कठुआ गैंगरेप

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

बलात्कार पीड़िता की पहचान के खुलासे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मृतक की भी गरिमा होती है

उच्चतम न्यायालय ने कहा, ‘मीडिया रिपोर्टिंग पीड़ित का नाम लिए बगैर भी की जा सकती है. भले ही पीड़ित नाबालिग या विक्षिप्त हो तो भी उसकी पहचान का खुलासा नहीं करना चाहिए.’

संतोष गंगवार, केंद्रीय श्रम एवं सेवायोजन मंत्री (फोटो साभार: फेसबुक/संतोष गंगवार)

इतने बड़े देश में अगर एक-दो बलात्कार हो जाएं तो इसे बतंगड़ बनाना ठीक नहीं: केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं, पर इन्हें कभी रोका नहीं जा सकता है.

(फोटो साभार: अल्ट न्यूज़)

कठुआ में बच्ची के साथ बलात्कार न होने की ‘दैनिक जागरण’ की​ रिपोर्ट झूठी है

विशेष रिपोर्ट: दैनिक जागरण ने बीते 20 अप्रैल को ‘कठुआ में बच्ची से नहीं हुआ था दुष्कर्म’ शीर्षक से एक रिपोर्ट अपने सभी प्रिंट और आॅनलाइन संस्करणों में प्रमुखता से प्रकाशित की थी.

Jammu Kashmir MAP

जम्मू कश्मीर में भी लागू हो पॉक्सो एक्ट: राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग

आयोग का कहना है कि कठुआ गैंगरेप जैसे जघन्य मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान करने कि लिए पॉक्सो क़ानून में संशोधन होना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

कठुआ गैंगरेप: सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, जम्मू कश्मीर के बार एसोसिएशनों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए बार काउन्सिल ऑफ इंडिया, राज्य बार काउन्सिल, जम्मू हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और कठुआ जिला बार एसोसिएशन को नोटिस जारी कर 19 अप्रैल तक जवाब मंगा हैं.