ऑक्सीजन सप्लाई

New Delhi: Delhi Deputy Chief Minister Manish Sisodia addresses a press conference, in New Delhi on Wednesday, July11, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_11_2018_000126B)

केंद्र ने ऑक्सीजन की कमी से मौत के संबंध में दिल्ली सरकार की समिति को मंज़ूरी नहीं दी: सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि बेहद दुख की बात है कि केंद्र सरकार ने इस समिति को ख़ारिज कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ़ दिल्ली की बात नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और झारखंड सहित कई अन्य राज्यों की बात है, जहां केंद्र, राज्य सरकारों के काम में बाधा डाल रहा है.

देश के नामी वायरोलॉजिस्ट ने मोदी सरकार के कोरोना सलाहकार समूह से इस्तीफ़ा दिया

मोदी सरकार द्वारा कोरोना वायरस को लेकर बनाए गए वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष शाहिद जमील ने पिछले कुछ महीनों में कई बार इस बात को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की थी कि कोरोना संक्रमण को लेकर नीतियां बनाते वक़्त विज्ञान को तरजीह नहीं दी जा रही है, जो अत्यधिक चिंता का विषय है.

कोविड-19: हाशिये पर रहने वालों की लड़ाई सिर्फ बीमारी से नहीं है…

कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के दौरान दवा, ऑक्सीजन आदि की कमी जानलेवा साबित हो रही है, लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है, जिसे अस्पताल की चौखट और इलाज तक सहज पहुंच भी मयस्सर नहीं है.

कोविड संकट: आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसां होना

इस कठिन वक़्त में सरकारों की काहिली तो अपनी जगह पर है ही, लोगों का आदमियत से परे होते जाना भी पीड़ितों की तकलीफों में कई गुनी वृद्धि कर रहा है. इसके चलते एक और बड़ा सवाल विकट होकर सामने आ गया है कि क्या इस महामारी के जाते-जाते हम इंसान भी रह जाएंगे?

विपक्षी नेताओं ने पीएम मोदी से कहा, मुफ़्त टीका उपलब्ध कराएं, सेंट्रल विस्टा परियोजना रोकी जाए

कोरोना वायरस की दूसरी लहर और दिल्ली में जारी लॉकडाउन के बीच सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत नई संसद के निर्माण का काम ज़ोर-शोर से जारी है, जिसकी विपक्ष के नेता लगातार आलोचना कर रहे हैं. दुनिया भर के प्रसिद्ध विद्वानों, कलाकारों, लेखकों आदि ने भी कोविड-19 के कारण पैदा हुए जनस्वास्थ्य आपातकाल के दौरान भारत सरकार की इस योजना को तत्काल रोकने की मांग की है.

चुनावों की अनुमति के घातक परिणामों के आकलन में विफल रहे चुनाव आयोग, बड़े कोर्ट और सरकार: कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की लचर तैयारियों पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जब सरकार शहरों में ही कोरोना को नियंत्रित करने की जद्दोजहद कर रही है, तो ऐसे में गांव में कोरोना टेस्टिंग और इलाज काफी मुश्किल काम होगा.

आंध्र प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति में समस्या के चलते अस्पताल में 11 कोविड रोगियों की मौत

आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित सरकारी रुइया अस्पताल में सोमवार देर रात हुआ हादसा. परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन सप्लाई 25 से 45 मिनट के लिए बाधित हुई थी. वहीं डीएम ने कहा है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति पांच मिनट के भीतर बहाल हो गई थी.

Ahmedabad: Congress leader Sam Pitroda interacts with members of Youth Congress, in Ahmedabad, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000327B)

कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनावी सभाएं वजह, पीएम ने मास्क न पहन ग़लत संदेश दिया: पित्रोदा

इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने कहा कि भारत में आम दिनों में औसतन 30 हज़ार लोगों की मौत होती है. ऐसे में कोरोना से अगर प्रतिदिन 3,000 अतिरिक्त लोगों की मौत हो रही है तो फिर अंतिम संस्कार के लिए कतारें नहीं लगनी चाहिए थी. इसका मतलब यह है कि मरने वालों का जो आंकड़ा बताया जा रहा है, वह सही नहीं है.

वैक्सीन नीति पर पुनर्विचार को लेकर केंद्र ने कहा- इसमें अदालत के हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं

बीते 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जिस तरह से केंद्र सरकार की वर्तमान वैक्सीन नीति को बनाया गया है, इससे प्रथमदृष्टया जनता के स्वास्थ्य के अधिकार को क्षति पहुंचेगी, जो कि संविधान के अनुच्छेद 21 का एक अभिन्न तत्व है. सुप्रीम कोर्ट ने वैक्सीन निर्माता कंपनियों द्वारा अलग-अलग कीमत तय करने के संबंध में केंद्र से जानकारी मांगी थी.

गुजरात: गौशाला में खुला कोविड सेंटर, दूध-घी-गोमूत्र से बनी दवा से इलाज का दावा

बनासकांठा ज़िले में एक गौशाला में ‘वेदालक्षणा पंचगव्य आयुर्वेद कोविड आइसोलेशन सेंटर’ शुरू हुआ है, जहां हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीज़ों का दूध, घी और गोमूत्र से बनी दवाइयों से इलाज करने का दावा किया गया है. वहीं एक भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने दावा किया है कि हर सुबह खाली पेट गोमूत्र पीने से कोरोना वायरस ख़त्म हो जाएगा, हालांकि इस बात का कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

भारत में कोरोना चरम पर, लेकिन मोदी सरकार आलोचनाओं का दमन करने में व्यस्त: लांसेट जर्नल

अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल लांसेट ने अपने संपादकीय में मोदी सरकार की आलोचना करते हुए लिखा है कि बार-बार चेतावनी देने के बाद भी सरकार लापरवाह बनी रही और भारत को कोरोना विजयी घोषित कर दिया. जर्नल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आगामी अगस्त तक भारत में करीब 10 लाख कोरोना मौतें हो सकती हैं.

अस्पतालों में भर्ती के लिए कोविड-19 संक्रमित होने की रिपोर्ट ज़रूरी नहीं: सरकार

कोविड-19 संक्रमित मरीज़ों के इलाज के लिए समर्पित निजी और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में भर्ती के लिए संशोधित राष्ट्रीय नीति में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि किसी भी मरीज़ को ऑक्सीजन या आवश्यक दवाओं आदि समेत किसी भी मद में सेवा देने से इनकार नहीं किया जा सकता, भले ही वह किसी दूसरे शहर का ही क्यों न हो.

ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों में महामारी से कैसे निपट रही यूपी सरकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया गया कि हाल के समय में सरकार का ध्यान बड़े शहरों पर रहा है और छोटे ज़िले एवं शहर दुर्भाग्य से नज़रअंदाज़ कर दिए गए और मीडिया ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया. अब ग्रामीण इलाकों में महामारी का प्रकोप बढ़ते हुए देखा जा रहा है और उचित चिकित्सा सुविधा के अभाव में स्थिति ख़राब हुई है.

कर्नाटक का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाने के हाईकोर्ट के आदेश में दख़ल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर कहा था कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने का आदेश पारित किया है. इससे तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन के आपूर्ति नेटवर्क व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा और यह व्यवस्था पूरी तरह से ढह जाएगी. शीर्ष अदालत ने कहा कि कर्नाटक के लोगों को लड़खड़ाते हुए नहीं छोड़ा जा सकता है.

कोविड-19: ऑक्सीजन वितरण की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने टास्क फोर्स गठित किया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित यह टास्क फोर्स कोविड-19 के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं के तर्कसंगत और समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपाय सुझाएगा और महामारी के कारण सामने आईं अन्य चुनौतियों को पूरा करने के लिए सदस्यों के वैज्ञानिक और विशेष ज्ञान के आधार पर इनपुट देगा. अदालत ने केंद्र और राज्यों से इसे स​हयोग करने के लिए कहा है.