इसरो वैज्ञानिक

Thiruvananthapuram: Former ISRO scientist Nambi Narayanan speaks to media, in Thiruvananthapuram, Friday, Sept 14, 2018. The Supreme Court today held Narayanan was “arrested unnecessarily, harassed and subjected to mental cruelty” in a 1994 espionage case and ordered a probe into the role of Kerala police officers. (PTI Photo) (PTI9_14_2018_000099A)

इसरो जासूसी मामले में षड्यंत्रकारी अलग-अलग थे, लेकिन पीड़ित एक ही तरह के लोग थे: नंबी नारायणन

पूर्व इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन का कहना है कि इसरो जासूसी मामला 20 अक्तूबर 1994 को मालदीव की नागरिक मरियम रशीदा की गिरफ्तारी के समय से ही झूठा था. उस समय नारायणन इसरो की क्रायोजनिक परियोजना के निदेशक थे.

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इसरो जासूसी कांड में वैज्ञानिक की गिरफ़्तारी अनावश्यक थी: सुप्रीम कोर्ट

1994 में हुए इसरो जासूसी कांड में वैज्ञानिक नंबी नारायणन की ग़ैर-क़ानूनी गिरफ़्तारी के लिए सीबीआई ने केरल पुलिस के अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. शीर्ष अदालत ने इन अधिकारियों के ख़िलाफ़ जांच आदेश देते हुए केरल सरकार से नारायणन को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा है.