एडीआर रिपोर्ट

(फोटो: पीटीआई)

अमीरों-नेताओं के चुनावी बॉन्ड की छपाई और बैंक कमीशन का ख़र्च करदाता उठा रहा: आरटीआई

आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों से पता चलता है कि अब तक क़रीब 19,000 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड की छपाई हो चुकी है. ख़ास बात ये है कि इनकी छपाई, बिक्री और इसे भुनाने में बैंक का जो कमीशन बनता है, इसके ख़र्च की भरपाई केंद्र सरकार कर रही है.

(फोटो: रॉयटर्स)

अब तक 6000 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड बेचे जा चुके हैं: एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने अपने विश्लेषण में बताया है कि 12 चरणों के दौरान बेचे गए 12,313 बॉन्ड्स में से 6524 बॉन्ड्स (45.68 फीसदी) एक करोड़ की कीमत के थे जबकि 4877 बॉन्ड्स (39.61 फीसदी) 10 लाख रुपये की कीमत के थे.

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महिला सुरक्षा के दावों के बीच संसद में दाग़दार नेता

वीडियोः एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की हालिया रिपोर्ट बताती है कि संसद और विधानसभाओं में बैठे हमारे प्रतिनिधियों में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है, जिन पर महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध और बलात्कार के मामले दर्ज हैं. इस बारे में विस्तार से बता रही हैं रीतू तोमर.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi with BJP leaders Amit Shah, Rajnath Singh, Lal Krishna Advani, Arun Jaitley and others during BJP Parliamentary meeting at the party headquarters in New Delhi on Friday. PTI Photo By Manvender Vashist(PTI3_23_2018_000195B)

महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे अधिक मामले भाजपा सांसदों पर दर्ज हैं: एडीआर

एसोसिएशन फोर डेमोक्रेटिक रिफोर्म्स के अनुसार, पिछले पांच सालों में भाजपा ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों से जूझ रहे 66 उम्मीदवारों को लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया. कांग्रेस ने 46 ऐसे उम्मीदवार और बहुजन समाज पार्टी ने 40 ऐसे उम्मीदवार उतारे.

फोटो: पीटीआई

दो सालों में राजनीतिक दलों को मिला 985 करोड़ रुपये चंदा, 915 करोड़ अकेले भाजपा को: रिपोर्ट

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बीते दो वित्त वर्षों में राजनीतिक दलों को कॉरपोरेट से मिलने वाले चंदे में 160 फीसदी का वृद्धि हुई है. साथ ही चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों द्वारा दानकर्ताओं के पैन कार्ड समेत कई अनिवार्य जानकारियां नहीं दी गईं.

Bhubaneswar: Biju Janata Dal (BJD) President Naveen Patnaik takes oath as the Chief Minister of Odisha for a fifth consecutive term at the Idco Exhibition Ground, in Bhubaneswar, Wednesday, May 29, 2019. (PTI Photo) (PTI5_29_2019_000031B)

ओडिशा: नवीन पटनायक ने लगातार पांचवीं बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ उनके 11 विधायकों को कैबिनेट मंत्री एवं नौ को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई. पटनायक ने ओडिशा में लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है.

New Delhi: The statue of Mahatma Gandhi in the backdrop of the Parliament House during the Monsoon Session, in New Delhi on Friday, July 20, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI7_20_2018_000250B)

10 साल में आपराधिक मामलों वाले सांसदों की संख्या में 44 फीसदी की बढ़ोतरी: एडीआर

चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शोध संस्था एडीआर के अनुसार, 17वीं लोकसभा के लिए चुनकर आए 43 फीसदी सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें सबसे अधिक सांंसद भाजपा के हैं. वहीं, पिछले 10 सालों में करोड़पति सांसदों की संख्या में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

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द वायर बुलेटिन: 83 फीसदी लोकसभा सांसद करोड़पति, 33 फीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले

चाय के कपों पर ‘मैं भी चौकीदार’ लिखे होने के कारण रेलवे पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

83 फीसदी लोकसभा सांसद करोड़पति, 33 फीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले: एडीआर रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘जिन 521 मौजूदा सांसदों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया, उनमें 430 (83 प्रतिशत) करोड़पति हैं. उनमें भाजपा से 227, कांग्रेस से 37 और अन्नाद्रमुक से 29 सांसद हैं.’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णनवीस. (फोटो: पीटीआई)

भारत के करीब 35% मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शीर्ष स्थान पर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 22 मामलों के साथ पहले स्थान पर हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक मामले के साथ सबसे कम आपराधिक मामलों वाले मुख्यमंत्री हैं.

(इलस्ट्रेशन: एलिज़ा बख़्त)

सपा और राजद जैसे 15 क्षेत्रीय दलों ने अपनी आॅडिट रिपोर्ट जमा नहीं की: एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) का कहना है, 32 क्षेत्रीय दलों की 221 करोड़ रुपये की आय में से आधी ख़र्च नहीं हुई.

फोटो: पीटीआई

चुनावी ट्रस्टों से मिला 95 प्रतिशत चंदा बीजेपी को: एडीआर

रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान सत्या चुनावी ट्रस्ट की ओर से 47 करोड़ रुपये तो समाज चुनाव ट्रस्ट को 2.52 करोड़ रुपये राजनीतिक दलों को मिले.