एमडीएमके

Srinagar: Security personnel stand guard during restrictions and shutdown, in Srinagar, Thursday, Sept. 26, 2019. Normal life remained affected on 53rd consecutive day since 5th August due to restrictions and shutdown, after centre abrogated Article 370 and bifurcated Jammu and Kashmir into two union territories. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI9_26_2019_000082B)

जम्मू कश्मीर: प्रशासन ने 28 लोगों पर से पीएसए हटाया, महबूबा मुफ्ती अभी भी हिरासत में

अधिकारियों ने कहा कि जिन लोगों पर से जन सुरक्षा कानून हटाया गया है, उनमें एक प्रमुख व्यक्ति कश्मीर व्यापार एवं विनिर्माण संघ और कश्मीर इकोनॉमिक अलायंस के मुखिया का नाम भी शामिल है.

A deserted road in Srinagar on Monday. Restrictions were in force across Kashmir and in several parts of Jammu. (REUTERS/Danish Ismail)

जम्मू कश्मीर: 31 लोगों पर से पीएसए हटा, महबूबा मुफ्ती की रिहाई की मांग तेज़

जम्मू कश्मीर प्रशासन द्वारा श्रीनगर की सेंट्रल जेल में पीएसए के तहत बंद 14 कैदियों की रिहाई समेत कुल 31 कैदियों पर लगा पीएसए हटाया गया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: उमर अब्दुल्ला लगभग आठ महीने बाद हिरासत से रिहा

पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से उमर अब्दुल्ला ने 232 दिन हिरासत में गुजारे. इससे पहले फारूक अब्दुल्ला को 13 मार्च को रिहा कर दिया गया था. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अभी भी जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में रखा गया है.

Srinagar: Jammu and Kashmir National Conference President Farooq Abdullah during an interview with the PTI, in Srinagar on Sunday, July 29, 2018. (PTI Photo/S Irfan) (STORY DEL20)(PTI7_29_2018_000055B)

जम्मू कश्मीर: रिहा होंगे फ़ारूक़ अब्दुल्ला, सरकार ने पीएसए हटाया

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने और इसे दो राज्यों में बांटने के फैसले के बाद पिछले सात महीने से ज़्यादा समय से पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला हिरासत में थे.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

फारूक अब्दुल्ला की हिरासत अवधि जन सुरक्षा कानून के तहत तीन महीने और बढ़ी

जन सुरक्षा कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को बिना किसी सुनवाई के तीन महीने से दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है.

Srinagar: Jammu and Kashmir National Conference President Farooq Abdullah during an interview with PTI, in Srinagar, on Monday. (PTI Photo/S Irfan) (Story No DEL34) (PTI5_21_2018_000111B)

फ़ारूक़ अब्दुल्ला की रिहाई के लिए दाख़िल याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की

राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके नेता वाइको ने अपनी हैबियस कॉर्पस याचिका में पिछले चार दशकों से ख़ुद को जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला का क़रीबी दोस्त बताते हुए कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को अवैध तरीके से हिरासत में रखकर उन्हें संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने फारूक अब्दुल्ला को पेश करने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके के संस्थापक वाइको ने अपनी याचिका में कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर कार्रवाई पूरी तरह से अवैध और मनमानी है. ये उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है.

Vaiko PTI

फारूक अब्दुल्ला को पेश करने के निर्देश देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे वाइको

राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके के संस्थापक वाइको ने अपनी याचिका में कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर कार्रवाई पूरी तरह से अवैध और मनमानी है. ये उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है.

Vaiko PTI

एमडीएमके महासचिव वाइको राजद्रोह मामले में दोषी क़रार, एक साल जेल की सज़ा

साल 2009 में वाइको ने अपनी एक किताब के विमोचन के दौरान प्रतिबंधित संगठन लिट्टे के समर्थन में भाषण दिया था. राजद्रोह का मामला तत्कालीन डीएमके सरकार ने दर्ज कराया था.

Vaiko PTI

राजद्रोह मामले में एमडीएमके प्रमुख वाइको का आत्मसमर्पण, भेजे गए जेल

एमडीएमके प्रमुख वाइको ने राजद्रोह के आठ साल पुराने मामले में सोमवार को चेन्नई की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया और जमानत मांगने से इंकार कर दिया जिसके बाद उन्हें 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.