एनएचआरसी

बेनिक्स और पी. जयराज. (फोटो: पीटीआई)

तमिलनाडु: हिरासत में पिता-पुत्र की मौत मामले में तीन और पुलिसकर्मी गिरफ़्तार

तमिलनाडु के तुथुकुडी ज़िले के सथकुलम क़स्बे में पी. जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को लॉकडाउन में समय से देर तक अपनी मोबाइल की दुकान खोलने के लिए बीते 19 जून को पुलिस ने हिरासत में लिया था. दो दिन बाद एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. इस मामले में छह पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज किया गया है.

बेनिक्स और पी. जयराज. (फोटो: पीटीआई)

तमिलनाडु: हिरासत में पिता-पुत्र की मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज

तमिलनाडु के तुथुकुडी ज़िले के सथकुलम क़स्बे में पी. जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को लॉकडाउन में समय से देर तक अपनी मोबाइल की दुकान खोलने के लिए बीते 19 जून को पुलिस ने हिरासत में लिया था. दो दिन बाद एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. मामले की जांच सीबी-सीआईडी को सौंप दी गई है.

मद्रास हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक/@Chennaiungalkaiyil)

तमिलनाडु: हिरासत में मौत की जांच कर रही टीम को धमकाने का आरोप, राजस्व विभाग को सौंपा गया थाना

तुथुकुडी ज़िले में कथित तौर पर हिरासत में हुई पिता-पुत्र की मौत की जांच कर रही न्यायिक टीम की शिकायत पर मद्रास हाईकोर्ट ने तीन पुलिसकर्मियों पर अवमानना की कार्रवाई शुरू की है. साथ ही सथनकुलम पुलिस स्टेशन का नियंत्रण राजस्व अधिकारियों को सौंपने का आदेश दिया है.

जयराज (बाएं) और बेनिक्स. (फोटो साभार: ट्विटर)

तमिलनाडु: पिता-पुत्र की हत्या के आरोपी पुलिसकर्मियों पर कई अन्य को प्रताड़ित करने के आरोप

तुथुकुडी जिला जज की न्यायिक रिपोर्ट में पाया गया कि पिता-पुत्र जयराज और बेनिक्स की हत्या के आरोपी अधिकारियों द्वारा कुछ समय पहले सथनकुलम पुलिस स्टेशन में एक नाबालिग सहित आठ लोगों को प्रताड़ित किया गया था.

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जामिया में पुलिस हिंसा: एनएचआरसी ने छात्रों को ही बताया दोषी

वीडियो: पुलिस द्वारा जामिया मिलिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में घुसकर विद्यार्थियों पर कार्रवाई करने की ख़बर के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्ख़ियों में आने के सात महीने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने जामिया के छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता पर अपनी रिपोर्ट जारी की है.

घटना के बाद जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी लाइब्रेरी में बैठे छात्रों को लाठी से मारते दिख रहे थे. (साभार: ट्विटर/वीडियोग्रैब)

जामिया हिंसा: एनएचआरसी ने परिसर में पुलिसिया कार्रवाई के लिए छात्रों को ही ज़िम्मेदार ठहराया

15 दिसंबर 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों को बर्बरता से पीटने की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इससे पहले विद्यार्थियों का सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन एक ‘ग़ैर क़ानूनी जमावड़ा’ था, जिसने पुलिसिया कार्रवाई को दावत दी.

शुभम मणि त्रिपाठी. (फोटो: फेसबुक)

पत्रकार की हत्या मामले में प्रेस काउंसिल ने यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी, एनएचआरसी ने भेजा नोटिस

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में 19 जून को एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के पीछे क्षेत्र में सक्रिय रेत और भू माफिया का हाथ बताया जा रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो साभार: Flickr/CC BY NC ND 2.0)

तमिलनाडुः पुलिस हिरासत में पिता-पुत्र की मौत की जांच की मांग, यौन प्रताड़ना के आरोप

19 जून को तुथुकुडी में लॉकडाउन के दौरान तय समय के बाद दुकान खोलने पर पिता और पुत्र को गिरफ़्तार किया गया था, इसके चार दिन बाद अस्पताल में दोनों की मौत हो गई थी. परिजनों ने हिरासत में बर्बरता और यौन प्रताड़ना होने के आरोप लगाए हैं.

(फोटो साभार: ट्विटर)

कानपुर: आश्रयगृह में कोविड संक्रमण मामले में यूपी सरकार को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

कानपुर के सरकारी आश्रयगृह में 57 नाबालिग लड़कियां कोरोना संक्रमित पाई गई हैं, जिनमें पांच गर्भवती और एक एचआईवी पॉजिटिव हैं. एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर लड़कियों की स्वास्थ्य स्थिति, उपचार और परामर्श को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.

फोटो: पीटीआई

दिल्ली: कोविड-19 संबंधी अव्यवस्थाओं पर एनएचआरसी ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस भेजा

दिल्ली में कोविड मरीज़ों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने की कांग्रेस नेता अजय माकन की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एनएचआरसी ने कहा है कि वह समझते हैं कि यह मरीज़ों-डॉक्टरों, सरकारी एजेंसियों आदि सभी के लिए अप्रत्याशित स्थिति है, लेकिन हरसंभव प्रयास किए बिना नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता.

Prayagraj: Suspected COVID-19 patients board an ambulance from Telierganj area, during the nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, in Prayagraj, Friday, April 24, 2020. (PTI Photo)(PTI24-04-2020_000138B)

यूपी: गर्भवती महिला की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट पेश, सात अस्पतालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

बीते पांच जून को नोएडा के कम से कम आठ अस्पतालों ने कोरोना संक्रमित होने के संदेह में आठ माह की एक गर्भवती महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया था. करीब 13 घंटे तक परिवार द्वारा कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद महिला ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: दो गर्भवती महिलाओं को इलाज न मिलने पर मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस भेजा

नोएडा में बीते दिनों नौ महीने की गर्भवती महिला के इलाज के लिए परिवार वाले 13 घंटे तक अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, पर इलाज न मिलने पर एंबुलेंस में ही महिला की मौत हो गई. एक अन्य मामले में गर्भवती महिला ने समय पर इलाज न मिलने पर अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर मृत बच्चे को जन्म दिया था.

(फोटो: पीटीआई)

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मज़दूरों की मुश्किलों को लेकर गृह सचिव और रेलवे को एनएचआरसी का नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि राज्य ट्रेनों में सवार ग़रीब मज़दूरों के जीवन की रक्षा करने में विफल रहे हैं. आयोग ने केंद्रीय गृह सचिव, रेलवे और गुजरात और बिहार की सरकारों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में विस्तृत जवाब देने को कहा है.

The Members, Lokpal in a group photograph with the Chairperson, Lokpal, Shri Justice P.C. Ghose, after the Swearing-in-Ceremony, in New Delhi on March 27, 2019.

लोकपाल: एक साल बाद नियम जारी, पीएम के खिलाफ मिली शिकायत पर सुनवाई करेगी पूरी बेंच

अगर प्रधानमंत्री के खिलाफ शिकायत को खारिज किया जाता है तो इसका कोई कारण नहीं बताया जाएगा. वहीं केंद्रीय मंत्री या संसद के सदस्यों के खिलाफ मामला है तो इस संबंध में लोकपाल के कम से कम तीन सदस्यों की पीठ फैसला लेगी.

Aligarh: Police personnel deployed on the campus of Aligarh Muslim University in the view of protests after some students were booked on alleged sedition charges, in Aligarh, Friday, Feb 15, 2019. (PTI Photo) (PTI2_15_2019_000168B)

एएमयू हिंसा: पुलिस पर कार्रवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्देश, छह छात्रों को मुआवजा

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये आदेश दिया. पिछले महीने हाईकोर्ट ने पुलिस हिंसा के आरोपों की जांच के लिए एनएचआरसी को निर्देश दिया था और कहा था कि पांच हफ्ते में वे जांच पूरी करें.