एनपीआर डेटाबेस

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. (फोटो: ट्विटर)

झारखंड ने एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, एनपीआर को 2010 की तरह लागू करने की मांग

इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद राज्य की विधानसभा को कोरोना वायरस के मद्देनजर अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दिया गया है.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली सरकार ने एनपीआर के ख़िलाफ़ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया

आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि अगर एनपीआर लागू हो गया तो देश की एक बड़ी आबादी इससे प्रभावित होगी.

राज्यसभा में सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव रखा. (फोटो: आरएसटीवी/पीटीआई)

एनपीआर में कोई दस्तावेज़ नहीं मांगा जाएगा, किसी को ‘संदिग्ध’ नहीं माना जाएगा: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सभा में कहा, ‘एनपीआर के लिए कोई दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे. अगर किसी के पास कोई जानकारी नहीं है तो उसे साझा करने की जरूरत नहीं है.’

NPR Files

एक्सक्लूसिव: एनपीआर पर जनता को गुमराह करती मोदी सरकार

वीडियो: द वायर द्वारा प्राप्त किए गए आधिकारिक दस्तावेज़ों से खुलासा होता है कि किस तरह केंद्र की मोदी सरकार काफी पहले से एनपीआर में आधार को ‘अनिवार्य’ करने का न सिर्फ़ मन बना चुकी थी, बल्कि करीब 60 करोड़ आधार नंबर को एनपीआर से जोड़ने का काम भी पूरा हो चुका है.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ख़ुद कहा था कि एनपीआर के साथ आधार ज़रूर जोड़ा जाना चाहिए

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा प्राप्त किए गए आधिकारिक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि 15 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तत्कालीन प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें आधार जारी करने, एनपीआर डेटाबेस के साथ आधार नंबर को जोड़ने और समय-समय पर एनपीआर में आधार नंबर अपडेट करने को लेकर चर्चा की गई थी.

Aadhaar The Wire

गृह मंत्रालय ने अक्टूबर 2019 में एनपीआर के लिए आधार नंबर अनिवार्य करने का किया था प्रस्ताव

द वायर एक्सक्लूसिव: दस्तावेज़ों से पता चलता है कि केंद्र सरकार ने एनपीआर में अनिवार्य रूप से आधार इकट्ठा करने के लिए आधार क़ानून या नागरिकता क़ानून में भी संशोधन करने का प्रस्ताव रखा था.

Vaishali: BJP National President and Union Home Minister Amit Shah addresses an awareness rally on Citizenship Amendment Act (CAA) at Kharauna Pokhar near Vaishali, Thursday, Jan. 16, 2020. (PTI Photo)  (PTI1_16_2020_000088B)

तक़रीबन 60 करोड़ आधार नंबर पहले ही एनपीआर से जोड़े जा चुके हैं

द वायर एक्सक्लूसिव: गृह मंत्रालय आश्वासन दे रहा है कि जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं है उन्हें एनपीआर अपडेट करने के दौरान ऐसे दस्तावेज़ देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. हालांकि प्राप्त किए आधिकारिक दस्तावेज़ सरकार के इन आश्वासनों पर सवालिया निशान खड़े करते हैं.