कमलनाथ

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक)

मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने प्रतीक हजेला को स्वास्थ्य प्रमुख के पद से हटाया

बुधवार को कोरोना वायरस की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने विशेष अधिकारी एवं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रतीक हजेला को हटाने का निर्देश दिया. पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने हजेला के मध्य प्रदेश ट्रांसफर किए जाने संबंधी आदेश जारी किए थे.

शिवराज सिंह चौहान के साथ कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्या उपचुनावों में जीत कांग्रेस को फिर सत्ता में ला सकती है?

आगर-मालवा और जौरा के विधायकों के निधन के कारण विधानसभा की दो सीटें पहले से ही खाली थीं. अब कांग्रेस के बागी 22 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद राज्य में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

सीएम बनते ही शिवराज ने कमलनाथ द्वारा की नियुक्तियों को रद्द किया, सिंधिया के ख़िलाफ़ केस बंद

ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके करीबी विधायकों द्वारा बगावत करने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कुछ नई नियुक्तियां की थीं, जिस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

​शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

बीते 10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया के 22 विधायकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार संकट में आ गई थी. कई दिनों के सियासी घमासान के बाद कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ ने बहुमत साबित करने से पहले ही पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते कांग्रेस के 22 बागी विधायक. (फोटो: ट्विटर/@JM_Scindia)

मध्य प्रदेश: सिंधिया की मौजूदगी में कांग्रेस के 22 बागी विधायक भाजपा में शामिल हुए

हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश के विकास, प्रगति और उन्नति के अपने संकल्प के साथ कांग्रेस के सभी 22 पूर्व विधायकों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के निवास पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

बहुमत साबित करने से पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिया इस्तीफ़ा

उच्चतम न्यायालय 20 मार्च को मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार को बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था. बीते 10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों के इस्तीफ़ा देने के बाद कमलनाथ सरकार संकट में आ गई थी.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

मध्य प्रदेश: भाजपा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को भेजा नोटिस, कल होगी सुनवाई

भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 12 घंटों के भीतर विश्वास मत कराने संबंधी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा के स्पीकर, मुख्यमंत्री कमलनाथ और मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है.

Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Kamal Nath along with Congress party MLAs during the budget session of state assembly, in Bhopal, Monday, March 16, 2020. (PTI Photo)(PTI16-03-2020_000024B)

मध्य प्रदेश: राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 17 मार्च को शक्ति परीक्षण करने का दिया निर्देश

राज्यपाल ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे गए पत्र में कहा है कि अगर आप 17 मार्च को शक्ति परीक्षण नहीं करेंगे तो यह माना जाएगा कि वास्तव में आपको विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है. मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्यपाल दबाव में हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: शक्ति परीक्षण के बिना विधानसभा की कार्यवाही स्थगित, सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा

मध्य प्रदेश विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने की भाजपा की मांग और प्रदेश सरकार द्वारा स्पीकर का ध्यान कोरोना वायरस के खतरे की ओर आकर्षित किए जाने के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित कर दी. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 12 घंटों के भीतर विश्वास मत कराने संबंधी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने पर सुप्रीम कोर्ट सहमत हो गया है.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: 16 मार्च को होगा विश्वास प्रस्ताव पर मतदान

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने निर्देश दिए हैं कि विश्वासमत की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी विधानसभा स्वतंत्र व्यक्तियों से कराएगी. संपूर्ण कार्यवाही हर हाल में 16 मार्च 2020 को प्रारम्भ होगी और यह स्थगित, विलंबित या निलंबित नहीं की जाएगी.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia files his nomination papers to Returning Officer AP Singh for Rajya Sabha elections, at Madhya Pradesh Assembly in Bhopal, Friday, March 13, 2020. (PTI Photo)(PTI13-03-2020_000038B)

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीवार के तौर पर भरा नामांकन

मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को मतदान होना है. वर्तमान में मध्य प्रदेश से कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और भाजपा के प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया राज्यसभा सांसद हैं. इन तीनों का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है. कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ को ‘रावण’ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया ‘विभीषण’

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर इशारा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रावण की लंका अगर पूरी तरह जलानी है तो विभीषण की तो ज़रूरत होती है और अब सिंधिया जी हमारे साथ हैं. मिलकर लड़ेंगे.

New Delhi: Former Congress leader Jyotiraditya Scindia greets as he arrives to join Bharatiya Janata Party (BJP), at party headquarters in New Delhi, Wednesday, March 11 , 2020. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI11-03-2020_000124B)

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पाला बदलने से भाजपा-कांग्रेस और ख़ुद उन्हें क्या हासिल होगा?

कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. एक सवाल ये भी है कि क्या भाजपा में भी उनका वही रुतबा क़ायम रह पाएगा, जो कांग्रेस में था?

HBB 11 March 2020.00_26_27_13.Still002

भाजपा में शामिल सिंधिया: बचेगी मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार?

मध्य प्रदेश के पूर्व कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भाजपा की सदस्यता हासिल कर ली. पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में चल रहे राजनीतिक उठापटक के बीच सिंधिया ने बीते मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. इसी मुद्दे पर द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजय आशीर्वाद और संस्थापक संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रही हैं सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: राज्यसभा की तीन सीटों ने कैसे बदले राज्य में सत्ता के समीकरण

विभिन्न राज्यों में एक के बाद एक विधानसभा चुनाव हारने के बाद राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या घटने वाली है, जिसके चलते अहम विधेयक पास कराने में मोदी सरकार को समस्याएं आएंगी. यही वजह है कि भाजपा एक-एक सीट जीतने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ रही है.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

भाजपा की विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की कोशिश, 8 को जबरन होटल में रखा: मध्य प्रदेश कांग्रेस

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य की कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की साज़िश चल रही है, जिसके चलते भाजपा ने कांग्रेस और अन्य पार्टियों के कुछ विधायकों को मंगलवार रात जबरन गुरुग्राम के एक होटल में रखा है.

VD Sharma BJP MP Twitter

क्या वीडी शर्मा को मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाना नाराज़ सवर्णों को मनाने की कोशिश है?

भाजपा ने बीते दिनों खजुराहो से सांसद विष्णुदत्त शर्मा को प्रदेशाध्यक्ष बनाया है. मूल रूप से एबीवीपी से आने वाले शर्मा प्रदेश राजनीति में बेहद कम पहचान रखते हैं, ऐसे में राज्य में पार्टी के बड़े नामों को छोड़कर उन्हें चुनने के फ़ैसले पर सवाल उठ रहे हैं.

गेस्ट लेक्चरर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहजहांनी पार्क में पिछले साल 10 दिसंबर से धरना दे रहे हैं.

मध्य प्रदेश: क्यों गेस्ट लेक्चरर डेढ़ महीने से कमलनाथ सरकार के ख़िलाफ़ धरने पर बैठे हैं?

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाने वाले गेस्ट लेक्चरर भोपाल के शाहजहांनी पार्क में कांग्रेस सरकार की ‘वादाख़िलाफ़ी’ के विरोध में 10 दिसंबर 2019 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं.

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के पेपर में भीलों के संबंध में पूछा गया सवाल. (फोटो साभार: ​एएनआई)

एमपीपीएससी परीक्षा के पेपर में भील जनजाति को ‘आपराधिक प्रवृत्ति’ का बताए जाने पर विवाद

मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा की आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के पेपर में पूछा गया था सवाल. इससे पहले मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के पेपर में क्रांतिकारियों को कथित तौर पर आतंकवादी बताने पर विवाद हो गया था.

मध्य प्रदेश में संविधान बचाओ यात्रा निकालते मुख्यमंत्री कमलनाथ. (फोटो: ट्विटर)

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में नागरिकता कानून लागू करने से किया इनकार

संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की संविधान बचाओ यात्रा निकाली. कमलनाथ ने कहा कि एनपीआर को हम लाना चाहते हैं, लेकिन इसके साथ एनआरसी को जोड़कर नहीं.

नागरिकता संशोधन विधेयक  के विरोध में आरिफ मसूद बुधवारा चौराहे पर प्रदर्शन (फोटो: 'ट्वीटर)

मध्य प्रदेश में एनआरसी और सीएबी लागू हुआ, तो विधायकी छोड़ दूंगा: कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद

भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद ने कहा कि आज़ादी की जंग में जिन्होंने शहादत दी थी, मोदी-शाह उनके सपनों को तहस-नहस कर रहे हैं. मध्य प्रदेश सरकार ममता बनर्जी की तरह साहस दिखाए और नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी को ख़ारिज करे.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: क्या विधान परिषद बनाकर कांग्रेस अपने नेताओं का राजनीतिक पुनर्वास करना चाहती है?

मध्य प्रदेश सरकार राज्य में विधान परिषद बनाना चाहती है, जिसके लिए उसका तर्क है कि इससे चुनावी राजनीति से दूर रहने वाले विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को प्रतिनिधित्व मिलेगा. वहीं विपक्षी भाजपा सहित एक तबका इसे जनता के पैसे की फ़िज़ूलख़र्ची और पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को स्थापित करने का हथकंडा बता रहा है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्यों कांग्रेस नये प्रदेशाध्यक्ष के नाम पर फैसला नहीं ले पा रही है?

मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ कई बार प्रदेशाध्यक्ष का पद छोड़ने की बात कह चुके हैं. लेकिन सरकार बनने के लगभग साल भर बाद भी पार्टी को नया प्रदेशाध्यक्ष नहीं मिला है.

भूपेश बघेल, कमलनाथ और अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

क्या मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकारें चुनावों का सामना करने से डर रही हैं?

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने ‘मध्य प्रदेश नगर पालिका विधि संशोधन अध्यादेश, 2019’ को मंज़ूरी दी, जिसके तहत अब नगरीय निकायों के महापौर व अध्यक्षों का चुनाव जनता नहीं करेगी. इसी कदम का अनुसरण राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकारों ने भी किया है.

भादपा नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: नर्मदा पौधरोपण धांधली मामले में शिवराज सिं​ह चौहान व अन्य के ख़िलाफ़ होगी जांच

मध्य प्रदेश के वन मंत्री ने कहा कि दो जुलाई 2017 को नर्मदा किनारे छह करोड़ से अधिक पौधे लगाने के नाम पर 450 करोड़ का घोटाला किया गया. इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व वन मंत्री गौरी शंकर शेजवार और तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका की जांच आर्थिक अपराध शाखा करेगी.

Jabalpur: A shopkeeper poses with political parties' campaign materials ahead of Lok Sabha elections 2019, in Jabalpur, Wednesday, March 13, 2019. (PTI Photo) (PTI3_13_2019_000028B)

मध्य प्रदेश: क्यों झाबुआ उपचुनाव कांग्रेस और भाजपा के लिए साख से ज़्यादा सत्ता का सवाल है?

महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ ही मध्य प्रदेश की झाबुआ विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होने हैं. बहुमत के अभाव में गठबंधन की सरकार चला रही कांग्रेस और तख़्तापलट का सपना देख रही भाजपा, दोनों के लिए अपने यह सीट जीतना ज़रूरी बन गया है.

Sagar

मध्य प्रदेश: खुले में शौच को लेकर डेढ़ वर्षीय बच्चे की लाठियों से पीटकर हत्या, दो गिरफ़्तार

मध्य प्रदेश के सागर ज़िले के बगसपुर गांव का मामला. बीते 25 सितंबर को भी प्रदेश के शिवपुरी ज़िले में खुले में शौच करने पर दो व्यक्तियों ने कथित तौर दो दलित बच्चों को पीट-पीटकर मार डाला था.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कथित तौर पर चार मरीज़ों की आंख की रोशनी गई

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृहनगर छिंदवाड़ा के सरकारी अस्पताल का मामला. मरीज़ों के परिजनों ने ‘सीएम हेल्पलाइन’ पर शिकायत की और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग की है. इससे पहले इंदौर शहर में 11 लोगों ने ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी चली जाने की शिकायत की थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: पंचायत भवन के पास शौच करने पर दो दलित बच्चों की पीट-पीटकर हत्या

मध्य प्रदेश के शिवपुरी ज़िले का मामला. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया. घटना के बाद गांव में तनाव की वजह से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

1984 दंगा: बढ़ सकती हैं कमलनाथ की मुश्किलें, एसआईटी ने फिर खोले सात मामले

गृह मंत्रालय द्वारा गठित विशेष जांच दल के 1984 दंगों से जुड़े सात मामलों को फिर से खोलने के निर्णय के बाद दिल्ली के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कमलनाथ ने इन सात मामलों में से एक के पांच आरोपियों को कथित तौर पर शरण दी थी.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्यों कांग्रेस के नेता अपनी ही सरकार की मिट्टी पलीद करने में लगे हुए हैं

राज्य की कमलनाथ सरकार के मंत्री-विधायक एक-दूसरे पर अवैध खनन, अवैध शराब और रिश्वत लेने जैसे संगीन आरोप लगा रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर आरोप है कि वे सरकार को पर्दे के पीछे से चला रहे हैं, वहीं नये प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी खींचतान की स्थिति बनी हुई है.

Jayanta-Shaw-Reuters

मध्य प्रदेश: अनुच्छेद 370 हटाने पर लिखी किताब बेचने वाले माकपा नेता के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

यह मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर का है. माकपा नेता शेख अब्दुल गनी ‘धारा 370- सेतु या सुरंग’ नाम की किताब को बेच रहे थे, जिसके लेखक मध्य प्रदेश की माकपा इकाई के प्रमुख जसविंदर सिंह हैं.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

मध्य प्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय सिंह को लेकर मचा घमासान

मध्य प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह खुद को प्रदेश में सत्ता के केंद्र के रूप में स्थापित कर कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं.

नवंबर 2018 में घोषणापत्र जारी करती मध्य प्रदेश कांग्रेस. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्या कांग्रेस के लिए उसका ‘वचन-पत्र’ अब गले की हड्डी बन गया है?

एक ओर कमलनाथ सरकार विधानसभा चुनावों से पहले जारी किए अपने ‘वचन-पत्र’ को ही सरकार चलाने का रोडमैप और वचनों के पूरे होने के दावे कर रही है, तो दूसरी ओर उन वचनों से सरोकार रखने वाले वर्ग अब सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने लगे हैं.

इंदौर आई हॉस्पिटल (फोटो साभार: एएनआई)

इंदौर: मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 11 लोगों ने खोई आंखों की रोशनी, जांच के आदेश

8 अगस्त को राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत इंदौर आई हॉस्पिटल में 13 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए थे, जिनमें से ग्यारह ने ऑपरेशन के बाद कुछ दिखाई न देने की बात कही है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री​ शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई/टि्वटर)

कर्नाटक की सियासी उठापटक के बाद क्या अगला नंबर मध्य प्रदेश का है?

मध्य प्रदेश में जिस दिन से कांग्रेस की सरकार बनी, उस दिन से भाजपा इसे अल्पमत में बता रही है. कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने फिर कहा कि पार्टी हाईकमान का आदेश हो तो एक दिन में सरकार गिर जाएगी, लेकिन इसके बाद एक विधेयक को लेकर भाजपा के दो विधायकों के कांग्रेस के खेमे में खड़े नज़र आने से स्थितियां बदलती दिख रही हैं.

(फोटो: पीटीआई)

व्यापमं घोटाले को लेकर सीबीआई का रवैया ढीला-ढाला, ‘बड़ी मछलियां’ अब भी आज़ाद: ह्विसिल ब्लोअर

ह्विसिल ब्लोअरों ने व्यापमं घोटाले को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के रवैये पर असंतोष जताते हुए कहा है घोटाले से जुड़े करीब 50 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के अधिकांश मामलों में सीबीआई की जांच से कोई खास बात सामने नहीं आई है.

(फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: विधेयक पर मतदान के दौरान दो भाजपा विधायकों ने किया कमलनाथ सरकार का समर्थन

मध्य प्रदेश विधानसभा में दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक पर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने वाले भाजपा के दोनों विधायक पूर्व में कांग्रेसी नेता रहे हैं और पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे. भाजपा के इन दोनों विधायकों ने कहा कि यह उनकी ‘घर वापसी’ है.

Bhopal: Congress State President Kamal Nath, party leaders Jyotiraditya Scindia, Digvijaya Singh and other leaders display victory sign after the party's win in state Assembly elections, at PCC headquarters, in Bhopal, Wednesday early morning, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000055)

मध्य प्रदेश: कांग्रेस ने लोकसभा के इतिहास का सबसे बुरा प्रदर्शन क्यों किया?

15 साल बाद मध्य प्रदेश की सत्ता पर क़ब्ज़ा जमाने वाली कांग्रेस लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 29 सीटों में से सिर्फ़ एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी.