उद्धव ठाकरे

(फोटो साभारः फेसबुक)

महाराष्ट्र: आदिवासी नेताओं ने चिड़ियाघर का नाम बाल ठाकरे के नाम पर रखने पर आपत्ति जताई

महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर के गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर का नाम बदलकर बालासाहेब ठाकरे गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान कर दिया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्क के नाम पर चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. उन्होंने गोंड जनजाति की संस्कृति और इतिहास को चित्रित करते हुए गोंडवाना थीम पार्क की स्थापना की घोषणा की.

महाराष्ट्र का भंडारा जिला अस्पताल (फोटोः एएनआई)

महाराष्ट्रः भंडारा ज़िला अस्पताल में आग लगने से दस नवजातों की मौत, जांच के आदेश

शनिवार तड़के भंडारा ज़िला अस्पताल के सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट में आग लग गई. यहां कुछ दिनों की उम्र से लेकर कुछ महीनों के 17 नवजात बच्चे थे, जिनमें से सात को ही बचाया जा सका. आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है.

(फोटो: पीटीआई)

अर्णब गोस्वामी बनाम अन्य: क्या सुप्रीम कोर्ट की नज़र में सभी नागरिक समान नहीं हैं?

हाल ही में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को ज़मानत देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट एवं ज़िला न्यायालयों को निर्देश दिया कि वे बेल देने पर जोर दें, न कि जेल भेजने में. सवाल ये है कि क्या ख़ुद शीर्ष अदालत हर एक नागरिक पर ये सिद्धांत लागू करता है या फिर रसूख वाले और सत्ता के क़रीबी लोगों को ही इसका लाभ मिल पा रहा है?

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

कोर्ट ने मेट्रो कार शेड को कांजूर मार्ग में बनाने के महाराष्ट्र सरकार के आदेश पर रोक लगाई

महाराष्ट्र सरकार ने बीते एक अक्टूबर को मेट्रो परियोजना के लिए कांजूर मार्ग साल्ट पैन में 102 एकड़ की भूमि आवंटित करने का आदेश दिया था. केंद्र सरकार ने दावा किया है कि यह ज़मीन उसके अधीन आती है. पहले यह कार शेड आरे कॉलोनी में बनाए जाने का प्रस्ताव था, जिसका लोगों ने विरोध किया था.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

न्यायपालिका को अवमानना सुनवाई पर कीमती समय बर्बाद नहीं करना चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस शिंदे ने कहा कि आलोचना के लिए न्यायपालिका को तैयार होना चाहिए, क्योंकि अवमानना की सुनवाइयों में कीमती न्यायिक समय बर्बाद होता है और ज़रूरी मुद्दे नहीं सुने जाते.

अर्णब गोस्वामी (फोटो साभार: ट्विटर)

आत्महत्या मामला: महाराष्ट्र पुलिस ने अर्णब गोस्वामी और दो अन्य के ख़िलाफ़ प्रमुख आरोप हटाए

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में हुए एक इंटीरियर डिज़ाइनर और उनकी मां की आत्महत्या से जुड़े मामले में अलीबाग पुलिस ने बीते नवंबर माह में गिरफ़्तार किया था. इस मामले में अब पुलिस ने 1,914 पेजों की चार्जशीट दाख़िल की है.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

लोकतंत्र में सरकारी कार्यालयों को आलोचना का सामना करना पड़ता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर हम युवाओं को उनके विचार अभिव्यक्त नहीं करने देंगे तो उन्हें कैसे पता चलेगा कि वे जो अभिव्यक्त कर रहे हैं, वह सही है या ग़लत.

शिवसेना की सदस्यता ग्रहण करतीं उर्मिला मातोंडकर (फोटो साभारः ट्विटर)

महाराष्ट्रः कांग्रेस छोड़ने के एक साल बाद अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर शिवसेना में शामिल

उर्मिला मातोंडकर 2019 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुई थीं. उन्होंने मुंबई नॉर्थ से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन भारी मतों से हार गई थीं. इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाकर सितंबर 2019 में पार्टी छोड़ दी थी.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब की अंतरिम ज़मानत अवधि बढ़ाई, कहा बेल याचिकाओं पर विचार करें कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने अर्णब गोस्वामी मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट एवं ज़िला अदालतों को निर्देश दिया है कि लंबित ज़मानत याचिकाओं की समस्या का समाधान करने के लिए तत्काल क़दम उठाएं और इस संबंध में अपने फैसलों में जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार को पर्याप्त महत्व दें.

शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक. (फोटो: फेसबुक/@sarnaikpratap)

अर्णब के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने वाले शिवसेना विधायक के यहां ईडी के छापे

शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों के ख़िलाफ़ टिप्पणी के लिए रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया था. सरनाईक ने अभिनेत्री कंगना रनौत के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई के लिए भी विधानसभा में एक प्रस्ताव लाए जाने की मांग की थी.

दुष्यंत दवे. (फोटो साभार: मंथन संवाद)

वकील दुष्यंत दवे ने पत्र लिखकर पूछा, अर्णब गोस्वामी की याचिका पर तत्काल सुनवाई क्यों?

दुष्यंत दवे के इस पत्र पत्र अर्णब गोस्वामी की पत्नी ने भी पत्र लिखकर आरोप लगाया कि वह उन्हें निशाना बना रहे हैं. उन्होंने पत्रकार विनोद दुआ और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के मामलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये मामले तत्काल सूचीबद्ध किए गए थे, लेकिन दुष्यंत दवे ने इन पर कोई टिप्पणी नहीं की थी.

अर्णब गोस्वामी. (फोटो: पीटीआई)

आत्महत्या के लिए उकसाने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को अंतरिम ज़मानत दी

इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हम व्यक्तिगत आज़ादी को ध्वस्त करने के रास्ते पर हैं. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने दो लोगों की आत्महत्या से जुड़े इस मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को ज़मानत देने से इनकार कर दिया था.

अर्णब गोस्वामी को ले जाते पुलिसकर्मी. (फोटो साभार: रिपब्लिक/वीडियोग्रैब)

अर्णब गोस्वामी को राहत नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- ज़मानत के लिए निचली अदालत में जाएं

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में हुई एक इंटीरियर डिज़ाइनर की आत्महत्या से जुड़े मामले में चार नवंबर को उनके घर से गिरफ़्तार किया गया था, जिसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें और दो अन्य आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

अर्णब गोस्वामी. (फोटो: पीटीआई)

पुलिस से मारपीट के आरोप में अर्णब गोस्वामी, उनकी पत्नी, बेटे और दो अन्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में एक इंटीरियर डिज़ाइनर और उनकी मां की आत्महत्या मामले में बीते चार नवंबर को गिरफ़्तार किया गया था. उन्हें 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

अर्णब गोस्वामी. (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: अर्णब गोस्वामी को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में हुए एक इंटीरियर डिज़ाइनर और उनकी मां की आत्महत्या से जुड़े मामले में अलीबाग पुलिस द्वारा बुधवार सुबह उनके घर से गिरफ़्तार किया गया था. छह घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दो अन्य आरोपियों को भी 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.