आ​र्थिक वृद्धि दर

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को हो सकता है नौ लाख करोड़ रुपये का नुकसान

देश में लॉकडाउन के बाद विश्लेषकों द्वारा तैयार एक रिपोर्ट में कहा कि अनुमान है कि तीन सप्ताह के राष्ट्रव्यापी बंदी से ही 90 अरब डॉलर का नुकसान होगा. नोटबंदी और जीएसटी की दोहरी मार झेलने वाले असंगठित क्षेत्र पर इसका असर सर्वाधिक पड़ेगा.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

सरकार अर्थव्यवस्था के बजाए राजनीतिक, समाजिक एजेंडे पर ज्यादा ध्यान दे रही: रघुराम राजन

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की टिप्पणी इस संबंध में महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही जो करीब सात साल का न्यूनतम स्तर है.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश की आर्थिक वृद्धि दर दिसंबर तिमाही में घटकर 4.7 प्रतिशत रही

कांग्रेस ने मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर के 4.7 फीसदी रहने को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि ‘करो-ना’ वायरस ने इस सरकार को पंगु बना दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ. (फोटो: ट्विटर/@GitaGopinath)

भारत की अर्थव्यवस्था गंभीर सुस्ती के दौर में, तत्काल नीतिगत कदमों की जरूरत: आईएमएफ

आईएमएफ एशिया और प्रशांत विभाग में भारत के लिए मिशन प्रमुख रानिल सलगादो ने कहा कि भारत के साथ मुख्य मुद्दा अर्थव्यवस्था में सुस्ती का है. इसकी वजह वित्तीय क्षेत्र का संकट है. इसमें सुधार उतना तेज नहीं होगा जितना हमने पहले सोचा था.

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम (फोटो: पीटीआई)

बड़ी मंदी की ओर बढ़ रहा भारत, आईसीयू में जा रही अर्थव्यवस्था: पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार

नरेंद्र मोदी सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार रहते हुए अरविंद सुब्रमण्यन ने दिसंबर 2014 में दोहरे बैलंस शीट की समस्या उठाई थी, जिसमें निजी उद्योगपतियों द्वारा लिए गए कर्ज बैंकों के एनपीए बन रहे थे. सुब्रमण्यन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था एक बार फिर से दोहरे बैलेंस शीट के संकट से जूझ रही है.

The Governor of Reserve Bank of India, Shri Raghuram Rajan calling on the Prime Minister, Shri Narendra Modi, in New Delhi on June 01, 2014.

सभी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन होना अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं: रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि भारत आर्थिक मंदी के घेरे में है. आर्थिक सुस्ती को दूर करने की शुरुआत के लिए यह जरूरी है कि मोदी सरकार सबसे पहले समस्या को स्वीकार करे.

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे. (फोटो साभार: फेसबुक)

जीडीपी को रामायण-महाभारत नहीं मान लेना चाहिए, यह भविष्य में महत्वपूर्ण नहीं रहेगा: भाजपा सांसद

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में यह बात ऐसे समय कही है जब चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 4.5 प्रतिशत पर रह गई है. बीते छह सालों में आर्थिक वृद्धि की यह सबसे धीमी गति है.

Mumbai: Congress senior leader and former prime minister Manmohan Singh addresses a press conference, in Mumbai, Thursday, Oct. 17, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI10_17_2019_000071A)

अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक, हालिया जीडीपी आंकड़े पूरी तरह अस्वीकार्य: मनमोहन सिंह

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रहने को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नाकाफ़ी बताया. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है लेकिन हमारे समाज की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है.

(फोटो: रॉयटर्स)

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत रही आर्थिक वृद्धि दर, छह साल में सबसे कम

एनएसओ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में गिरावट और कृषि क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले कमज़ोर प्रदर्शन से वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रह गई. बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह सात प्रतिशत थी.

C. Rangarajan. Photo PTI

5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सवाल ही नहीं है: पूर्व आरबीआई गवर्नर सी. रंगराजन

गुजरात के अहमदाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रंगराजन ने कहा कि विकसित देश की परिभाषा ऐसे देश से है जिसकी प्रति व्यक्ति आय 12,000 डॉलर सालाना हो. अगर हम नौ फीसदी की दर से विकास करे तब भी इसे हासिल करने में 22 साल लगेंगे.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ. (फोटो: रॉयटर्स)

भारत के लिए राजकोषीय घाटे को काबू में रखना जरूरी: आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने अपनी नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. इससे पहले विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर छह प्रतिशत कर दिया था. वित्त वर्ष 2018-19 में वृद्धि दर 6.9 फीसदी रही थी.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

बहुसंख्यकवाद और अधिनायकवाद भारत को अंधेरे रास्ते पर ले जा रहा है: रघुराम राजन

अमेरिका के ब्राउन विश्वविद्यालय में एक लेक्चर के दौरान पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि बिना सोच-विचार के नोटबंदी लाने और बुरी तरह से जीएसटी लागू करने की वजह से भारत इस समय आर्थिक सुस्ती की दौर से गुजर रहा है.

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती. (फोटो: पीटीआई)

सांसों की तरह अर्थव्यवस्था भी ऊपर-नीचे होती रहती हैः उमा भारती

देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि जहां तक मंदी के दौर की बात है, ये सांसों के आरोह और अवरोह की तरह होता है. सांस नीचे-ऊपर होती है लेकिन शरीर पूरा चल रहा होता है.

फोटो: रॉयटर्स

भारत की आर्थिक विकास दर अनुमान से काफी कमज़ोर: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष

सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश की आर्थिक वृद्धि दर सात साल के न्यूनतम स्तर पर है. अप्रैल से जून तिमाही में यह सात साल के निचले स्तर 5 फीसदी आ गई है, जो बीते साल की इसी अवधि में 8 फीसदी थी.

Bulletin 27th march

द वायर बुलेटिन: रघुराम राजन ने कहा, बिना रोजगार सृजन के सात फीसदी जीडीपी वृद्धि दर संदेह के घेरे में

मोदी के खिलाफ़ 111 किसान, भाजपा द्वारा उनकी मांगों को घोषणापत्र में शामिल करने के वादे समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

बिना रोजगार सृजन के सात फीसदी जीडीपी वृद्धि दर संदेह के घेरे में है: रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर उपजे संदेह को दूर करने के लिए एक निष्पक्ष समूह की नियुक्ति पर जोर दिया है.

Demonetisation Notebandi Reuters

नोटबंदी से हुआ था जीडीपी वृद्धि दर को नुकसान: रिपोर्ट

अमेरिका के राष्ट्रीय आर्थिक शोध ब्यूरो द्वारा जारी एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि नोटबंदी के बाद 2016 में नवंबर-दिसंबर महीने के दौरान रोजगार सृजन में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी.

Workers operate metal cutting machines inside a workshop at an industrial area in Mumbai, India, November 30, 2018. REUTERS/Francis Mascarenhas

दूसरी तिमाही में जीडीपी दर 7.1 प्रतिशत, तीन तिमाहियों में रही सबसे कम

देश की आर्थिक वृद्धि दर इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही ‘अप्रैल-जून’ में 8.2 प्रतिशत रही. पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही ‘जनवरी-मार्च’ में यह 7.7 प्रतिशत रही.

Pranab Mukherji Twitter

देश की आर्थिक वृद्धि दर से संतुष्ट नहीं, अर्थव्यवस्था को और प्रगति करनी चाहिए: प्रणब मुखर्जी

बेंगलुरु में एक स्कूली कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री होने के नाते मुझे लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 5-6 हज़ार अरब डॉलर की होनी चाहिए.

New Delhi: AICC Vice President Rahul Gandhi interacts with street vendors at his residence in New Delhi on Saturday. PTI Photo by Atul Yadav(PTI3_15_2014_000126B)

मोदी सरकार के भारी-भरकम दावे हवा में उड़ गए, डींग हांकने से सच्चाई छुप नहीं सकती: कांग्रेस

राहुल गांधी ने कहा, रोज़गार सृजन 8 साल, बैंक ऋण कारोबार 63 साल और नया निवेश 13 साल के निचले स्तर पर.

India’s Prime Minister Manmohan Singh smiles during a news conference in New Delhi January 3, 2014. Singh will hand over the top job to a new leader after general elections due by May, he said on Friday. REUTERS/Harish Tyagi/Pool (INDIA - Tags: POLITICS)

यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि जीडीपी की वृद्धि दर में गिरावट का दौर बीत चुका है: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के लिए यूपीए सरकार के दस साल के शासन की औसत वृद्धि दर की बराबरी कर पाना भी संभव नहीं होगा.

New Delhi: Finance Minister Arun Jaitley at the release of the book "India @ 70 Modi @ 3.5"  in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Kamal Singh  (PTI9_28_2017_000183A)

जेटली का यशवंत सिन्हा पर तंज, कहा- 80 साल की उम्र में ढूंढ़ रहे हैं नौकरी

अरुण जेटली ने सिन्हा का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि उनके पास पूर्व वित्त मंत्री होने का सौभाग्य नहीं है, न ही ऐसा पूर्व वित्त मंत्री होने का सौभाग्य है जो आज स्तंभकार बन चुका है.

NIti Aayog Reuters

नोटबंदी-जीएसटी के कारण समस्या हुई, अगली दो तिमाही में वृद्धि दर सुधरेगी: नीति आयोग

आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में तीन साल के न्यूनतम स्तर पर, नीति आयोग को है सुधार की उम्मीद.

(फोटो: रॉयटर्स)

नोटबंदी आज़ाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला, जी​डीपी को 2.25 लाख करोड़ का नुकसान: विपक्ष

जीडीपी ​तीन साल के सबसे निचले स्तर पर, निर्माण क्षेत्र ​की वृद्धि दर 10.7 से 1.2 पर पहुंची, सरकार पर विपक्ष हमलावर.