कपिल मिश्रा

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे से जुड़े दो वॉट्सऐप ग्रुप और दिल्ली पुलिस के दोहरे मानक

दिल्ली दंगा मामले में सामने आए दो वॉट्सऐप ग्रुप में से एक ‘हिंदू कट्टर एकता ग्रुप’ है, जहां ‘मुल्लों को मारने’ के दावे किए गए हैं. दूसरी ओर दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप में सीएए विरोधी प्रदर्शन, हिंसा न करने और संविधान में भरोसा रखने की बातें हुई हैं. दिल्ली पुलिस ने दूसरे ग्रुप के कई सदस्यों को दंगों का साज़िशकर्ता बताया है.

उमर खालिद, डोनाल्ड ट्रंप और कपिल मिश्रा. (फोटो: रॉयटर्स/फेसबुक)

दिल्ली दंगा: ट्रंप क्रोनोलॉजी पर हुई चूक के बाद दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट का रुख बदला

दिल्ली दंगा मामले में दायर एक चार्जशीट में दावा किया गया था कि 8 जनवरी को हुई एक बैठक में डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय हिंसा की योजना बनाई गई थी. पिछले दिनों एक अन्य आरोपपत्र में पुलिस ने इसे हटाते हुए कहा है कि सीएए विरोधी प्रदर्शन 2019 आम चुनाव में भाजपा की जीत से खोई ज़मीन पाने के लिए बड़े पैमाने दंगे करवाने की ‘आतंकी साज़िश’ का हिस्सा थे.

मौजपुर लालबत्ती के निकट डीसीपी (उत्तर-पूर्व) वेद प्रकाश सूर्या के साथ भाजपा नेता कपिल मिश्रा. (फोटो: वीडियो स्क्रीनग्रैब/ट्विटर)

दिल्ली दंगा: कपिल मिश्रा का दावा- कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया, सिर्फ़ प्रदर्शन की बात कही थी

भाजपा नेता कपिल मिश्रा का दिल्ली दंगों से एक दिन पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक डीसीपी के बगल में खड़े होकर दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए तीन दिनों के भीतर ज़ाफ़राबाद और चांदबाग की सड़कें ख़ाली कराने को कह रहे थे. ऐसा नहीं होने पर सड़कों पर उतरने की बात कही थी.

(फोटो साभार: गरुड़ प्रकाशन)

‘देल्ही रॉयट्स 2020’ के लेखकों के ब्लूम्सबरी से किताब छपवाने की वजह क्या थी?

वैचारिक दुनिया में साख हासिल करना दक्षिणपंथ की तमन्ना रही है, लेकिन जब तक वह इस बुनियादी बात को नहीं समझ लेता कि साख कमानी पड़ती है, इसे खरीदा नहीं जा सकता- यह कभी भी ज़्यादा दूरी नहीं तय कर पाएगा.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: वकीलों की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली सरकार ने पुलिस का प्रस्ताव ख़ारिज किया

दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में वकीलों की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव को नामंज़ूर करते हुए कहा कि दंगा मामले में पुलिस की जांच को अदालत ने निष्पक्ष नहीं पाया है, इसलिए पुलिस के पैनल को मंज़ूरी दी गई, तो मामलों की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी.

New Delhi: Security personnel conduct patrolling as they walk past Bhagirathi Vihar area of the riot-affected north east Delhi, Wednesday, Feb. 26, 2020. At least 22 people have lost their lives in the communal violence over the amended citizenship law as police struggled to check the rioters who ran amok on streets, burning and looting shops, pelting stones and thrashing people. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_26_2020_000141B)

दिल्ली चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं के भड़काऊ भाषण के बाद दंगे हुए: अल्पसंख्यक आयोग रिपोर्ट

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा के भाषण के बाद दंगे शुरू हुए थे लेकिन अब तक उनके ख़िलाफ़ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों में नेताओं की भूमिका का कोई सबूत नहीं: दिल्ली पुलिस

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष दिल्ली पुलिस ने ऐसा उन जनहित याचिकाओं के जवाब में कहा है, जिनमें कपिल मिश्रा सहित भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं पर नफ़रत भरे भाषण देने के आरोप लगाते हुए इनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है.

कपिल मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: दो शिकायतों में कपिल मिश्रा का नाम, अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली निवासी दो शिकायतकर्ताओं ने कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है उनके क्षेत्र की शांति एवं सौहार्द भंग करने तथा दंगा कराने में सहयोग करने के लिए भाजपा नेता कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जाए.

सफूरा जरगर. (फोटो साभार: फेसबुक/safoorazargar)

दिल्ली हिंसा: सफूरा जरगर को नहीं मिली ज़मानत, जज ने कहा- साज़िश में शामिल होने के सबूत हैं

जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा सफूरा जरगर के वकील ने कोर्ट से अपील की कि उन्हें मानवीय आधार पर ज़मानत दी जाए, क्योंकि वो 21 हफ्ते की गर्भवती हैं और पॉली सिस्टिक ओवरियन डिसऑर्डर से पीड़ित हैं.

New Delhi: Security personnel patrol streets following clashes over the new citizenship law, near Maujpur metro station in northeast Delhi, Wednesday, Feb. 26, 2020. Communal violence over the amended citizenship law in northeast Delhi had claimed at least 20 lives till today. (PTI Photo)(PTI2_26_2020_000062B)

दिल्ली: पुलिस ने चार्जशीट में ताहिर हुसैन को ‘दंगों का मास्टरमाइंड’ कहा, वकील बोले- फंसाया गया है

फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने स्थानीय अदालत में हज़ार पन्नों से अधिक की चार्जशीट दायर की है. आप से निष्काषित हुए स्थानीय पार्षद ताहिर हुसैन के वकील का कहना है कि पुलिस उनके मुवक्किल के ख़िलाफ़ एक भी सबूत नहीं पेश कर पाई है और उन्हें साज़िशन फंसाया जा रहा है. हुसैन आरोपी नहीं पीड़ित हैं.

New Delhi: Tight police security at the Jawaharlal Nehru University (JNU), in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus  of the University, Sunday evening. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI1_6_2020_000044B)

दिल्ली हिंसा की पटकथा लिखने के बाद पुलिस कोर्ट और जनता को इस पर यक़ीन कराने का प्रयास कर रही है

दिल्ली पुलिस इस बात पर यक़ीन करने को कह रही है कि फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा के पीछे एक षड्यंत्र है और इसमें वे ही लोग शामिल हैं जिन्होंने किसी न किसी रूप में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. पुलिस को यह पटकथा उसके राजनीतिक आकाओं ने दी और जांच एजेंसियों ने इसे कहानी के रूप में विकसित किया है.

सफूरा जरगर. (फोटो साभार: फेसबुक/safoorazargar)

सफूरा जरगर के ख़िलाफ़ छिड़ा चरित्र हनन अभियान क्या बताता है

सच्चाई यह है कि साल 2018 में सफूरा की शादी एक कश्मीरी युवक से हुई थी. सफूरा और उनका परिवार पहले से ही उनकी गर्भावस्था से वाकिफ था और यही वजह थी कि उनके वकील ने सफूरा की गर्भावस्था को ध्यान में रखते हुए अप्रैल में ही उनकी जमानत की गुहार लगाई थी.

ताहिर हुसैन. (फोटो: वीडियो स्क्रीनग्रैब)

दिल्ली दंगा: निलंबित आप पार्षद ताहिर हुसैन पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन पर आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या का आरोप है. अंकित की हत्या उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के दौरान हुई थी. ताहिर पर मनी लॉन्ड्रिंग सहित कई अन्य मामलों में भी केस दर्ज किया गया है.

People supporting the new citizenship law beat a Muslim man during a clash with those opposing the law in New Delhi, February 24, 2020. REUTERS/Danish Siddiqui

दिल्ली दंगा, मुस्लिम और संघ की राजनीति

समाज में मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह तो पहले से ही मौजूद था, संघ की छत्रछाया में उनके ख़िलाफ़ सतत तरीके से चलाए गए अभियान को अब लहलहाने के लिए उपजाऊ ज़मीन मिल गई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिकी पत्रकार को वापस भेजने संबंधी प्रसार भारती की ख़बर को विदेश मंत्रालय ने ग़लत बताया

देश के सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने ट्वीट कर कहा था कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास से भारत विरोधी व्यवहार को लेकर वॉल स्ट्रीट जर्नल के दक्षिण एशियाई डिप्टी ब्यूरो चीफ एरिक बेलमैन को तत्काल प्रभाव से वापस भेजने के एक अनुरोध को देखने के लिए कहा है. हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस ख़बर का खंडन किया है.