this file photo dated Sept 5, 2017, former RBI Governor Raghuram G Rajan speaks at an event in Chennai. Rajan, in a note to Parliamentary panel, has said over optimistic bankers, slowdown in government decision making process and moderation in economic growth mainly contributed to the mounting bad loans. (PTI Photo) (PTI9_11_2018_000148B)

अगले छह महीने में एनपीए में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका: रघुराम राजन

रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एनपीए में संभावित बढ़ोतरी को लेकर कहा कि हम मुश्किल में हैं और जितनी जल्दी इसे स्वीकार करेंगे, उतना बेहतर होगा क्योंकि हमें वाकई में इस समस्या से निपटने की ज़रूरत है.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 संकट के चलते दुनिया में एक अरब से अधिक लोग अत्यंत ग़रीब हो सकते हैं: रिपोर्ट

किंग्स कॉलेज लंदन और ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों के एक अध्ययन में कहा गया है कि मध्यम आय वर्ग वाले विकासशील देशों में ग़रीबी बढ़ेगी जो वैश्विक स्तर पर ग़रीबी को बढ़ाएगा. दक्षिण एशिया का इलाका ग़रीबी की मार झेलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्र होगा.