ईवीएम

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

एससी/एसटी के उप-वर्गीकरण संबंधी 2004 के फैसले पर फ़िर से ग़ौर करने की ज़रूरत: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके 2004 के फैसले पर फ़िर से विचार किए जाने की ज़रूरत है, जिसमें कहा गया था कि शैक्षणिक संस्थानों में नौकरियों और प्रवेश में आरक्षण देने के लिए राज्यों के पास अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों का उप-वर्गीकरण करने की शक्ति नहीं है.

(फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगाल: विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने ईवीएम में गड़बड़ी का लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव में तीन सीटों पर हार के बाद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि ईवीएम के साथ कुछ भी किया जा सकता है. आप मतगणना में सत्ताधारी पार्टी की ओर से गड़बड़ी किए जाने की आशंका को खारिज नहीं कर सकते हैं.

प्रज्ञा सिंह ठाकुर. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: 19 याचिकाओं में ईवीएम पर उठाए गए सवाल, प्रज्ञा ठाकुर की जीत को चुनौती

एक पत्रकार ने भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर पर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने और चुनाव जीतने के लिए भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाकर उनके चयन को चुनौती दी है. 19 में से 17 याचिकाएं कांग्रेस उम्मीदवारों ने दायर की हैं.

फोटो: रॉयटर्स

लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने ईवीएम पर ख़र्च किए क़रीब 4000 करोड़ रुपये

वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में लोकसभा चुनावों के लिए 1000 करोड़ रुपये चिह्नित किए गए हैं. वहीं, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आम चुनाव के ख़र्च पर केंद्र सरकार की ओर से सहायता के लिए 339.54 करोड़ रुपये चिह्नित किए गए हैं.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी. (फोटो: पीटीआई)

चुनाव आयोग को ईवीएम-वीवीपैट के बारे में संदेह दूर करना चाहिए: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी ने कहा कि मतपत्र की ओर वापस लौटने का कोई सवाल नहीं है. ईवीएम प्रणाली समाप्त करने की बजाय, इन मशीनों में सुधार की संभावना तलाशी जानी चाहिए.

(फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स)

पश्चिम बंगाल में एक को छोड़कर वामदलों के सभी उम्मीदवारों की ज़मानत ज़ब्त

चुनाव आयोग के मुताबिक माकपा के जाधवपुर से उम्मीदवार बिकास रंजन भट्टाचार्य ही ज़मानत बचाने लायक वोट हासिल करने में कामयाब रहे. वहीं भाकपा के किसी उम्मीदवार की ज़मानत नहीं बच सकी.

(फोटो: पीटीआई)

उत्तराखंड में लगातार दो लोकसभा चुनाव जीतने वाली पहली पार्टी बनी भाजपा

उत्तराखंड में भाजपा ने 2014 आम चुनावों के अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराते हुए सभी पांच सीटों पर इस बार और अधिक मतों के अंतर से कांग्रेस को मात दे दी.

PTI5_22_2019_000072B

द वायर बुलेटिन: कांग्रेस का 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में नहीं खुला खाता

लोकसभा में पांच फीसदी से कम हुआ मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व, भाजपा से एक भी मुस्लिम सांसद नहीं होने समेत दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरें.

(प्रती​कात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कांग्रेस का 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में नहीं खुला खाता

चुनाव आयोग के मुताबिक कांग्रेस आंध्र प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, मणिपुर, नगालैंड, मिज़ोरम, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, राजस्थान, चंडीगढ़, दादर एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव, लक्षद्वीप में एक भी सीट नहीं जीत पाई है.

Lucknow: Bahujan Samaj Party supremo Mayawati addresses a press conference, in Lucknow, Sunday, Sept 16, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar)

भाजपा के पक्ष में आए अप्रत्याशित चुनावी परिणाम आम जनता के गले नही उतर रहे हैं: मायावती

लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद बसपा सुप्रीमो बोलीं- उत्तर प्रदेश में गठबंधन ने जो सीटें जीती हैं वहां भाजपा ने ईवीएम में गड़बड़ी नहीं कराई ताकि जनता को शक न हो.

(फोटो: पीटीआई)

लोकसभा में पांच फीसदी से कम हुआ मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व, भाजपा से एक भी मुस्लिम सांसद नहीं

लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाली पार्टियों में से भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसकी तरफ से एक भी मुस्लिम सांसद लोकसभा नहीं पहुंचा है. 542 सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 303 सीटों जीत दर्ज की है.

VVPAT-machine-PIB

ईवीएम के मतों से पहले नहीं होगी वीवीपैट पर्चियों की गिनती

चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की ईवीएम के मतों की गिनती से पहले वीवीपैट की पर्चियों को गिनने की मांग को अव्यवहारिक बताते हुए कहा है कि मतगणना पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगी.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा (बीच में) चुनाव आयुक्त अशोक लवासा (बाएं) और चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा. (फोटो: पीटीआई)

लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ा नुकसान चुनाव आयोग की साख को हुआ है

इस लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग में मतदाताओं का भरोसा कम हुआ है. ऐसा होना किसी लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है.

फोटो: पीटीआई

क्या एक्ज़िट पोल पर भरोसा किया जा सकता है?

एक एक्ज़िट पोल में पश्चिम बंगाल में भाजपा को 4 से लेकर 22 सीटों तक का आकलन दिया, जिसमें 5 गुने का फर्क है. तमिलनाडु में एनडीए को 2 से 15 सीटें दी गईं, जिसमें सात गुने का फर्क है. एक चैनल ने पंजाब में भाजपा को उतनी सीटें दीं, जितनी वह लड़ ही नहीं रही. उत्तराखंड में उस आम आदमी पार्टी को भी कुछ प्रतिशत वोट दिला दिए जो वहां चुनाव मैदान में ही नहीं है.