एनडीए सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (रॉयटर्स)

आचार संहिता लागू होने से एक दिन पहले भाजपा को दिल्ली में मिली दो एकड़ ज़मीन

लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से ठीक पहले केंद्र सरकार ने भाजपा को इसके मुख्यालय के लिए अतिरिक्त 2 एकड़ ज़मीन देने के तीन साल पुराने प्रस्ताव को मंज़ूरी दी.

New Delhi: National Security Adviser (NSA) Ajit Doval gestures as he addresses at a book release function on 'Sardar Patel', in New Delhi on Tuesday, Sept4, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_4_2018_000122B)

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मसूद अज़हर को दी थी क्लीनचिट: कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ‘विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन’ की वेबसाइट पर प्रकाशित अजीत डोभाल के इंटरव्यू का स्क्रीनशॉट साझा किया. इसमें डोभाल कह रहे हैं कि मसूद अज़हर को आईईडी बम बनाना नहीं आता था, निशाना लगाना नहीं आता था और उसके रिहा होने के बाद जम्मू कश्मीर के पर्यटन में 200 फीसदी की वृद्धि हो गई.

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मोदी सरकार में बदहाल हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था, यूपीए से भी ख़राब हाल

यूपीए सरकार की तुलना में बीते पांच वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी दर में वृद्धि बहुत कम रही है और यह सिर्फ कृषि क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है.

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आम चुनावों में पहली बार कश्मीर मुद्दे का पूरी तरह राजनीतिकरण होगा

पुलवामा हमले के बाद हालात ऐसे हैं कि भाजपा इसका राजनीतिक लाभ लेने के लोभ से बच ही नहीं सकती. नरेंद्र मोदी के लिए इससे बेहतर और क्या होगा कि नौकरियों की कमी और कृषि संकट से ध्यान हटाकर चुनावी बहस इस बात पर ले आएं कि देश की रक्षा के लिए सर्वाधिक योग्य कौन है?

New Delhi: Congress leader Bhupesh Baghel, one of the front runners for Chhattisgarh Chief Minister's post, leaves from the residence of party President Rahul Gandhi, in New Delhi, Saturday, Dec 15, 2018. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI12_15_2018_000027B)

छत्तीसगढ़ में सीबीआई इजाज़त के बिना नहीं कर सकेगी जांच, सरकार ने सहमति ख़त्म की

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कि एनडीए सरकार के तहत सीबीआई की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हुआ और इसलिए वे सीबीआई को बिना अनुमति के काम करने की इजाज़त नहीं दे सकते.

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ग्राउंड रिपोर्ट: क्या बक्सर में दो बच्चों की मौत ‘भूख’ से हुई है?

बिहार के बक्सर ज़िले के कोरानसराय गांव में धना देवी के दो बच्चों गोविंदा और एतवरिया की पिछले दिनों मौत हो गई. धना देवी का कहना है कि दोनों की मौत भूख के कारण हुई है, लेकिन प्रशासन इस दावे को खारिज करते हुए कह रहा है कि भूख नहीं बीमारी के कारण वे मरे हैं.

Stockholm: Prime Minister Narendra Modi addresses the Indian Community in Stockholm, Sweden on Tuesday. PTI Photo / PIB(PTI4_18_2018_000045B)

मोदी सरकार: तिलिस्म टूटने और मायाजाल बिखरने के चार साल

देश को बदलते-बदलते प्रधानमंत्री ख़ुद बदलकर मौनमोदी हो गए हैं. कथित गोरक्षक किसी को मार डालें, कोई बच्ची बलात्कारियों की वहशत का शिकार हो जाए या डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी रिकॉर्ड तोड़ दे, वे अपना मौन तभी तोड़ते हैं, जब उन्हें अपने मन की बात कहनी होती है.

Patna:  NDA supporter  milk bath a photo of PM Narendra Modi as they celebrate the 4th anniversary of the Narendra Modi-led BJP government, in Patna on Saturday

मोदी सरकार के चार साल: झूठ और धर्मांधता की संस्कृति फैलाने के लिए सरकार जश्न मना सकती है

हर सरकार के दौर में एक राजनीतिक संस्कृति पनपती है. मोदी सरकार के दौर में झूठ नई सरकारी संस्कृति है. जब प्रधानमंत्री ही झूठ बोलते हैं तो दूसरे की क्या कहें. दूसरी संस्कृति है धर्मांधता की.

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अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में मोदी सरकार ने जो ड्रामा रचा वो लोकतंत्र के लिए घातक है

अगर लोकसभाध्यक्ष या पीठासीन अधिकारी किसी बहाने ऐसे वाजिब अविश्वास प्रस्ताव पर अमल करने से इनकार कर दे तो फिर संसदीय लोकतंत्र पर टिकी हमारी व्यवस्था पर कौन भरोसा करेगा?

फोटो: रॉयटर्स

भाजपा गठबंधन के रहते नीतीश कुमार को दुश्मनों की ज़रूरत नहीं है

नीतीश कुमार ने समझने में भूल कर दी कि इस बार उनका सामना पहले की तुलना में शक्तिशाली भाजपा से हुआ है. भाजपा बिहार के हालात का भरपूर फ़ायदा उठा रही है और नीतीश महज़ एक तमाशबीन बनकर रह गए हैं.

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टीडीपी ने छोड़ा एनडीए का साथ, केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ लाएगी अविश्वास प्रस्ताव

भाजपा की मुश्किलें बढ़ीं. कांग्रेस, एआईएडीएमके, टीएमसी, एनसीपी और सीपीएम ने टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन देने का ऐलान किया.

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क्या मोदी सरकार का ‘इंडिया शाइनिंग’ पल आ चुका है?

1999 में एनडीए-1 ने 8% जीडीपी वृद्धि दर के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी, लेकिन बाद के तीन वित्तीय वर्षों के बीच जीडीपी वृद्धि दर में तेज़ गिरावट देखी गई. यही कहानी एनडीए-2 में भी दोहराई जा रही है.