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एम्स में भर्ती हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, हालत स्थिर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पूर्व प्रधानमंत्री को देखने अस्पताल पहुंचे.

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‘राजकिशोर ने अपने उसूलों और जीवन मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया’

वीडियो: वरिष्ठ लेखक और पत्रकार राजकिशोर का सोमवार सुबह दिल्ली में निधन हो गया. उन्हें याद कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश.

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वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार राजकिशोर का निधन

71 वर्षीय राजकिशोर फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी से जूझ रहे थे.पत्रकारिता और साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें लोहिया पुरस्कार के अलावा हिंदी अकादमी की तरफ से साहित्यकार सम्मान से भी नवाज़ा जा चुका है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

हुज़ूर! 2014 से 2018 आ गया, अब तो बताइए काम कब होगा?

मोदी सरकार ने 2014 में चार नए एम्स, 2015 में 7 नए एम्स और 2017 में दो एम्स का ऐलान करते हुए 148 अरब रुपये का प्रावधान किया गया था मगर अ​ब तक 4 अरब रुपये ही दिए गए हैं. आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि किस रफ़्तार से काम हो रहा होगा.

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बजट 2018: वादों और दावों की भूलभुलैया

दो हज़ार करोड़ के फंड के साथ पचास करोड़ लोगों को बीमा देने की करामात भारत में ही हो सकती है. यहां के लोग ठगे जाने में माहिर हैं. दो बजट पहले एक लाख बीमा देने का ऐलान हुआ था, आज तक उसका पता नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

डॉक्टरों की परेशानी समझने के लिए प्रधानमंत्री मोदी एक दिन डॉक्टर का जीवन जीएं: एम्स डॉक्टर

राजस्थान सरकार द्वारा आवश्यक सेवाएं रखरखाव अधिनियम लागू कर 86 डॉक्टरों को गिरफ्तार किए जाने के बाद राज्य के डॉक्टरों की हड़ताल का एम्स के डॉक्टरों ने समर्थन किया.

दिल्ली स्थित एम्स. (फोटो साभार: फेसबुक)

सीवीसी ने एम्स में भ्रष्टाचार के मामले बंद किए: ह्विसिलब्लोअर संजीव चतुर्वेदी

भारतीय वन सेवा के अधिकारी और ह्विसिलब्लोअर के अनुसार, भ्रष्टाचार के मामलों में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे.

The Minister of State for Health & Family Welfare, Shri Ashwini Kumar Choubey briefing the media on the status of AIIMS under the Pradhan Mantri Swasthya Suraksha Yojana (PMSSY), in New Delhi on October 11, 2017.

‘देश में स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी ढांचा न होने से दिल्ली के अस्पतालों में भीड़’

एम्स के डॉक्टर ने केंद्रीय मंत्री द्वारा मरीजों के वापस लौटाने को नैतिक रूप से ग़लत बताते हुए लिखा खुला पत्र.

प्रतीकात्मक फोटो. साभार-विकीपीडिया

…और मेरे भाई ने अस्पताल के गेट पर ही दम तोड़ दिया

‘मेरे भाई ने अस्पताल के दरवाज़े पर दम तोड़ दिया क्योंकि बिस्तर नहीं था. ये लोकतंत्र नहीं मुर्दातंत्र है, जिसमें लैपटॉप मिलता है, दंगा मिलता है, इंटरनेट मिलता है पर इलाज नहीं मिलता!’