कविता

perumal murugan (1)

ख़ुद की मौत की घोषणा करने वाले साहित्यकार पेरुमल मुरुगन की वापसी

कट्टरपंथियों के विरोध से आजिज़ आकर अपनी मौत की घोषणा करने वाले मुरुगन का नया कविता संग्रह ‘कायर के गीत’ नाम से प्रकाशित हुआ है.

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चंद्रकांत देवताले की कविताएं इंसानी तमीज़ की कविताएं हैं

भक्तिकालीन कवियों के बारे में कहा जाता है कि उनकी कविताएं कालजयी इसीलिए हो पाईं क्योंकि वे जीवन के प्राथमिक सच प्यार और मौत के बारे में बात करती हैं. यह आप देवताले की भी कविताओं में देख सकते हैं.

अविनाश दास के फेसबुक पेज से

अजी समझ लो उनका अपना नेता था जयचंद, हिटलर के तंबू में अब वे लगा रहे पैबंद

नागार्जुन की कविता हाशिए के लोगों की ज़मीन पर खड़ी होकर राजनीति के चरित्र का पर्दाफ़ाश करती है. जो लोग लोकतंत्र को बचाने और उसे और मज़बूत बनाने की लड़ाई लड़ना चाहते हैं, उन सबके लिए नागार्जुन कभी भी अप्रासंगिक नहीं होंगे.

Hindi Critics

हिंदी साहित्य: कहां गई आलोचना, कहां गए आलोचक

आलोचना जगत पर हिंदी के अध्यापकों का कब्ज़ा है लेकिन ये अध्यापक सिर्फ भाषणबाजी कर रहे हैं. दुनिया भर में अच्छी आलोचना अकादमिक संस्थानों में विकसित होती है पर हमारे विश्वविद्यालयों के हिंदी विभागों में क्या हो रहा है, ये किसी से छिपा नहीं है.

Vinod Khanna

विनोद खन्ना: मुहब्बत अदावत वफ़ा बेरुखी, किराये के घर थे बदलते रहे

विनोद खन्ना के हिस्से में ज़्यादातर इल्ज़ाम ही आए पर जो ज़िंदगी उन्होंने गुज़ारी, फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच उसे चुन पाना बेहद मुश्किल होता है.