एनआईए

Maharashtra ADG Param Bir Singh with Pune's Additional CP Shivaji Bodke (L)Dr.Shivaji Pawar(R) adressed a press conference about the house arrest of rights activists in Bhima Koregaon case, at DGP office, in Mumbai on Friday.(PTI )

आश्चर्य है कि परमबीर सिंह को अब राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

परमबीर सिंह की उनके ख़िलाफ़ चल रही जांच महाराष्ट्र से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने के अनुरोध वाली याचिका सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बहुत ‘आश्चर्य की बात है’ कि राज्य में 30 साल से ज्यादा सेवा देने के बाद मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह अब कह रहे हैं कि उन्हें राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं है.

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भारत सरकार को लिखा, भीमा कोरेगांव मामले के बंदियों को फ़ौरन रिहा करें

शिक्षाविदों, यूरोपीय संघ के सांसदों, नोबेल पुरस्कार विजेताओं और अन्य अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भारतीय जेलों में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की दयनीय स्थिति और उचित मेडिकल देखरेख न होने पर चिंता जताते हुए कहा है कि उन्हें कोरोना वायरस के नए और अधिक घातक स्ट्रेन से संक्रमित होने का गंभीर ख़तरा है.

भीमा कोरेगांव: सुधा भारद्वाज ने डिफॉल्ट ज़मानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख कर कहा है कि निचली अदालत के जज उनके ख़िलाफ़ 2019 की चार्जशीट का संज्ञान लेने के लिए अधिकृत नहीं है.

एलगार परिषद: स्टेन स्वामी और हेनी बाबू के बाद तीन और आरोपी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए

एक जेल अधिकारी ने बताया कि मुंबई की तलोजा केंद्रीय जेल में बंद एल्गार परिषद मामले में आरोपी महेश राउत, सागर गोरखे और रमेस गाइचोर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए. बीते मई महीने में सामाजिक कार्यकर्ता स्टेन स्वामी और दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हनी बाबू संक्रमित पाए गए थे.

स्टेन स्वामी को मानवीय आधार पर रिहा किया जाना चाहिएः जर्मन मानवाधिकार आयुक्त

आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी उन 16 अधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और शिक्षाविदों में से हैं, जिन्हें एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार किया गया. बीते अक्टूबर में हिरासत में लिए गए स्वामी को बीते दिनों हाईकोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां वे कोविड संक्रमित पाए गए.

भीमा कोरेगांव: हाईकोर्ट ने हेनी बाबू को तीन जून तक अस्पताल में रखने की अनु​मति प्रदान की

एलगार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हेनी बाबू को मई में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद सरकारी जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उन्हें मुंबई के जीटी अस्पताल रेफर किया गया था और अब ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

हाईकोर्ट द्वारा अस्पताल में भर्ती करने के आदेश के दो दिन बाद कोरोना संक्रमित हुए स्टेन स्वामी

स्टेन स्वामी उन 16 शिक्षाविदों, वकील और कार्यकर्ताओं में से एक हैं, जिन्हें एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत कठोर यूएपीए क़ानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.

क्या अदालतें ख़ुद को अपनी ही लगाई ग़ैर ज़रूरी बंदिशों से आज़ाद कर पाएंगी

इंसान की आज़ादी सबसे ऊपर है. जो ज़मानत एक टीवी कार्यक्रम करने वाले का अधिकार है, वह अधिकार गौतम नवलखा या फादर स्टेन का क्यों नहीं, यह समझ के बाहर है. अदालत कहेगी हम क्या करें, आरोप यूएपीए क़ानून के तहत हैं. ज़मानत कैसे दें! लेकिन ख़ुद पर यह बंदिश भी खुद सर्वोच्च अदालत ने ही लगाई है.

एल्गार परिषद: बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद स्टेन स्वामी इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती

एनआईए ने पिछले साल अक्टूबर में भीमा कोरेगांव हिंसा-एल्गार परिषद मामले में 84 वर्षीय स्टेन स्वामी को गिरफ़्तार किया था. मामले की पिछली सुनवाई में स्वामी ने सरकारी अस्पताल में भर्ती होने की अदालत की सलाह से इनकार करते हुए कहा था कि वह भर्ती नहीं होना चाहते, उसकी जगह कष्ट सहना पसंद करेंगे और संभवत: स्थितियां जैसी हैं, वैसी रहीं तो जल्द ही मर जाएंगे.

फोन टैपिंग से जुड़े आरटीआई आवेदनों पर गृह मंत्रालय ने सही से निर्णय नहीं लिया: सीआईसी

पारदर्शिता कार्यकर्ता और इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक अपार गुप्ता ने गृह मंत्रालय में छह आरटीआई आवेदन दायर कर फोन टैंपिंग, मॉनीटरिंग, इंटरसेप्शन से संबंधित कई सूचनाएं मांगी थीं. मंत्रालय ने इससे इनकार कर दिया था. मुख्य सूचना आयुक्त वाईके सिन्हा ने मंत्रालय को निर्देश दिया कि वे इससे संबंधित तर्कपूर्ण फैसला लें और 31 जुलाई तक आयोग के सामने रिपोर्ट दायर करें.

एल्गार परिषद: स्टेन स्वामी ने कहा- अस्पताल में भर्ती होने से बेहतर जेल में कष्ट सहेंगे

एनआईए ने पिछले साल अक्टूबर में भीमा कोरेगांव हिंसा-एल्गार परिषद मामले में 84 वर्षीय स्टेन स्वामी को गिरफ़्तार किया था.स्वामी ने सरकारी अस्पताल में भर्ती होने की सलाह से इनकार करते हुए कहा कि वह भर्ती नहीं होना चाहते, उसकी जगह कष्ट सहना पसंद करेंगे और संभवत: स्थितियां जैसी हैं, वैसी रहीं तो जल्द ही मर जाएंगे. उन्होंने कहा कि जो दवाइयां वे दे रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा मजबूत मेरी गिरती हालत है.

जम्मू-कश्मीर: आतंकी मामले में गिरफ़्तार पुलिस अधिकारी को बर्ख़ास्त किया गया

जम्मू कश्मीर पुलिस ने जनवरी 2020 में पुलिस अधिकारी दविंदर सिंह को श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर एक गाड़ी में दो आतंकियों के साथ पकड़ा था. सिंह पर एनआईए ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन को मदद देने का आरोप लगाया है.

झारखंड के कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र सरकार से कहा- स्टेन स्वामी को अस्पताल में शिफ्ट करें

भीमा कोरेगांव हिंसा-एल्गार परिषद मामले में 84 वर्षीय कार्यकर्ता स्टेन स्वामी के ख़िलाफ़ आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत कठोर यूएपीए क़ानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. पिछले साल एनआईए ने उन्हें गिरफ़्तार किया था. पार्किंसन जैसी बीमारी से जूझने के बावजूद उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी गई थी.

एलगार परिषद: सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकर्ता गौतम नवलखा की ज़मानत याचिका ख़रिज की

गौतम नवलखा ने मांग की थी कि चार्जशीट दायर करने की समयमीमा में साल 2018 में उनकी 34 दिनों की ग़ैर क़ानूनी हिरासत को भी शामिल किया जाना चाहिए. हालांकि कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया.

भीमा कोरेगांव: हेनी बाबू को रिहा करने के लिए सांसदों, विधायकों, कार्यकर्ताओं ने लिखा खुला पत्र

केरल के चार सांसदों और दो विधायकों समेत अकादमिक जगत के लोगों तथा कार्यकर्ताओं की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हेनी बाबू को कोरोना वायरस से बचाने के लिए ये क़दम उठाने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि भीमा कोरेगांव मामले में उन्हें ग़लत तरीके से फंसाया गया है.