कमलनाथ सरकार

शपथ लेते गोविंद राजपूत. (फोटो साभार: ट्विटर/@ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: शिवराज सरकार का कैबिनेट विस्तार, सिंधिया के दो क़रीबियों की मंत्रिमंडल में वापसी

बीते साल मार्च में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर आए तुलसीराम सिलावट और गोविंद राजपूत को मंत्री बनाया था, पर विधानसभा सदस्य न होने के कारण उन्हें अक्टूबर में इस्तीफ़ा देना पड़ा था. उपचुनाव में जीत के बाद वे फिर कैबिनेट का हिस्सा बने हैं.

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

कमलनाथ सरकार गिराने में प्रधानमंत्री मोदी ने निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका: कैलाश विजयवर्गीय

इस साल मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया की अगुवाई में कांग्रेस के 22 विधायकों के विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के चलते कमलनाथ सरकार गिर गई थी. अब इंदौर में हुए एक कार्य्रक्रम में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इसमें धर्मेंद्र प्रधान की नहीं, प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी भूमिका थी.

एक चुनावी रैली के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फोटो साभार: फेसबुक/@JMScindia)

मध्य प्रदेश उपचुनाव में भाजपा की जीत सिंधिया के राजनीतिक भविष्य को क्या दिशा देगी

28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव भाजपा सरकार को बचाने की दृष्टि से ही अहम नहीं था बल्कि अपने कई समर्थकों सहित कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया का राजनीतिक भविष्य भी दांव पर था. उपचुनाव में उनके कुल 19 में से 13 समर्थक जीत हासिल करने में सफल रहे हैं.

**EDS: TWITTER IMAGE POSTED BY @ChouhanShivraj ON TUESDAY, NOV. 10, 2020** Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan and BJP State President VD Sharma greet each other as they celebrate their partys lead in Madhya Pradesh bypolls, in Bhopal.

मध्य प्रदेश उपचुनाव: भाजपा ने 19 सीटें जीतकर हासिल किया बहुमत, कांग्रेस नौ सीटों पर विजयी

मध्य प्रदेश उपचुनाव में मिली इस जीत के साथ 230 सदस्यीय सदन में अब भाजपा विधायकों की संख्या 107 से बढ़कर 126 हो गई है, जबकि कांग्रेस के विधायकों की संख्या 87 से बढ़कर 96 हो गई है.

Jabalpur: Spiritual leader Namdeo das Tyagi, popularly known as 'Computer baba' talks to the media during 'Narmade Sansad' program in Jabalpur, Thursday, Nov. 22, 2018. (PTI Photo) (PTI11_22_2018_000065B)

मध्य प्रदेश: कंप्यूटर बाबा गिरफ़्तार, दिग्विजय सिंह ने कहा- राजनीतिक प्रतिशोध की चरम सीमा

इंदौर ज़िला प्रशासन ने कंप्यूटर बाबा के आश्रम में कथित अवैध निर्माणों को तोड़ते हुए बाबा समेत सात लोगों को हिरासत में लिया है. बीते दिनों उपचुनाव में बाबा कांग्रेस के उन 22 बागी विधायकों को ‘गद्दार’ बताते हुए उनके ख़िलाफ़ चुनाव प्रचार कर रहे थे, जिनके भाजपा में शामिल होने से कमलनाथ सरकार गिरी थी.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्यमंत्री​ शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई/टि्वटर)

मध्य प्रदेश: क्या कांग्रेस का भाजपा सरकार के घोटालों की जांच की बात कहना सिर्फ चुनावी जुमला है

उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस ने सरकार में वापसी का दावा करते हुए एक ‘आरोप-पत्र’ में भाजपा सरकार में हुए घोटालों की सूची देते हुए इनकी जांच करवाने की बात कही है. विधानसभा चुनाव से पहले भी पार्टी ने ऐसा पत्र जारी करते हुए यही कहा था. हालांकि सरकार आने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.

कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

एमपी उपचुनाव: नेता उड़ा रहे आचार संहिता की ​धज्जियां, कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छिना

चुनाव आयोग द्वारा स्टार प्रचारक का दर्जा छीने जाने के क़दम को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के चुनाव प्रचार पर एक दिन की रोक लगाई. आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए भाजपा उम्मीदवार गिरराज दंदोतिया और दो मंत्रियों- उषा ठाकुर और बिसाहू लाल साहू को नोटिस जारी.

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आईं इमरती देवी की एक चुनावी रैली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान. (फोटो साभार: फेसबुक/@ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: क्या उपचुनाव में भाजपा को अपने ही नेताओं की नाराज़गी का ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा

भाजपा ने उपचुनाव वाली 28 में से 25 सीटों पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायकों को टिकट दिया है, जिससे उन सीटों के मूल भाजपा कार्यकर्ता नाराज़ हैं. साथ ही पार्टी के वे नेता भी नाख़ुश हैं, जो दल बदलकर आए नेताओं के कारण सरकार में मंत्री नहीं बन सके.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ राहुल लोधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@BJP4MP)

मध्य प्रदेश: उपचुनावों से ऐन पहले कांग्रेस के एक और विधायक ने थामा भाजपा का हाथ

दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी ने रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता लेते हुए कहा कि वे छह महीने में भाजपा के विकास कार्यों से प्रभावित हुए हैं. मार्च से अब तक कांग्रेस के कुल 26 विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं.

(फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी और कोराना​ निर्देशों का उल्लंघन

मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भाजपा की महिला उम्मीदवार को आइटम कह दिया था. दूसरी ओर राज्य सरकार में मंत्री और अनूपपुर से भाजपा उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी के लिए अभद्र शब्द कहे. इस बीच चुनावी सभाओं में ​कोरोना निर्देशों के उल्लंघन पर हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कमलनाथ पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

क्या मध्य प्रदेश में कमलनाथ ही कांग्रेस की कमज़ोर कड़ी हैं

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में इस साल मार्च से लेकर जुलाई के बीच पार्टी के कुल 25 विधायक भाजपा में जा चुके हैं, पार्टी की अंदरूनी उठापटक के बीच कई पदाधिकारियों ने इस्तीफ़े दिए. अब उपचुनावों के ठीक पहले पार्टी के अंदर से उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे.

(फोटो साभार: फेसबुक/ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: क्या भाजपा का बिना मंत्रिमंडल विस्तार किए सरकार चलाना असंवैधानिक है?

संविधान का अनुच्छेद 164 (1 ए) मुख्यमंत्री समेत कम से कम 12 मंत्रियों के मंत्रिमंडल की बात करता है, लेकिन बीते दो महीनों से शिवराज सिंह चौहान केवल पांच मंत्रियों के साथ सरकार चला रहे हैं. कहा जा रहा है कि उन्हें डर है कि मंत्रिमंडल विस्तार करने पर मंत्री न बन सकने से असंतुष्ट विधायक आगामी राज्यसभा चुनाव में कहीं क्रॉस-वोटिंग न कर दें.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

मध्य प्रदेश: शिवराज सिंह चौहान का कथित ऑडियो सामने आया, कांग्रेस का साज़िशन सरकार गिराने का आरोप

बुधवार को सामने आए एक ऑडियो के आधार पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर कमलनाथ सरकार गिराने का षड्यंत्र रचने का इल्ज़ाम लगाया है. इस ऑडियो में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कथित तौर पर कह रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया था कि सरकार गिरनी चाहिए.

(फोटो साभार: फेसबुक/ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: शिवराज सिंह चौहान के लिए वापसी के बाद की राह आसान नहीं है

मध्य प्रदेश में भाजपा की सत्ता वापसी तो हो गई है, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के लिए यह कार्यकाल उनके पिछले कार्यकालों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहेगा. विश्लेषकों के अनुसार, उन्हें पार्टी में आए बाग़ी विधायकों को साधने से लेकर उन मुद्दों से भी निपटना है, जिन पर वे कांग्रेस को घेरते आए हैं.

शिवराज सिंह चौहान के साथ कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्या उपचुनावों में जीत कांग्रेस को फिर सत्ता में ला सकती है?

आगर-मालवा और जौरा के विधायकों के निधन के कारण विधानसभा की दो सीटें पहले से ही खाली थीं. अब कांग्रेस के बागी 22 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद राज्य में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं.