उदारवादी मूल्यों का सफाया

गोविंद पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

देश में ऐसी स्थिति आ गई है कि लोग अपना विचार नहीं रख सकते: हाईकोर्ट

नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पानसरे की हत्या मामले में सुनवाई कर रही अदालत ने कहा, हम सबसे बड़े लोकतंत्र हैं. हम रोजाना ऐसी घटनाओं पर गर्व नहीं कर सकते हैं. यह हमारे के लिए शर्मनाक है.

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सभी विपक्षी और उदारवादी मूल्यों का सफाया एक खतरनाक प्रवृत्ति है: बॉम्बे हाईकोर्ट

गोविंद पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर की हत्या की जांच की निगरानी का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की.