एनआरसी अपडेट

New Delhi: Former Afghan President Hamid Karzai addresses a session at the Raisina Dialogue 2020, in New Delhi, Thursday, Jan. 16, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)  (PTI1_16_2020_000038B)

नागरिकता संशोधन कानून पर हामिद करजई ने कहा, सभी अफगानी प्रताड़ित हैं

नागरिकता संशोधन कानून के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देने के फैसले के खिलाफ बोलते हुए पूर्व अफगानी राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा कि भारत को सभी अफगानियों के साथ बराबर का व्यवहार करना चाहिए.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना. (फोटो: रॉयटर्स)

भारत को नए नागरिकता कानून की जरूरत नहीं थीः शेख हसीना

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सीएए और एनआरसी पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारत का आंतरिक मामला बताया है. उन्होंने कहा कि भारत से पलटकर कोई प्रवासी नहीं आ रहे लेकिन भारत के अंदर लोग कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

नागरिकता कानून के तहत नागरिकता पाने के लिए धार्मिक उत्पीड़न शर्त नहींः हिमंता बिस्वा शर्मा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में चर्चा के दौरान कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत में आए धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हिंदुओं, जैनों, बौद्धों, पारसियों, सिखों और इसाइयों को नागरिकता दी जाएगी.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम: डिटेंशन सेंटर में रखे गए शख्स की मौत, कुल मृतकों की संख्या 29 पहुंची

इस मौत के साथ ही अब तक असम स्थित डिटेंशन सेंटरों में रखे गए लोगों की होने वाली मौतों की संख्या 29 पहुंच चुकी है. इन डिटेंशन सेंटरों में करीब 1000 लोगों को रखा गया है.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

असम सरकार एनआरसी की अंतिम सूची से बाहर हुए हिंदू बंगालियों की संख्या सार्वजनिक करेगी: हिमंता

गृह मंत्री अमित शाह ने 20 नवंबर को राज्यसभा में कहा था कि असम में एनआरसी अपडेट करने की प्रक्रिया भारत के बाकी हिस्से के साथ नये सिरे से चलाई जाएगी, जिसके बाद असम सरकार में मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्री से एनआरसी के मौजूदा स्वरूप को ख़ारिज करने का अनुरोध किया है.

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

भ्रष्टाचार के आरोप में एनआरसी के पूर्व संयोजक प्रतीक हजेला पर केस दर्ज

गैर सरकारी संस्था असम पब्लिक वर्क्स (एपीडब्ल्यू) ने प्रतीक हजेला पर एनआरसी अपडेट करने की प्रक्रिया में बड़े स्तर पर सरकारी धनराशि के गबन करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है.

हितेश देव शर्मा. (फोटो: फेसबुक)

प्रतीक हजेला के तबादले के बाद हितेश देव शर्मा बने असम के एनआरसी समन्वयक

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम सरकार को निर्देश दिया था कि असम के पूर्व एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को सात दिनों में उनके मूल राज्य मध्य प्रदेश स्थानांतरित कर दिया जाए.

सीजेआई रंजन गोगोई (फाइल फोटो: पीटीआई)

19 लाख बाहर हों या 40 लाख, ये मायने नहीं रखता, एनआरसी भविष्य के लिए एक आधार दस्तावेज: सीजेआई गोगोई

इस बीच उन्होंने एनआरसी का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसे लोगों को जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं है.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

नागरिकता विधेयक आने के बाद ग़ैर-मुस्लिमों को डिटेंशन सेंटर नहीं भेजा जाएगा: हिमंता बिस्वा शर्मा

असम में इस समय छह डिटेंशन केंद्रों में हज़ार से अधिक लोग बंद हैं. राज्य के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक पारित हो जाने के बाद हिंदू, बौद्ध, जैन और ईसाइयों को डिटेंशन सेंटर में नहीं रखा जाएगा.

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

असम एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को मध्य प्रदेश स्थानांतरित करने के लिए केंद्र ने मांगा समय

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और असम सरकार को 18 अक्टूबर को निर्देश दिया था कि असम एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को सात दिनों में उनके मूल राज्य मध्य प्रदेश स्थानांतरित कर दिया जाए.

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक)

एनआरसी का ऑडिट पूरा होने तक प्रतीक हजेला का पासपोर्ट ज़ब्त रखा जाए: एपीडब्ल्यू संगठन

असम पब्लिक वर्क (एपीडब्ल्यू) नामक संगठन के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा ने कहा कि सरकार पर यह पता लगाने की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि एक अधिकारी जिसने 1,600 करोड़ रुपये का सरकारी धन ख़र्च किया हो, वह ख़र्च की विस्तृत रिपोर्ट जमा किए बिना कैसे असम छोड़ सकता है.

Pratik Hajela Photo Northeast today

सुप्रीम कोर्ट ने दिए एनआरसी समन्‍वयक प्रतीक हजेला के तत्काल तबादले के आदेश

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ द्वारा जारी आदेश में तत्काल प्रभाव से प्रतीक हजेला का तबादला मध्य प्रदेश करने को कहा गया है, लेकिन इसकी वजह नहीं बताई गई है.

Guwahati: Members of Assam Public Works (APW) sit in protest after declaration of final draft of National Register of Citizens (NRC), in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019,. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000121B)

नॉर्थ ईस्ट डायरी: एनआरसी की सूची से क्यों नाख़ुश हैं मूल याचिकाकर्ता

असम से विदेशियों को निकालने के लिए 2009 में असम पब्लिक वर्क्स (एपीडब्ल्यू) नाम के गैर-सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. 31 अगस्त को आई एनआरसी की अंतिम सूची से संगठन असंतुष्ट है और इसके 100 फीसदी रीवेरीफिकेशन की मांग कर रहा है. एपीडब्ल्यू के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

Guwahati: Hindu Yuba Chatra Parisad members protest against the release of NRC final draft, in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019. More than 19 lakh people have been left out and over 3.11 crore included in the final NRC list in Assam. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000062B)

सुनिश्चित करें कि असम में एनआरसी से लोग राज्यविहीन न हों: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बैचलेट ने भारत सरकार से अपील की कि सूची में शामिल नहीं किए गए लोगों की अपील के लिए वाजिब प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए. लोगों को निर्वासित नहीं किया जाए या हिरासत में नहीं लिया जाए.

फोटो: रॉयटर्स/nrcassam.nic.in

एनआरसी मामले पर पूर्व जजों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के समूह ने सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की

पीपुल्स ट्रिब्यूनल की जूरी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर चलाए गए अभियान के बावजूद न्यायपालिका की समय सीमा तय करने की जिद ने प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों पर दबाव बढ़ा दिया.

Baska: Villagers of Gorbheter and Bherveri, whose names are missing in the final list of National Register of Citizenship (NRC), stage a protest over non-inclusion of their names, at Gorbeter in Baska district of Assam, Monday, September 2, 2019. (PTI Photo) (PTI9_2_2019_000101B)

‘दस्तावेज़ होते हुए भी हमें एनआरसी में शामिल नहीं किया गया’

वीडियो: असम में जारी हुई एनआरसी के विरोध में नई दिल्ली के जंतर मंतर पर ऑल बंगाली यूथ एंड स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के बैनर तले विभिन्न बंगाली हिंदू संगठनों का प्रदर्शन.

Morigaon: People stand in a queue to check their names on the final list of the National Register of Citizens (NRC) outside a Gaon Panchayat office in Pavakati village, Morigoan, Saturday, Aug 31, 2019. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000075B)

असम में एनआरसी से बाहर हुए लोगों का क्या भविष्य है?

बीते शनिवार को जारी हुई एनआरसी की सूची में 19 लाख लोगों का नाम शामिल नहीं है. जहां सभी राजनीतिक दलों द्वारा एनआरसी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए वास्तविक नागरिकों की मदद करने की बात कही जा रही है, वहीं भविष्य को लेकर सूची से बाहर रहे आम लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. असम से लौटी द वायर की डिप्टी एडिटर संगीता बरुआ पिशारोती से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

Morigaon: People stand in a queue to check their names on the final list of the National Register of Citizens (NRC) outside a Gaon Panchayat office in Pavakati village, Morigoan, Saturday, Aug 31, 2019. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000075B)

एनआरसी की अंतिम सूची में शामिल न होने वाले लोग ‘राष्ट्र विहीन’ नहीं: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने कहा कि एनआरसी की अंतिम सूची क़ानूनी रूप से किसी व्यक्ति को विदेशी नहीं बनाती. क़ानून के तहत उपलब्ध सभी विकल्पों का इस्तेमाल कर लेने तक उन्हें पहले की तरह ही सभी अधिकार मिलते रहेंगे.

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यूएन शरणार्थी प्रमुख की अपील, एनआरसी जारी होने के बाद कोई भी व्यक्ति राष्ट्रविहीन न हो

असम एनआरसी में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है.

Guwahati: An official checks the documents submitted by people at an National Register of Citizens (NRC) Seva Kendra in Guwahati, Friday, Aug 30, 2019. The NRC with the final list of citizens will be published tomorrow on August 31, 2019. Chief Minister of Assam Sarbananda Sonowal has asked people not to panic, and has directed all Government agencies of Assam to cooperate with people. (PTI Photo)(PTI8_30_2019_000055B)

असम: महिला ने एनआरसी में नाम न होने की अफवाह के बाद की आत्महत्या

महिला के परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि सोनितपुर के दुलाबाड़ी इलाके की रहने वाली सायरा बेगम ने एनआरसी में अपना नाम ना होने की खबर सुनने के बाद कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली.

Guwahati: Members of Assam Public Works (APW) sit in protest after declaration of final draft of National Register of Citizens (NRC), in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019,. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000121B)

असम: ‘दोषपूर्ण’ एनआरसी से मूल याचिकाकर्ता नाराज़, उठाए सॉफ्टवेयर पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट में एनआरसी अपडेट को लेकर मूल याचिका दायर करने वाले असम पब्लिक वर्क्स के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा ने कहा कि इस एनआरसी से तय हो गया है कि असम में अवैध प्रवासियों का मुद्दे कभी हल नहीं होगा. इतने खर्च के बावजूद प्रशासन त्रुटिहीन एनआरसी नहीं निकाल सका, असम के लोग आज ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

तरुण गोगोई (फोटो: पीटीआई)

एनआरसी से असम का हर वर्ग नाराज़, वास्तविक नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हो: कांग्रेस

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने भाजपा नेताओं के एनआरसी सवाल उठाने पर कहा कि अगर भाजपा दुखी है, तो यह किसकी ज़िम्मेदारी है? यह सूची राज्य की भाजपा सरकार द्वारा ही तैयार करवाई गई है.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

एनआरसी पर भाजपा ने उठाया सवाल, कहा- एनआरसी अपडेट पर भरोसा नहीं

असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने शनिवार को जारी हुई एनआरसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1971 से पहले आए कई लोगों के नाम इसमें नहीं जुड़े हैं. सुप्रीम कोर्ट को सीमावर्ती जिलों में कम से कम 20 प्रतिशत और शेष असम में 10 प्रतिशत रीवेरिफिकेशन की अनुमति देनी चाहिए.

फोटो: रॉयटर्स/nrcassam.nic.in

असम: एनआरसी की अंतिम सूची से नाराज़ ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन जाएगा सुप्रीम कोर्ट

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन का कहना है कि एनआरसी अपूर्ण है. अपडेट प्रक्रिया में कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए शीर्ष न्यायालय से अपील करेंगे. एनआरसी अपडेट को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले असम पब्लिक वर्क्स एनआरसी से निकाले गए नामों को लेकर नाखुशी जाहिर की है.

असम के बारपेटा इलाके में एनआरसी की अंतिम सूची में अपना नाम देखने के लिए एक एनआरएस सेवा केंद्र के बाहर लाइन में लगे लोग. (फोटो: एएनआई)

असम: एनआरसी की अंतिम सूची जारी, 19 लाख से अधिक लोग बाहर

असम में भारतीयों की पहचान करने के लिए शनिवार को एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी गई. 3.3 करोड़ आवेदकों में से 19 लाख से अधिक लोग अंतिम सूची में से बाहर कर दिए गए हैं.

Data entry operators of National Register of Citizens (NRC) carry out correction of names and spellings at an NRC Seva Kendra at Birubari in Guwahati. PTI Photo

क्या है असम में एनआरसी की कहानी

असम में एनआरसी का प्रकाशन बीते कुछ समय से राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है. एक बड़ा तबका इसके लिए राज्य की भाजपा सरकार को ज़िम्मेदार मानता है, लेकिन यह सच नहीं है.

NRC Assam PTI

जानिए क्या है एनआरसी और उसके पीछे की कहानी

वीडियो: असम में चल रही एनआरसी के कारण भले ही इसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है, लेकिन इसकी जड़ें बेहद पुरानी हैं. एनआरसी से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में बता रही हैं मीनाक्षी तिवारी.

BJP national president Amit Shah with the party’s Assam president Sarbananda Sonowal during a party workers conference in Dibrugarh, Assam on Friday. Credit: PTI

असम: एनआरसी को लेकर भाजपा के सुर क्यों बदल गए हैं?

विशेष रिपोर्ट: एनआरसी का पहला मसौदा जारी होने के बाद से अमित शाह समेत कई भाजपा नेता ‘घुसपैठियों’ को निकालने के लिए पूरे देश में एनआरसी लाने की पैरवी कर रहे थे. अब असम में एनआरसी के प्रकाशन से पहले भाजपा ने इसके ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम: बीते तीन सालों में डिटेंशन सेंटर में विदेशी घोषित किए गए 24 लोगों की मौत

असम के संसदीय कार्य मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने विधानसभा में बताया कि इस साल अब तक डिटेंशन सेंटरों में विदेशी घोषित किए गए सात लोगों की जान जा चुकी है.

Mangaldoi Assam

असम: एनआरसी में नाम न होने पर सेवानिवृत्त शिक्षक ने की आत्महत्या

मंगलदोई ज़िले के 74 वर्षीय अध्यापक निरोद कुमार दास ने सुसाइड नोट में लिखा कि विदेशी के तौर पहचाने जाने के अपमान से बचने के लिए वे जान दे रहे हैं. 30 जुलाई को एनआरसी मसौदे के प्रकाशन के बाद राज्य में आत्महत्या की यह तीसरी घटना है.

Nagaon: People wait to check their names on the final draft of the state's National Register of Citizens after it was released, at an NRC Seva Kendra in Nagaon on Monday, July 30, 2018. (PTI Photo) (PTI7_30_2018_000127B)

एनआरसी की जड़ें असम के इतिहास से जुड़ी हुई हैं

असम देश का इकलौता राज्य है, जहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी बनाया जा रहा है. एनआरसी क्या है? असम में ही इसे क्यों लागू किया गया है और इसे लेकर विवाद क्यों है?

पिछले साल दो अलग-अलग मामलों में त्रिपुरा के पत्रकार सुदीप दत्ता (बाएं)और शांतनु भौमिक (दाएं) की हत्या कर दी गई थी. (फोटो साभार: फेसबुक)

नॉर्थ ईस्ट डायरी: त्रिपुरा पत्रकार हत्याकांड में भाजपा की सहयोगी आईपीएफटी के 3 नेताओं पर मामला दर्ज

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम, मणिपुर और मेघालय के प्रमुख समाचार.