कश्मीर

Srinagar-Lal-Chowk-PTI

जम्मू कश्मीर: अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को सेवानिवृत्त नौकरशाहों, सैन्य अधिकारियों ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

यह याचिका राधा कुमार, हिंदल हैदर तैयबजी, कपिल काक, अशोक कुमार मेहता, अमिताभ पांडे और गोपाल पिल्लई ने दायर की है, जिसमें कहा गया है कि बिना लोगों की इच्छाओं का पता लगाए अनुच्छेद 370 को हटाने का कदम लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों, संघवाद और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

FILE PHOTO: An Indian police officer stands behind the concertina wire during restrictions on Eid-al-Adha after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 12, 2019. REUTERS/Danish Ismail

जम्मू कश्मीर: शेहला राशिद का सेना द्वारा अत्याचार का आरोप, सेना का इनकार

शेहला राशिद के सेना द्वारा पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना देने के आरोपों को सेना ने ख़ारिज करते हुए आधारहीन बताया. शेहला का कहना है कि अगर सेना इनकी निष्पक्ष जांच करना चाहे, तो वे ऐसी घटनाओं की जानकारी दे सकती हैं.

Indian security force personnel keep guard alongside a road during restrictions after the government scrapped the special constitutional status for Kashmir, in Srinagar August 15, 2019. REUTERS/Danish Ismail

370 का जश्न और सहमा हुआ कश्मीर

इस पूरे अध्याय ने कश्मीर की आवाज़ और बोलने का हक़ दोनों छीन लिया, लेकिन कहा गया कि कश्मीरी जनता खुश है. अजीत डोभाल को सबने चार कश्मीरियों के साथ खाना खाते तो देखा पर किसी को नहीं पता कि उन तस्वीरों में पीछे कितने सैनिक बंदूक ताने खड़े थे.

लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल. (फोटो: पीटीआई)

कांग्रेस ने लद्दाख को किया नज़रअंदाज इसलिए क्षेत्र में घुसा चीन: भाजपा सांसद नामग्याल

लद्दाख से भाजपा सांसद जमयांग शेरिंग नामग्याल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ‘फॉरवर्ड पॉलिसी’ अपनाई जिसमें कहा गया कि हमें एक-एक इंच चीन की ओर बढ़ना चाहिए. इसके कार्यान्वयन के दौरान यह ‘बैकवर्ड पॉलिसी’ बन गई.

Iltija-Mufti-twitter-wire

महबूबा मुफ्ती की बेटी का गृहमंत्री अमित शाह से सवाल, किस क़ानून के तहत मुझे हिरासत में रखा गया है

महबूबा मुफ्ती की छोटी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि मैं यह समझने में असफल हूं कि मुझे कश्मीरियों की आवाज़ बुलंद करने के लिए क्यों सज़ा दी जा रही है. क्या कश्मीरियों के दर्द, यातना और रोष को व्यक्त करना अपराध है?

FILE PHOTO: An Indian police officer stands behind the concertina wire during restrictions on Eid-al-Adha after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 12, 2019. REUTERS/Danish Ismail

सरकार अब संवाद से परे हो चुकी है…

एक तरफ कहा जाता है कि कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है, उस लिहाज़ से कश्मीरी भी अभिन्न होने चाहिए थे. तो फिर इस बदलाव की प्रक्रिया में उनसे बात क्यों नहीं की गई? उनकी राय क्यों नहीं पूछी गई?

Srinagar: IAS officer Shah Faesal addresses a press conference after announcing his resignation, in Srinagar, Friday, Jan. 11, 2019. Faesal, who has been in the limelight since becoming the first Kashmiri to top the civil services exam in 2009, announced his resignation on January 9 through social media to protest the "unabated" killings in Kashmir and the marginalisation of Indian Muslims.(PTI Photo)(PTI1_11_2019_000092B)

विदेश जा रहे शाह फैसल को दिल्ली हवाईअड्डे से हिरासत में लिया गया, वापस श्रीनगर भेजे गए

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल को वापस श्रीनगर भेज दिया गया, जहां उन्हें जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया.

Indian policemen stand guard in a deserted street during restrictions in Jammu on August 6.	Photo : Reuters

कश्मीर का मन मरघट बन गया है…

कहा जा रहा है कि लोकतंत्र बहुमत से ही चलता है और बहुमत है, लेकिन ‘बहुमत’ मतलब बहु-मत हों, विभिन्न मत, लेकिन संसद में क्या मतों का आदान-प्रदान हुआ? एक आदमी चीख रहा था, तीन सौ से ज्यादा लोग मेजें पीट रहे थे. यह बहुमत नहीं, बहुसंख्या है. आपके पास मत नहीं, गिनने वाले सिर हैं.

Aligarh Muslim University India Visit Online 1

कश्मीर के छात्रों ने केंद्र के अधिकारी का ईद निमंत्रण ठुकराया, कहा- ये जले पर नमक छिड़कना है

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों ने निमंत्रण के जवाब में एक बयान जारी कर जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य में संचार के माध्यमों पर रोक लगाने को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया.

पी. चिदंबरम. (फोटो: रॉयटर्स)

मुस्लिम बहुल होने के कारण जम्मू कश्मीर से हटा अनुच्छेद 370: चिदंबरम

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि भाजपा ने अपनी ताकत से अनुच्छेद 370 को समाप्त किया है और यदि जम्मू कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भाजपा कभी भी ऐसा नहीं करती.

Residents cross a street during restrictions in Srinagar. (Photo:Reuters)

एडिटर्स गिल्ड ने जम्मू कश्मीर में मीडिया पर लगी पाबंदी पर जताई चिंता

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि जम्मू कश्मीर सहित पूरे देश की जनता के प्रति सरकार का यह कर्तव्य है कि वह प्रेस को स्वतंत्र तरीके से काम करने दे जो कि लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है.

भाजपा नेता निर्मल सिंह. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: जमीन और सरकारी नौकरियों में बाहरी लोगों पर कुछ प्रतिबंध चाहती है भाजपा

भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह ने कहा कि उन्हें ‘स्थानीय’ प्रमाणपत्र जैसे किसी सुरक्षा की जरूरत है, जिससे राज्य में जमीन और नौकरियों के संबंध में स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा की जा सके.

Mohan Bhagwat-Amit Shah PTI

अनुच्छेद 370: संघ के सपने को पूरा करने के लिए संविधान को तार-तार कर दिया गया

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न सिर्फ अनुच्छेद 370 की आत्मा को ख़त्म किया, बल्कि एक कदम आगे बढ़ते हुए पूरे राज्य के अस्तित्व को समाप्त करते हुए इसे दो हिस्सों में बांट दिया, जहां कानून-व्यवस्था और ज़मीन जैसे अहम मसलों पर फैसला नई दिल्ली में बैठे नौकरशाहों द्वारा लिया जाएगा.

Srinagar Police Reuters

कश्मीर के भूगोल पर तो कब्ज़ा किया जा सकता है, पर कश्मीरियत का क्या होगा?

असुरक्षा का भाव समाज के सैन्यकरण की स्वीकृति का अनिवार्य तत्व होता है. सांप्रदायिक राजनीति उसके भीतर भी असुरक्षा बोध खड़ा करती है जिसके पक्ष में वह दिखना चाहती है और उसके भीतर भी, जिसे वह शत्रु के रूप में चित्रित करती है. कश्मीर में असुरक्षा की भावना का इस्तेमाल कश्मीरी हिंदुओं और कश्मीरी मुसलमानों दोनों के ख़िलाफ़ होता आ रहा है.

जम्मू कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद. (फोटो साभार: फोसबुक)

कश्मीर: नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बीच आतंकी फंडिंग मामले में राशिद इंजीनियर गिरफ़्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक राशिद इंजीनियर से बीते कुछ दिनों से कश्मीरी अलगाववादियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद सहित पाकिस्तान से पैसे लेकर घाटी में तनाव फैलाने के संबंध में पूछताछ की जा रही थी.

Residents cross a street during restrictions in Srinagar. (Photo:Reuters)

आप कश्मीरियों को आंख दिखा सकते हैं, उनकी आंखों में देखकर बात करने का साहस नहीं रहा

जिन पर फैसले का असर होने वाला हो, उन्हें अंधेरे में रखकर लिया गया कोई भी निर्णय किसी भी तर्क से उनके हित में नहीं हो सकता. अपनी सैन्य शक्ति के बल पर अभिभावकत्व हासिल करना आपके दावे को किसी भी तरह जायज़ नहीं बना सकता.

करगिल में मंगलवार को हड़ताल के दौरान लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं. (फोटो साभार: ट्विटर/@asmitabee)

लद्दाख को केंद्र शासित क्षेत्र का दर्जा मिलने से लेह में जश्न, करगिल में हड़ताल

लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने से इलाके में विकास का मार्ग प्रशस्त होगा. वहीं, कांग्रेस के बागी नेता और पूर्व विधायक असगर अली करबालाई ने कहा कि हम धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर जम्मू कश्मीर को बांटे जाने के खिलाफ हैं.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर से बाहर रह रहे छात्रों और लोगों ने कहा, अनुच्छेद 370 ख़त्म करना तानाशाही

कश्मीर घाटी में रह रहे अपने परिवार से बात न होने पाने की वजह से लोग चिंतित. लोगों का कहना है कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने ऐसा फैसला किया है जिससे शांति स्थापित होने की जगह आक्रोश और भड़केगा.

लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल. (फोटो साभार: फेसबुक)

अनुच्छेद 370 पर फैसला लेकर कांग्रेस की गलतियों को सुधारा गया: लद्दाख के भाजपा सांसद

लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल ने कहा कि लद्दाख ने 71 साल तक केंद्र शासित प्रदेश बनने के लिए संघर्ष किया. यहां की भाषा, संस्कृति अगर लुप्त होती चली गई तो इसके लिए अनुच्छेद 370 और कांग्रेस ज़िम्मेदार हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फोटो साभार: ट्विटर/@PTIofficial)

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने पर पुलवामा जैसा हमला दोबारा हो सकता है: इमरान खान

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह ऐसा युद्ध होगा, जिसे कोई नहीं जीतेगा और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा.

Srinagar:  Security personnel guarding at Lal Chowk during curfew in Srinagar on Tuesday. PTI Photo by S Irfan      (PTI9_13_2016_000101B)

कश्मीर घाटी में 10,000 अतिरिक्त केंद्रीय बलों को तैनात करेगा केंद्र

पुलवामा हमले के बाद भी जम्मू कश्मीर में केंद्रीय बलों की 100 कंपनियां तैनात की गई थीं. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है, जो सैन्य विकल्प से नहीं सुलझेगी.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान. (फोटो: रॉयटर्स)

पाकिस्तान में 30 से 40 हज़ार आतंकवादी अब भी हैं: इमरान ख़ान

अमेरिका दौरे पर गए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने स्वीकार किया है कि पिछले 15 वर्षों में उनके देश में 40 आतंकी समूह सक्रिय रहे. उनका आरोप है कि पिछली सरकारों ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी समूहों के बारे में अमेरिका को सच नहीं बताया.

Shujaat Bukhari Photo The Wire

शुजात बुख़ारी की हत्या के एक साल बाद दर्द और सवाल दोनों ज़िंदा हैं

जून 2018 में भाजपा ने महबूबा सरकार से गठबंधन तोड़ते समय राज्यपाल शासन लगाने के कारणों में शुजात बुख़ारी की हत्या का ज़िक्र भी किया था. लेकिन, एक साल बाद भी बुख़ारी की हत्या का रहस्य बना हुआ है.

श्रीनगर में सोमवार को पैलेट गन से घायल लोगों ने इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल सबसे छोटी बच्ची हिबा निसार भी अपनी मां के साथ शामिल हुईं. (फोटो साभार: ट्विटर/@IshfaqA8065760)

जम्मू कश्मीर: पैलेट गन से घायल लोगों ने किया प्रदर्शन, इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग

पैलेट विक्टिम वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से श्रीनगर में किया गया प्रदर्शन. प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल सबसे छोटी बच्ची दो साल की हिबा निसार भी शामिल हुईं. कश्मीर घाटी में लोगों के प्रदर्शन को नियंत्रण के लिए सेना द्वारा अक्सर पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाता है.

नो फादर्स इन कश्मीर फिल्म के निर्देशक अश्विन कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

‘पिछले पांच सालों में ध्रुवीकरण ने कश्मीर मुद्दे की जटिलता को समझना और मुश्किल कर दिया है’

दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित और ऑस्कर के लिए नामित फिल्मकार अश्विन कुमार ने कहा कि कश्मीर दुनिया की कुछ ऐसी जगहों में से एक है, जहां सुंदरता और भय एक साथ मौजूद हैं.

Shopian: Security personnel stand guard outside a polling station during the fifth phase of Lok Sabha elections, in Shopian district, Monday, May 6, 2019. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI5_6_2019_000219B)

जम्मू कश्मीर: बुरहान वानी के गांव और पुलवामा-शोपियां ज़िले के 320 केंद्रों पर एक भी वोट नहीं पड़ा

जम्मू कश्मीर के पुलवामा और शोपियां ज़िले में सड़कें सुनसान रहीं, मतदान केंद्र लगभग ख़ाली पड़े रहे. पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने वाले आतंकी के गांव में सिर्फ़ 15 वोट डाले गए.

Mufti Arfa.00_29_42_17.Still003

कश्मीर का माहौल देखते हुए 10 फीसदी मतदान भी बड़ी बात है: महबूबा मुफ़्ती

लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र कश्मीर में मतदान, पीडीपी और भाजपा के बीच हुए गठबंधन पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

03 May URDU WALA CHASHMA

उर्दू वाला चश्मा: कश्मीर- एक ताज़ा नज़रिया

उर्दू वाला चश्मा की इस कड़ी में नूपुर शर्मा कश्मीर मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं. साथ ही उन्होंने पत्रकार और लेखक डेविड देवदास से भी बात की, जो कश्मीर पर किताबें लिख चुके हैं.

Media Bol 94

मीडिया बोल: चुनाव में कश्मीर- सत्ता का सच या नेता का झूठ

भाजपा और कांग्रेस दोनों के घोषणा-पत्र में कश्मीर को लेकर वादे किए गए हैं. जहां भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा, वहीं कांग्रेस ने कश्मीर समस्या के समाधान की बात की. मीडिया बोल की इस कड़ी में उर्मिलेश कश्मीर को लेकर किए इन वादों पर फिल्मकार संजय काक और वरिष्ठ पत्रकार सैयद नज़ाकत हसन से चर्चा कर रहे हैं.

Jammu: Army personnel patrol a street during a curfew, imposed after clashes between two communities over the protest against the Pulwama terror attack, in Jammu, Saturday, Feb. 16, 2019. (PTI Photo)(PTI2_16_2019_000057B)

जम्मू कश्मीर: राजनीतिक दलों की शिकायत के बाद 400 से ज़्यादा नेताओं की सुरक्षा बहाल

बीते 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के एक काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद प्रशासन द्वारा कई राजनीतिक और अलगाववादियों नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई थी.

Pakistani-POWs-1971

क्यों भारत ने 1971 के युद्ध के बाद 93,000 पाकिस्तानी युद्धबंदियों को रिहा किया था

1971 में पाकिस्तान के सरेंडर के बाद इंदिरा गांधी की सबसे बड़ी चिंता मुजीबुर्रहमान की हिफ़ाज़त थी. पाकिस्तानी युद्धबंदियों की रिहाई वो क़ीमत थी, जो उन्होंने इस बांग्लादेशी नेता की सुरक्षित वापसी के लिए ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो को चुकाई थी.

शाह फैसल (फोटो साभार: एएनआई)

जम्मू कश्मीरः पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने बनाई नई पार्टी, शेहला राशिद भी शामिल

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने कश्मीर में लगातार हो रही हत्याओं और भारतीय मुसलमानों के हाशिये पर होने का आरोप लगाते हुए जनवरी में पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

बालाकोट हमला लोकसभा चुनाव जीतने के मक़सद से ही किया गया: फ़ारूक़ अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह माना जा रहा था कि चुनाव से पहले पाकिस्तान के साथ टकराव होगा ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे अवतार के रूप में सामने आ सकें, जिसके बिना भारत का गुज़ारा हो ही नहीं सकता.

nehru-hero-image

जब नेहरू ने कहा- वही संस्कृति के बारे में सबसे ज़्यादा बात कर रहे हैं, जिनमें इसका क़तरा तक नहीं है

पुस्तक अंश: 1950 में नेहरू ने लिखा, ‘यूपी कांग्रेस कमेटी की आवाज़ उस कांग्रेस की आवाज़ नहीं है, जिसे मैं जानता हूं, बल्कि यह उस तरह की आवाज़ है जिसका मैं पूरी ज़िंदगी विरोध करता रहा हूं. कुछ कांग्रेसी नेता लगातार ऐसे आपत्तिजनक भाषण दे रहे हैं, जैसे हिंदू महासभा के लोग देते हैं.’

Pokhran: Fire Power Demonstration (FPD) of Indian Air Force (IAF) fighter plane during the 'VAYU SHAKTI-2019' at Pokhran, Rajasthan, Saturday, Feb 16, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_16_2019_000150B)

प्रधानमंत्री का सेना को एक ख़तरनाक नाटकीय मुहिम में उतारना बेहद अपमानजनक है

बालाकोट एयर स्ट्राइक, कश्मीर और भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे मौजूदा तनाव पर अरुंधति रॉय का नज़रिया.

फोटो: रॉयटर्स

क्या पाकिस्तान मोदी की जीत के लिए जैश-ए-मोहम्मद का इस्तेमाल कर रहा है

पाकिस्तान के सांप्रदायिक एजेंडे के लिए नरेंद्र मोदी की एक और जीत से अच्छा कुछ नहीं हो सकता है. उनकी नीतियों ने पाकिस्तानियों को यह यक़ीन दिलाने का काम किया है कि भारत में मुस्लिम कभी भी सुरक्षित नहीं रह सकते हैं.

Jammu: Army personnel stand guard at Gujjar Nagar area during a curfew, imposed on the third day after the clash between two communities over the protest against the Pulwama terror attack, in Jammu, Sunday, Feb. 17, 2019. (PTI Photo)(PTI2_17_2019_000035B)

पुलवामा हमले का असर: इधर से टमाटर नहीं जाएगा, उधर से छुहारा और आम नहीं आएगा

पुलवामा आतंकी हमले को लेकर मध्यप्रदेश के किसानों ने पाकिस्तान को टमाटर की आपूर्ति से इनकार कर दिया है, जबकि कारोबारियों ने घोषणा की है कि वे पाकिस्तान से आयातित छुहारा, सेंधा नमक और आम नहीं बेचेंगे.

Narendra Modi Reuters featured

आम चुनावों में पहली बार कश्मीर मुद्दे का पूरी तरह राजनीतिकरण होगा

पुलवामा हमले के बाद हालात ऐसे हैं कि भाजपा इसका राजनीतिक लाभ लेने के लोभ से बच ही नहीं सकती. नरेंद्र मोदी के लिए इससे बेहतर और क्या होगा कि नौकरियों की कमी और कृषि संकट से ध्यान हटाकर चुनावी बहस इस बात पर ले आएं कि देश की रक्षा के लिए सर्वाधिक योग्य कौन है?

Srinagar: Jammu and Kashmir Governor Satya Pal Malik during an Interview with PTI, in Srinagar, on Tuesday, October 16, 2018. ( PTI Photo/S Irfan)(Story No. DEL 66)(PTI10_16_2018_000159B)

जम्मू कश्मीर: 18 अलगाववादियों, 155 नेताओं का सुरक्षा कवर हटाया गया

इससे पहले 17 फरवरी को जम्मू कश्मीर प्रशासन ने मीरवाइज उमर फारूक के साथ चार अन्य अलगाववादी नेताओं शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन और अब्दुल गनी भट की सुरक्षा वापस ले ली थी.