इसरो

कुडानकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र. (फोटो: पीटीआई)

कुडनकुलम प्लांट के साथ इसरो को भी दी गई थी साइबर सुरक्षा में सेंध लगने की जानकारी

कुडनकुलम प्लांट में लगाई गई सेंध की जानकारी 28 अक्टूबर को तब सामने आई जब एक ऑनलाइन मालवेयर स्कैनिंग सर्विस वायरसटोटल डॉट कॉम पर प्लांट के डाटा को दिखाया गया.

इसरो चेयरमैन के. सिवन (फोटो: पीटीआई)

भारत 2021 तक अंतरिक्ष में मानव को भेजेगा: इसरो प्रमुख

इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 के ‘लैंडर’ विक्रम को चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने की इसरो की योजना बेशक पूरी नहीं हो सकी हो लेकिन इसका ‘गगनयान’ मिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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मीडिया बोल: चंद्रयान-2 पर खेलती सियासत और मीडिया

चांद पर उतरते समय चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ से इसरो का संपर्क टूट गया था. मीडिया बोल के इस अंक में इससे जुड़े मीडिया कवरेज पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश दिल्ली साइंस फोरम के वैज्ञानिक डी. रघुनंदन और खगोल वैज्ञानिक अमिताभ पांडेय से चर्चा कर रहे हैं.

22 जुलाई, 2019 को चंद्रयान-2 को जीएसएलवी एमके III रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया. (फोटो: पीटीआई)

चांद की सतह पर टकराने से झुका लैंडर विक्रम, लेकिन पूरी तरह सलामत: इसरो

इसरो ने कहा कि ‘चंद्रयान-2’ का लैंडर ‘विक्रम’ चांद की सतह पर साबुत अवस्था में है और यह टूटा नहीं है. हालांकि, ‘हार्ड लैंडिंग’ की वजह से यह झुक गया है तथा इससे पुन: संपर्क स्थापित करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है.

Sriharikota: Indian Space Research Organisation (ISRO) Chairman K Sivan addressing press conference after successfully launch of PSLV-C42, carrying two foreign satellites, NovaSAR and S1-4, lifts off from first launch pad of Satish Dhawan Space Center in Sriharikota, on Sunday, Sept. 16, 2018. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI9_16_2018_000167B)

विक्रम लैंडर का पता चला, संपर्क करने का प्रयास जारी है: इसरो अध्यक्ष के. सिवन

चंद्रमा की सतह पर उतरते समय विक्रम लैंडर का संपर्क टूट गया था. संपर्क तब टूटा जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था.

बंगलुरु स्थित नियंत्रण केंद्र. (फोटो साभार: इसरो)

चंद्रयान-2: चंद्रमा की सतह पर उतरते समय विक्रम लैंडर से संपर्क टूटा

स्वदेशी तकनीक से निर्मित चंद्रयान-2 को ‘विक्रम’ लैंडर और ‘प्रज्ञान’ रोवर के साथ बीते 22 जुलाई को रवाना किया गया था. ‘विक्रम’ लैंडर का नाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम ए. साराभाई के नाम पर रखा गया है.

22 जुलाई, 2019 को चंद्रयान-2 को जीएसएलवी एमके III रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया. (फोटो: पीटीआई)

चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हुआ चंद्रयान-2: इसरो

चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था. इसरो ने कहा कि लैंडर ‘विक्रम’ 2 सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और 7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव, भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी और राजद प्रमुख लालू यादव. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

केंद्र ने लालू यादव, अखिलेश यादव सहित कई नेताओं और सांसदों की सुरक्षा में कटौती की

केंद्र सरकार ने 130 से ज्यादा मालमों की समीक्षा के बाद विभिन्न श्रेणियों में नेताओं और सांसदों की सुरक्षा में कटौती की है. यह फैसला खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने खतरे के आकलन के आधार पर यह लिया है.

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चांद के लिए चंद्रयान-2 रवाना, पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित

स्वदेशी तकनीक से निर्मित 3,850 किलोग्राम वज़नी चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा. इसरो के अनुसार यहां अब तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है. सितंबर के पहले सप्ताह में चंद्रयान-2 के चांद पर उतरने की उम्मीद है.

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चंद्रयान-2 को अब 22 जुलाई को किया जाएगा प्रक्षेपित: इसरो

जीएसएलवी मार्क-III के ज़रिये होने वाला चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 14 जुलाई देर रात 2:51 बजे होना था, लेकिन तकनीकी ख़राबी के कारण इसे रोक दिया गया था.

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तकनीकी खामी की वजह से चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण टला, नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी

इसरो ने इससे पहले प्रक्षेपण की तारीख जनवरी के पहले सप्ताह में रखी थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 15 जुलाई कर दिया था. चंद्रयान-2 को जीएसएलवी एमके III रॉकेट के जरिये चांद पर ले जाया जाना था.

Sriharikota: ISRO's heaviest rocket GSLV Mk-III, carrying communication satellite GSAT-19, takes off from Satish Dhawan Space Centre in Sriharikota on Monday. PTI Photo/ISRO(PTI6_5_2017_000216B)

अंतरिक्ष विभाग और सरकार के विज्ञान से जुड़े विभागों के बजट में मामूली बढ़ोतरी

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के बजट में पिछले वित्त वर्ष की आवंटित राशि के मुकाबले इस बार 101 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. वहीं, अंतरिक्ष विभाग के बजटीय आवंटन में पिछले वित्त वर्ष की आवंटित राशि के मुकाबले इस बार 1273 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है.

इसरो के पूर्व प्रमुख जी. माधवन नायर. (फोटो: रॉयटर्स)

इसरो के पूर्व प्रमुख और सबरीमाला मंदिर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भाजपा में शामिल

शनिवार को केरल पहुंचे भाजपा अध्यक्ष की मौजूदगी में इसरो के पूर्व प्रमुख जी. माधवन नायर और सबरीमाला का प्रबंधन देखने वाले त्रावणकोर देवासम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जी. रमन नायर समेत पांच लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

Thiruvananthapuram: Former ISRO scientist Nambi Narayanan speaks to media, in Thiruvananthapuram, Friday, Sept 14, 2018. The Supreme Court today held Narayanan was “arrested unnecessarily, harassed and subjected to mental cruelty” in a 1994 espionage case and ordered a probe into the role of Kerala police officers. (PTI Photo) (PTI9_14_2018_000099A)

इसरो जासूसी मामले में षड्यंत्रकारी अलग-अलग थे, लेकिन पीड़ित एक ही तरह के लोग थे: नंबी नारायणन

पूर्व इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन का कहना है कि इसरो जासूसी मामला 20 अक्तूबर 1994 को मालदीव की नागरिक मरियम रशीदा की गिरफ्तारी के समय से ही झूठा था. उस समय नारायणन इसरो की क्रायोजनिक परियोजना के निदेशक थे.

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इसरो जासूसी कांड में वैज्ञानिक की गिरफ़्तारी अनावश्यक थी: सुप्रीम कोर्ट

1994 में हुए इसरो जासूसी कांड में वैज्ञानिक नंबी नारायणन की ग़ैर-क़ानूनी गिरफ़्तारी के लिए सीबीआई ने केरल पुलिस के अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. शीर्ष अदालत ने इन अधिकारियों के ख़िलाफ़ जांच आदेश देते हुए केरल सरकार से नारायणन को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा है.