एनआईए

कवि वरवर राव (फोटो: पीटीआई)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मेडिकल आधार पर वरवरा राव को छह महीने की ज़मानत दी

भीमा कोरेगांव मामले में जून 2018 में गिरफ़्तार किए गए 81 वर्षीय वरवरा राव लंबे समय से बीमार चल रहे हैं. उन्हें मेडिकल आधार पर ज़मानत देते हुए अदालत ने कहा कि ऐसा न करना मानवाधिकार की रक्षा के उसके कर्तव्य और नागरिकों के जीवन व स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार से विमुख होने जैसे होगा.

(फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स)

केरल हाईकोर्ट ने एनआईए की याचिका ख़ारिज की, कहा- सोने की तस्करी यूएपीए के दायरे में नहीं आती

एनआईए ने सोने की तस्करी के एक मामले में यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है. एजेंसी ने हाईकोर्ट में आरोपियों की ज़मानत के ख़िलाफ़ अपील की थी, जिसे ख़ारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि तस्करी से जुड़ा मामला तब तक यूएपीए के तहत आतंकी कृत्य नहीं है, जब तक उससे देश की आर्थिक सुरक्षा को ख़तरा न हो.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एलगार परिषदः बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवलखा की डिफॉल्ट ज़मानत याचिका ख़ारिज की

एनआईए अदालत ने जुलाई 2020 में एलगार परिषद मामले में आरोपी गौतम नवलखा की डिफॉल्ट ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दायर की थी.

फादर स्टेन स्वामी. (फोटो: पीटीआई)

एनआईए ने स्टेन स्वामी की ज़मानत याचिका का विरोध किया, दो संगठनों को माओवादी बताया

विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त 83 वर्ष के फादर स्टेन स्वामी को एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार किया गया था. उनकी ज़मानत का विरोध करते हुए जिस पीसीयूएल को ‘माओवादी’ बताया गया, उसकी स्थापना समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण ने की थी और भाजपा के रविशंकर प्रसाद और अरुण जेटली इससे जुड़े रहे हैं.

वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई )

वरवरा राव को डिमेंशिया की बीमारी नहीं, उनकी ज़मानत याचिका ख़ारिज की जाए: एनआईए

जून 2018 में एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार 82 वर्षीय तेलुगु कवि वरवरा राव इस समय नानावती अस्पताल में भर्ती हैं. मेडिकल आधार पर उन्हें ज़मानत देने की याचिका ख़ारिज करने का अनुरोध करते हुए मामले की जांच कर रहे एनआईए में कहा कि उनकी हालत स्थिर है.

(फोटो साभारः फेसबुक)

महाराष्ट्रः पुणे में एल्गार परिषद के कार्यक्रम का आयोजन 30 जनवरी को होगा

यह कार्यक्रम शुरुआत में 31 दिसंबर 2020 को होना था, लेकिन पुलिस द्वारा मंजूरी नहीं दिए जाने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था. 2017 में भीमा-कोरेगांव युद्ध के 200 साल पूरे होने के मौके पर एल्गार परिषद कार्यक्रम का आयोजन 31 दिसंबर को पुणे के शनिवारवाड़ा में किया गया था. इसके अगले दिन यहां हिंसा भड़क उठी थी.

वरवरा राव.

इज़रायल के कवियों ने की वरवरा राव की रिहाई की मांग, कहा- जेलों को कवियों से नहीं भरा जाना चाहिए

इज़रायल में भारतीय राजदूत को भेजे गए पत्र में वहां के कवियों के एक समूह ने तेलुगु कवि और कार्यकर्ता वरवरा राव की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि राव अपने साहसी शब्दों की वजह से कई बड़े कॉरपोरेट, शक्तिशाली और भ्रष्ट नेताओं के दुश्मन बन गए हैं.

सामाजिक कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज. (फोटो साभार: releasesudhabharadwaj.net)

हज़ारों बेटियों को उजड़ने से बचाने वाली सुधा को बेटी से दूर क़ैद में कैसा लगता होगा…

यूं तो बेटियां मांओं से बहुत जुड़ी होती ही हैं, मगर सुधा भारद्वाज की बेटी होना कोई आसान नहीं. बिना किसी अपराध के ढाई साल से ऊपर हुए मां जेल में है और बाहर मायशा अलग लड़ाई लड़ रही है.

तेलुगू कवि वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई)

एल्गार परिषद: वरवरा राव के वकील ने कहा- जेल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी

तेलुगू कवि एवं कार्यकर्ता वरवरा राव के वकील का कहना है कि राव को किडनी समेत कई बीमारियां हैं. उन्हें एल्गार परिषद मामले में 28 अगस्त 2018 को गिरफ़्तार किया गया था.

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मीडिया बोल: किसान आंदोलन के ख़िलाफ़ क्यों जुटे हैं टीवी चैनल

वीडियो: किसानों और उनके आंदोलन के ख़िलाफ़ सिर्फ सरकारी एजेंसियां ही अभियान नहीं चला रही हैं, टीवी चैनलों के ज़रिये उनकी छवि बिगाड़ने और देश विरोधी बताने के लिए झूठी कहानियां चलाई जा रही हैं. इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह और पंजाब के स्वतंत्र पत्रकार शिव इंदर सिंह से उर्मिलेश की बातचीत.

फादर स्टेन स्वामी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

भारत मानवाधिकारों के समर्थकों को उचित सुरक्षा नही देताः संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि

मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि मैरी लॉलर एक ऑनलाइन कार्यक्रम में एल्गार परिषद मामले में हुई 83 वर्षीय स्टेन स्वामी की गिरफ़्तारी पर चिंता जताते हुए कहा कि देश मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति जवाबदेह है.

कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे बलदेव सिंह सिरसा (पीली पगड़ी में). (फोटो: फेसबुक)

कृषि क़ानून: एनआईए ने प्रदर्शनकारी नेता को समन भेजा, नेता बोले- आंदोलन पटरी से उतारने की साज़िश

कृषि क़ानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे एक संगठन के प्रमुख बलदेव सिंह सिरसा को एनआईए ने प्रतिबंधित सिख्स फॉर जस्टिस के एक नेता के ख़िलाफ़ दर्ज मामले में समन भेजा है. सिरसा ने कहा कि पहले सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के ज़रिये आंदोलन पटरी से उतारने की कोशिश की, अब वह एनआईए का उपयोग कर रही है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एल्गार परिषद: नवलखा, बाबू और भारद्वाज ने कहा, उन्हें भेजी गईं किताबें जेल प्रशासन लौटा दे रहा है

एल्गार परिषद मामले में जेल में बंद कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा, हेनी बाबू और सुधा भारद्वाज ने कहा है कि पिछले कई महीने से परिवार द्वारा भेजी जा रहीं किताबें उन्हें नहीं मिल रही हैं. हालांकि जेल प्रशासन ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

भीमा-कोरेगांव में बना विजय स्तंभ. भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में पेशवा बाजीराव द्वितीय पर ईस्ट इंडिया कंपनी ने जीत दर्ज की थी. इसकी याद में कंपनी ने विजय स्तंभ का निर्माण कराया था, जो दलितों का प्रतीक बन गया. कुछ विचारक और चिंतक इस लड़ाई को पिछड़ी जातियों के उस समय की उच्च जातियों पर जीत के रूप में देखते हैं. हर साल 1 जनवरी को हजारों दलित लोग श्रद्धाजंलि देने यहां आते हैं. (फोटो साभार: विकीपीडिया)

भीमा-कोरेगांव: निषेधाज्ञा लागू, वर्षगांठ पर युद्ध स्मारक के नज़दीक बाहरियों के जाने पर रोक

हर साल एक जनवरी को दलित वर्ष 1818 की जंग की वर्षगांठ मनाते हैं, जिसमें ईस्ट इंडिया कंपनी के जवानों ने दलित सैनिकों के साथ मिलकर पुणे के पेशवा की सेना को पराजित किया था. पुणे के पेरने गांव में भीमा-कोरेगांव की जंग की स्मृति में ‘जय स्तंभ’ बना है, वर्षगांठ पर यहां स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

कबीर कला मंच के कार्यकर्ता सागर गोरखे और रमेस गाइचोर

एनआईए ने कबीर कला मंच के लोगों की गिरफ़्तारी के लिए दिया भाजपा-मोदी पर लिखे पैरोडी गीतों का हवाला

एल्गार परिषद मामले में एनआईए ने इन पैरोडी गीतों के अलावा साल 2011 और 2012 के कुछ साक्ष्यों के आधार पर दावा किया है कि संगठन के कार्यकर्ता फ़रार नक्सली नेता मिलिंद तेलतुम्बड़े के संपर्क में थे.