उच्च शिक्षा के संस्थानों में जातिगत भेदभाव

डॉ. पायल तड़वी. (फोटो साभारः फेसबुक)

पायल तड़वी आत्महत्या: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी डॉक्टरों को पढ़ाई पूरी करने की अनुमति दी

डॉ. पायल तड़वी की आत्महत्या मामले में आरोपी तीन डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी पढ़ाई पूरी करने की अनुमति मांगते हुए याचिका दायर की थी. अदालत ने कड़ी शर्तों पर उन्हें इसकी अनुमति दी. इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने उनकी याचिका का विरोध किया था.

डॉ. पायल तड़वी. (फोटो साभारः फेसबुक)

पायल तड़वी आत्महत्या: महाराष्ट्र सरकार ने आरोपियों की पढ़ाई पूरी करने की याचिका का विरोध किया

डॉ. पायल तड़वी की आत्महत्या मामले में आरोपी तीन डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी पढ़ाई पूरी करने की अनुमति मांगते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था. राज्य सरकार ने कहा है कि सुनवाई ख़त्म होने तक उन्हें इसकी इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

रोहित वेमुला, पायल तड़वी की माताओं की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा

2016 में हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोधार्थी रोहित वेमुला और इस साल मई में मुंबई के एक अस्पताल में कार्यरत डॉ. पायल तड़वी ने कथित तौर पर जातिगत भेदभाव के चलते आत्महत्या कर ली थी. दोनों की माताओं ने शीर्ष अदालत से विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में ऐसे भेदभाव को ख़त्म किए जाने का अनुरोध किया है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

संस्थानों में जातिगत भेदभाव के ख़िलाफ़ अदालत पहुंचीं रोहित वेमुला-पायल तड़वी की मांएं

कथित तौर पर जातिगत भेदभाव को ज़िम्मेदार बताते हुए हैदराबाद विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे रोहित वेमुला ने साल 2016 में और इस साल मई में मुंबई के एक अस्पताल में कार्यरत डॉ. पायल तड़वी ने आत्महत्या कर ली थी.

एम्स में जाति एवं भेदभाव पर कार्यक्रम आयोजित करने वाला संगठन एम्स फ्रंट फॉर सोशल कंसियसनेस. (फोटो साभार: ट्विटर)

पायल तड़वी की मौत के बाद एम्स के डॉक्टरों ने की जाति और भेदभाव पर चर्चा

एम्स के प्रोफेसर एलआर मुर्मु ने कहा, पहले कार्यक्रम 13 मई को प्रस्तावित किया गया था और अगर यह उस दिन आयोजित किया जाता तो शायद यह संदेश पायल तक पहुंचता. तब शायद वह अपना फैसला बदल देती.

दिल्ली स्थित एम्स. (फोटो साभार: फेसबुक)

एम्स ने आंबेडकर और भेदभाव पर आयोजित कार्यक्रम पर लगाई शर्तें, डॉक्टरों ने कहा- आदेश मनमाना

डॉक्टरों के एक समूह द्वारा 13 मई को आंबेडकर और उच्च शिक्षा के संस्थानों में जातिगत भेदभाव विषय पर एक चर्चा रखी गई थी, जिसके लिए प्रशासन द्वारा कुछ निर्देश जारी किए गए. इसके बाद डॉक्टरों ने इसे मौलिक अधिकारों पर अंकुश लगाने का प्रयास बताते हुए आयोजन स्थगित कर दिया.