कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (फोटो: पीटीआई)

क्या केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बालाकोट हमले के सबूत के तौर पर ग़लत ख़बर का हवाला दिया?

14 मार्च को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बालाकोट एयरस्ट्राइक पर सरकार का समर्थन न करने का आरोप लगाते हुए वायुसेना की सफल कार्रवाई के प्रमाण के बतौर एक वीडियो का हवाला दिया था. ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल के अनुसार यह वीडियो बालाकोट से संबंधित नहीं है.

उत्तर प्रदेश के उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज (फोटो साभार: फेसबुक)

यह देश का आख़िरी लोकसभा चुनाव, 2024 में नहीं होंगे चुनाव: साक्षी महाराज

पिछले साल सितंबर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि हम 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने जा रहे हैं और 2019 का चुनाव जीतने के बाद अगले 50 सालों तक कोई भी हमें हटा नहीं पाएगा. यह बात हम घमंड के कारण नहीं बल्कि अपने काम के बल पर बोल रहे हैं.

India's Prime Minister Narendra Modi visits the National Cemetery in Seoul, South Korea, February 22, 2019. REUTERS/Kim Hong-Ji

राष्ट्रवाद की आड़ लेकर सवालों को दबाया जा रहा है

मीडिया का एक बड़ा तबका, जिसका धर्म सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछना होना चाहिए, घुटने टेक चुका है और देश के कुछ सबसे शक्तिशाली लोगों ने चुप्पी ओढ़ ली है, लेकिन आम लोग ऐसा नहीं करने वाले हैं. उनकी आवाज़ ऊंचे तख़्तों पर बैठे लोगों को सुनाई नहीं देती, लेकिन जब वक़्त आता है वे अपना फ़ैसला सुनाते हैं.

Court Hammer (2)

उच्च न्यायालयों के प्रत्येक न्यायाधीश के सामने लगभग 4,500 मामले लंबित: सरकार

राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड के अनुसार, निचली अदालतों में 5,135 न्यायिक अधिकारियों की कमी है जबकि उच्च न्यायालयों में 384 न्यायाधीशों की कमी है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi with the Chief Justice of India, Justice Shri Dipak Misra at the valedictory function of the National Law Day celebrations, in New Delhi on November 26, 2017.

क्या सरकार को हुज़ूर नहीं जी हुज़ूर जज चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट के चार मुख्य न्यायाधीशों और चार पूर्व जजों ने जजों की नियुक्ति पर सरकार के हस्तक्षेप को लेकर चिंता जताई है. ये सभी जज कांग्रेस के महाभियोग के प्रस्ताव को भी ख़ारिज कर चुके हैं. इनका सवाल है कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कॉलेजियम के प्रस्ताव को ठुकराने की अनुमति सरकार को कैसे दे दी?