एनपीए

11 साल में सरकार ने सार्वजनिक बैंकों में लगाए 2.61 लाख करोड़ रुपये

सरकार ने सरकारी बैंकों को मजबूत करने 11 साल में दिए 2.6 लाख करोड़ रुपये

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) समेत अन्य सरकारी बैंक एनपीए और गलत ढंग से दिए गए ऋण की भरपाई के चलते पिछले दो वित्त वर्षों से घाटे में चल रहे हैं.

Auto rickshaws wait in front of the head office of State Bank of India (SBI) in New Delhi August 12, 2013. SBI, the country's largest lender, posted a second consecutive drop in quarterly net profit, missing estimates, on worsening asset quality, higher operating expenses and muted growth in interest income. REUTERS/Anindito Mukherjee (INDIA - Tags: BUSINESS) - RTX12I6I

स्टेट बैंक ने 20 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ बट्टे खाते में डाला

वित्त वर्ष 2016-17 में हज़ार करोड़ से ऊपर की राशि बट्टे खाते में डालने वाले स्टेट बैंक ने अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच न्यूनतम बैलेंस न रखने पर आम ग्राहकों से 1,771 करोड़ का जुर्माना वसूला था.

A man walks past a logo of the Reserve Bank of India (RBI) in front of its building in Kolkata May 21, 2012. REUTERS/Rupak De Chowdhuri/Files

बैंकों ने पांच वर्षों में 2,30,287 करोड़ का क़र्ज़ बट्टे खाते में डाला: सरकार

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्ष की अवधि के दौरान बैंकों के 2,30,287 करोड़ रुपये के क़र्ज़ को बट्टे खाते में डाल दिया गया.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु. (फोटो: द वायर)

मोदी के कार्यकाल को देखें तो यह आर्थिक मोर्चे पर नाकामी की कहानी है: यशवंत सिन्हा

विशेष साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु.

​(फोटो: रॉयटर्स)​​​

सार्वजनिक बैंकों का एनपीए सितंबर अंत तक 7.34 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

वित्त मंत्रालय ने कहा कि एनपीए में करीब 77 प्रतिशत हिस्सेदारी शीर्ष औद्योगिक घरानों के पास फंसे क़र्ज़ का है.

फोटो: रॉयटर्स

बैंकों ने पिछले छह महीने में 55,356 करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ़ किया

पिछले नौ साल में बैंकों ने 2 लाख 28 हज़ार रुपये का लोन माफ़ कर दिया है. क्या इससे अर्थव्यवस्था पर कोई फर्क पड़ा, सिर्फ़ किसानों के समय फ़र्क पड़ता है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: रॉयटर्स)

नोटबंदी के कारण अगले एक साल तक अर्थव्यवस्था धीमी रहेगी: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, नोटबंदी कालेधन का उचित समाधान नहीं है, इसने आर्थिक विकास की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया.

Ahmedabad: Former prime minister Manmohan Singh addresses a press conference in Ahmedabad on Tuesday. PTI Photo  (PTI11_7_2017_000101A)

जल्दबाज़ी में जीएसटी के क्रियान्वयन से हुई अर्थव्यवस्था धीमी: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के फैसले को ऐतिहासिक भूल बताया. साथ ही वाम दलों से केंद्र सरकार की गलत नीतियों के ख़िलाफ़ लड़ने में कांग्रेस नेतृत्व का साथ देने को कहा.

Chidambaram Photo by The Wire

मोदी अब अच्छे दिन के बारे में बात नहीं करते, उन्हें पता है कि लोग हंसेंगे: पी.चिदंबरम

साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नरेंद्र मोदी सरकार, जीएसटी, रॉबर्ट वाड्रा, कार्ति चिदंबरम, विपक्ष, गुजरात चुनाव समेत विविध विषयों पर विस्तृत बातचीत.

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नोटबंदी-जीएसटी से धीमी हुई अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने के लिए 9 लाख करोड़ का पैकेज

ढांचागत परियोजनाओं में 6.92 लाख करोड़ ख़र्च होंगे और 2.11 लाख करोड़ रुपये एनपीए के बोझ से दबे सरकारी बैंकों का आधार मजबूत करने के लिए होंगे.

New Delhi: Finance Minister Arun Jaitley at the release of the book "India @ 70 Modi @ 3.5"  in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Kamal Singh  (PTI9_28_2017_000183A)

जेटली का यशवंत सिन्हा पर तंज, कहा- 80 साल की उम्र में ढूंढ़ रहे हैं नौकरी

अरुण जेटली ने सिन्हा का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि उनके पास पूर्व वित्त मंत्री होने का सौभाग्य नहीं है, न ही ऐसा पूर्व वित्त मंत्री होने का सौभाग्य है जो आज स्तंभकार बन चुका है.

YV Reddy Reuters

गठबंधन सरकारों ने पूर्ण बहुमत वाली सरकारों से बेहतर आर्थिक वृद्धि दी: पूर्व आरबीआई गवर्नर

भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाईवी रेड्डी ने कहाकि वर्ष 2008 का वित्त आर्थिक संकट अभी तक टला नहीं है.

फोटो: पीआईबी

‘नए भारत’ के नए वादे पर आर्थिक संकट का काला बादल

2019 के चुनावों से 18 महीने पहले, भारत की राजनीतिक अर्थव्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ाई हुई दिखाई दे रही है, लेकिन नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार 2022 तक पूरे किए जाने वाले नामुमकिन वादों की झड़ी लगाने का सिलसिला जारी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: पिछले तीन साल में एनपीए में ढाई गुना से ज़्यादा की बढ़ोतरी

राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में एनपीए 35 हज़ार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है.

The Reserve Bank of India (RBI) seal is pictured on a gate outside the RBI headquarters in Mumbai July 30, 2013. India's central bank left interest rates unchanged on Tuesday as it supports a battered rupee but said it will roll back recent liquidity tightening measures when stability returns to the currency market, enabling it to resume supporting growth.  REUTERS/Vivek Prakash (INDIA - Tags: BUSINESS LOGO) - RTX124GY

एनपीए एकमात्र ऐसा घोटाला है जिसका कोई खलनायक नहीं है

10 बड़े बिजनेस समूहों पर 5 लाख करोड़ का कर्ज़ बक़ाया है. इन पांच लाख करोड़ के लोन डिफॉल्टर वालों के यहां मंत्री से लेकर मीडिया तक सब हाजिरी लगाते हैं.