ईंधन

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थोक महंगाई जुलाई में माइनस 0.58 प्रतिशत हुई, खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़े

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, थोक महंगाई दर जुलाई में माइनस 0.58 फीसदी रही, जबकि जून महीने में यह माइनस 1.81 फीसदी थी.

अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: डीज़ल 8.36 रुपये प्रति लीटर सस्ता, राज्य सरकार ने घटाया वैट

इस घोषणा के बाद अब दिल्ली में डीज़ल के दाम 82 रुपये से घटकर 73.64 रुपये प्रति लीटर हो जाएंगे. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को सुधारने में मदद करेगा.

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लगातार 22वें दिन बढ़ीं पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें, विपक्षी दलों का विरोध-प्रदर्शन

सोमवार को पेट्रोल के दाम में पांच पैसे प्रति लीटर और डीज़ल के दाम में 13 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई. पिछले तीन सप्ताह में पेट्रोल के दाम में कुल 9.17 रुपये और डीज़ल की क़ीमत में कुल 11.14 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है.

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लगातार 21वें दिन पेट्रोल के दाम में 25 पैसे और डीज़ल में 21 पैसे का इज़ाफ़ा

बीते तीन हफ्तों में पेट्रोल के दाम 9.12 रुपये और डीज़ल की कीमत 11.01 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है. इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 80.38 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की 80.40 रुपये प्रति लीटर है.

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दिल्ली में पेट्रोल दो साल में पहली बार 80 रुपये प्रति लीटर के पार, डीज़ल के दाम भी बढ़े

शुक्रवार को डीज़ल की कीमतों में जहां लगातार 20वें दिन बढ़ोतरी हुई है, वहीं तीन सप्ताह से भी कम समय में पेट्रोल के दाम 19 बार बढ़ाए गए हैं. सात जून से पेट्रोल 8.87 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 10.80 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है.

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दिल्ली में पेट्रोल से महंगा हुआ डीज़ल, 80 रुपये प्रति लीटर के पार, लगातार 19वें दिन बढ़े दाम

बीते 19 दिनों में डीज़ल के दाम में 10.63 रुपये और पेट्रोल के दाम में 8.66 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में पहली बार डीज़ल के दाम पेट्रोल से अधिक होने के साथ 80 रुपये प्रति लीटर के पार हुए हैं.

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पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी असंवेदनशील, वापस ले सरकार: सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की क़ीमत में करीब नौ फ़ीसदी की कमी आई, लेकिन सरकार मुश्किल के समय लोगों को इसका लाभ देने के लिए कुछ नहीं कर रही है. तेल कंपनियों द्वारा मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार 10वें दिन वृद्धि की गई है.

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पिछले आठ दिन में पेट्रोल-डीज़ल के दाम में 4.52 रुपये और 4.64 रुपये की बढ़ोतरी

तेल कंपनियां जून, 2017 के बाद से दैनिक आधार पर पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों की समीक्षा कर रही हैं. कंपनियों ने कीमतों की समीक्षा 82 दिनों तक स्थगित रखने के बाद सात जून से दाम में लागत के हिसाब से फेरबदल शुरू किया था. उसके बाद से यह लगातार आठवां दिन है जब ईंधन के दाम बढ़े हैं.

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केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये और डीजल पर 13 रुपये लीटर बढ़ाया

केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में की गई इस बढ़ोतरी के बाद लोगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की घटी कीमतों का कोई भी फायदा नहीं मिल पाएगा. दो महीने से कम की अवधि में यह दूसरी बार उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया है.

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वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच असम-मेघालय ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम

असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि हमें हर महीने रॉयल्टी से 166 करोड़ रुपये की प्राप्ति होती रही है लेकिन अब यह राशि 50 करोड़ रुपये रह जाने का अनुमान है, इसलिये ईंधन के दाम बढ़ाकर हम अपने राजस्व को बचाए रखने का प्रयास कर रहे हैं.

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सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क आठ रुपये लीटर तक बढ़ाने का अधिकार हासिल किया

कांग्रेस ने पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को लेकर आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों की तकलीफ का फायदा उठा रही है, जो कि बहुत अमानवीय है. लोगों की जीविका खत्म हो रही है और नौकरियां जा रही है. ऐसे में भाजपा सरकार मुनाफा कमा रही है.

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कच्चे तेल की कीमत में गिरावट के बावजूद केंद्र ने पेट्रोल-डीज़ल पर तीन रुपये टैक्स बढ़ाया

कांग्रेस ने कहा है कि सरकार ने लोगों को फायदा देने की बजाय पेट्रोल और डीज़ल पर उत्पाद शुल्क तीन रुपये बढ़ा दिया. इसका सबसे ज़्यादा नुकसान आम लोगों, किसानों और ट्रांसपोर्टर हो होगा. इससे महंगाई बढ़ेगी.

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पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिसंबर में 7.35 फीसदी पर पहुंची खुदरा महंगाई दर

भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार भी दिसंबर 2019 में खुदरा महंगाई की दर सामान्य स्तर को लांघ चुकी है. वहीं, दिसंबर महीने में सब्जियों की कीमतें पिछले साल से औसतन 60.5 फीसदी ऊपर थीं. साल 2014 में खुदरा महंगाई दर 7.39 फीसदी पर चल रही थी.

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खुदरा के बाद थोक महंगाई दर में भी बढ़ोतरी, पिछले साल की तुलना में दोगुने स्तर पर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, थोक मुद्रास्फीति मई में 14 महीने के उच्चतम स्तर 4.43 प्रतिशत पर पहुंच गई है. पिछले साल मई महीने में यह 2.26 प्रतिशत थी.