एनएसए

इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर. (फोटो: पीटीआई)

यूपी रासुका दुरुपयोग: उचित प्रकिया के अभाव का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने रद्द किए सभी सांप्रदायिक मामले

यूपी सरकार द्वारा बीते तीन सालों में दर्ज राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के 120 मामलों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है, जिसमें आधे से अधिक गोहत्या और सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े थे. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कोर्ट ने सांप्रदायिक घटनाओं से जुड़ी सभी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं को सुनते हुए एनएसए के आदेश को रद्द कर दिया.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर)

यूपी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनएसए के दुरुपयोग का हवाला देते हुए 120 में 94 आदेशों को रद्द किया

पुलिस और अदालत के रिकॉर्ड्स दिखाते हैं कि एनएसए लगाने के मामलों में एक ढर्रे का पालन किया जा रहा था, जिसमें पुलिस द्वारा अलग-अलग एफ़आईआर में महत्वपूर्ण जानकारियां कट-पेस्ट करना, मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित डिटेंशन ऑर्डर में विवेक का इस्तेमाल न करना, आरोपी को निर्धारित प्रक्रिया मुहैया कराने से इनकार करना और ज़मानत से रोकने के लिए क़ानून का लगातार ग़लत इस्तेमाल शामिल है.

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला. (फोटो: पीटीआई)

‘लव जिहाद’ शब्दावली से असहमत, अंतरधार्मिक विवाह से कोई समस्या नहीं: दुष्यंत चौटाला

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की यह टिप्पणी 5 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार के ‘लव जिहाद’ पर विधेयक तैयार करने की पृष्ठभूमि में आई है.

डॉ. कफील. (फोटो साभार: फेसबुक/drkafeelkhanofficial)

उत्तर प्रदेशः गोरखपुर के हिस्ट्रीशीटर्स की सूची में शामिल किया गया डॉ. कफ़ील ख़ान का नाम

डॉ. कफ़ील ख़ान उन 81 लोगों में हैं, जिन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर गोरखपुर ज़िले के हिस्ट्रीशीटर्स की सूची में शामिल किया गया है. डॉ. ख़ान के भाई ने बताया कि उनका नाम इस सूची में जून 2020 में डाला गया था, लेकिन मीडिया से यह जानकारी अब साझा की गई.

इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर. (फोटो: पीटीआई)

हिरासत आदेश खारिज कर हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा, एनएसए का सावधानी से प्रयोग करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनएसए से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जहां क़ानून ने सत्ता को अत्यधिक शक्ति प्रदान की है कि वे किसी भी व्यक्ति को सामान्य क़ानून के तहत मिले संरक्षण और कोर्ट के ट्रायल के बिना गिरफ़्तार कर सकते हैं, ऐसे क़ानून को इस्तेमाल करते वक़्त बेहद सावधानी बरती जानी चाहिए.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत पहला केस पुलिस के दबाव में दर्ज होने का आरोप

उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले में नए धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत एक मुस्लिम युवक के ख़िलाफ़ 28 नवंबर को पहला मामला दर्ज कराया गया था. लड़की के परिवार पर दबाव डालकर केस दर्ज कराने के आरोप से पुलिस ने इनकार किया है.

(फोटो साभार: इंडिया रेल इंफो)

त्रिपुरा: यूपी की तरह ‘लव जिहाद’ कानून की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया

त्रिपुरा के गोमती ज़िले के उदयपुर में हिंदू जागरण मंच के सदस्यों ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-8 को जाम कर दिया था. संगठन का कहना है कि पुलिस और प्रशासन जबरन धर्म ​परिवर्तन के ख़तरे को रोकने में विफल रहे हैं और अब केवल क़ानून ही आवश्यक सुरक्षा उपाय प्रदान कर सकता है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: लव जिहाद के ख़िलाफ़ अध्यादेश को राज्यपाल ने दी मंज़ूरी

इस अध्यादेश में विवाह के लिए छल-कपट, प्रलोभन देने या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष कारावास और 50 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा का प्रावधान किया गया है. मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश दूसरा भाजपा शासित राज्य है, जहां इस संबंध में क़ानून बनाया गया है.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

उत्तर प्रदेशः योगी सरकार लव जिहाद के ख़िलाफ़ अध्यादेश लाई, 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020’ को मंज़ूरी दी गई. मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश दूसरा ऐसा राज्य है, जहां लव जिहाद को लेकर इस तरह का क़ानून लाया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

लव जिहाद मामले में यूपी पुलिस ने सौंपी रिपोर्ट, कहा- किसी साज़िश या विदेशी फंडिंग के सबूत नहीं

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में कुछ दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया था कि मुस्लिम युवा धर्म परिवर्तन के लिए हिंदू लड़कियों से शादी से कर रहे हैं. इसके लिए उन्हें विदेश से फंड मिल रहा है और लड़कियों से उन्होंने अपनी पहचान छिपा रखी है. इसकी जांच के लिए कानपुर रेंज के आईजी ने एसआईटी का गठन किया था.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

‘लव जिहाद’ पर घमासान: भाजपा की क़ानून लाने की तैयारी, विपक्ष ने कहा- व्यक्तिगत आज़ादी का मामला

जहां एक तरफ कई भाजपा शासित राज्यों की सरकारें ‘लव जिहाद’ के ख़िलाफ़ अध्यादेश लाने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं, वहीं विपक्ष ने सरकारों के इस तरह का क़ानून बनाने को व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दख़ल और देश में सांप्रदायिक खाई गहरी करने का प्रयास क़रार दिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

क्या ‘लव जिहाद’ पर क़ानून लाने के बहाने मुसलमानों के सामाजिक बहिष्कार की साज़िश हो रही है

जब ख़ुद केंद्र सरकार मान चुकी है कि लव जिहाद नाम की कोई चीज़ है ही नहीं, तो फिर कुछ राज्य सरकारों को उस पर क़ानून लाने की क्यों सूझी?

जौनपुर में चुनावी सभा को संबोधित करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटोः पीटीआई)

योगी आदित्यनाथ ने फिर छेड़ा लव जिहाद का राग, दिया ‘राम नाम सत्य’ का अल्टीमेटम

ऐसा कोई क़ानून नहीं है, जिसके तहत किसी व्यक्ति द्वारा पहचान छिपाकर किसी महिला से शादी करने के लिए उसे मौत की सज़ा सुनाई जा सके, इसलिए अंतिम संस्कार से जुड़ा मुख्यमंत्री का संदर्भ भीड़ हिंसा के लिए धर्म के ठेकेदारों को प्रोत्साहित करने के समान है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेशः गोहत्या के आरोप में गिरफ़्तार किए गए 11 लोगों के ख़िलाफ़ एनएसए लगाया

उत्तर प्रदेश की बदायूं पुलिस ने आठ अक्टूबर को गोहत्या के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही घटनास्थल से 200 किलोग्राम मीट, पशुओं की खाल, पशुओं के अंग और गायों को काटने के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले हथियार बरामद किए थे.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

साल 2019 में बढ़े राजद्रोह के मामले, दोषसिद्धि न्यूनतम रही: एनसीआरबी

साल 2019 में राजद्रोह के 93 मामले दर्ज किए गए थे, जो इससे पहले के सालों के मुक़ाबले अधिक हैं, हालांकि केवल तीन फीसदी राजद्रोह मामलों में ही आरोपों को साबित किया जा सका.